/अब ममता के राज में छात्राओं से दुष्कर्म…

अब ममता के राज में छात्राओं से दुष्कर्म…

हरियाणा, गुवाहाटी और छत्तीस गढ़ में बालिकाओं से दुराचार के मामलों में पूरे तौर पर जाँच होने से पहले ही महिला मुख्य मंत्री ममता बनर्जी के राज्‍य पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है तो वहीं वीरभूम जिले में दो स्‍कूल टीचर पर एक छात्रा के कपड़े उतरवाकर तलाशी लेने का आरोप है।

मालदा जिले के कलियाचक स्थित एसएस प्‍वाइंट रेजिडेंसियल स्‍कूल की हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने प्रिंसिपल नाजिब शेख पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। मामला तब सामने आया जब सातवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा के पिता ने पुलिस स्‍टेशन में शिकायत दर्ज कराई। प्रिंसिपल पर

आरोप है कि उसने लड़कियों को शराब पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी प्रिंसिपल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा बताया जा रहा है।

 प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्कूल के हॉस्टल में 30 छात्राएं रहती हैं। आरोप है कि हॉस्टल इंचार्ज नाजिब अली भी उन लड़कियों के साथ अक्सर दुष्कर्म करता था। शुक्रवार दोपहर को सातवीं की एक छात्रा को खांसी आनी शुरू हुई। खांसी की दवा देने के नाम पर प्रिंसिपल ने उसे शराब पिला दी। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। लड़की की तबीयत खराब होने की खबर पर उसके पिता हॉस्टल पहंचे। तब बेटी ने पिता को आपबीती बताई। इसके बाद सभी छात्राओं को लेकर वह शुक्रवार रात थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जब हॉस्‍टल में गई तो वहां रहने वाली अन्‍य छात्राओं ने भी प्रिंसिपल पर ऐसे आरोप लगाए।

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए थाने का घेराव किया। उनका आरोप था कि आरोपी सत्तारूढ़ दल से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस कार्रवाई से बच रही है। आरोपी प्रिंसिपल अब भी फरार है। समाज कल्‍याण मंत्री सावित्री मित्रा ने माल्‍दा के डीएम और एसपी से मामले की जांच करने को कहा है।

वहीँ वीरभूम जिले के सिउड़ी थाना स्थित कालीगति स्मृति नारी शिक्षा निकेतन स्कूल की दसवीं की छात्रा ने दो महिला टीचर पर कपड़ा उतरवाकर तलाशी लेने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी महिला टीचर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.