/भाजपा ने की मतंग सिंह की गिरफ्तारी की मांग, कांग्रेस ने कहा “नो एंट्री”

भाजपा ने की मतंग सिंह की गिरफ्तारी की मांग, कांग्रेस ने कहा “नो एंट्री”

भारतीय जनता पार्टी ने हमार टीवी, फोकस टीवी तथा एनई टीवी समूह के मालिक मतंग सिंह को अविलंब गिरफ़्तार करने की मांग की है। गुरूवार को पार्टी के संगठन महामंत्री और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों के प्रभारी पी. चंद्रशेखर ने सरकार से मांग की कि सरकार मतंग सिंह को फौरन गिरफ्तार करे।
चंद्रशेखर के मुताबिक उनकी पार्टी चाहती है कि मतंग सिंह की सारी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए। मीडियादरबार.कॉम से बातचीत करते हुए चंद्रशेखर ने कहा, “मतंग सिंह पर पहले से ही कई मामले हैं.. विभिन्न योजनाओं के लिए बैंकों में उनके 500 करोड़ रुपए हैं… वो डिफाल्टर की स्थिति में हैं.. उन्होंने न सिर्फ पत्रकारों का पैसा मारा है, बल्कि लोगों के पैसे से अपनी संपत्ति बनाने की कोशिश की। कांग्रेस द्वारा फिर से उन्हें पार्टी में शामिल करना, पार्टी के चरित्र को दिखाता है। उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनकी प्रॉपर्टी को जब्त किया जाना चाहिए।”

जब मीडियादरबार ने पी. चंद्रशेखर को मतंग सिंह के कांग्रेस में शामिल नहीं किए जाने के बारे में बताया तो उनका कहना था कि यह सब नाटक का हिस्सा है। उन्होंने पूछा कि अगर मतंग सिंह को कांग्रेस में नहीं शामिल किया गया है तो पार्टी के दो नेता अलग-अलग बयान कैसे दे रहे हैं?

गौरतलब है कि अभी हाल ही में सीबीआई इनकम टैक्स और ईडी की टीम ने मतंग सिंह के दिल्ली स्थित आवास और नोएडा में उनके मीडिया हाउस पर छापा मारा था। भाजपा ने आरोप लगाया है कि वह बड़े पैमाने पर कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं में शामिल हैं, लेकिन सरकार उन्हें बचाने में जुटी है।

हाल ही में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के हवाले से खबर आई थी कि मतंग सिंह को कांग्रेस ने फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है लेकिन पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इसका खंडन कर दिया। जब पत्रकारों ने पार्टी प्रवक्ता शकील अहमद से इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था, “यह तो तय है कि मतंग सिंह कांग्रेस में नहीं लिए गए हैं, अब किसने क्या कहा इस बारे में कोई चर्चा नहीं की जा सकती।”

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.