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कांडा का कांड – गीतिका शर्मा को यौन प्रताड़ना से बचने के लिए आत्महत्या करनी पड़ी…

By   /  August 6, 2012  /  1 Comment

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लगता है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ऐसे रंगीन मिजाज़ लोगों का समूह बन चुकी है, जो अनाथ बच्चियों से लेकर होनहार युवतियों तक को अपनी हवस का शिकार बनाने से नहीं चूकते. रोहतक अपना घर मामला हो या करनाल स्थित  अपना घर या फिर यमुना नगर बाल आश्रय गृह. सब जगह की एक ही कथा है. और तो और अंदरखाने खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी अपने परम मित्र विनोद शर्मा (जेसिका लाल  हत्याकांड के मुख्य अपराधी मनु शर्मा के पिता) के साथ रंगरेलियां और मौज मस्ती मारने के आरोपों से घिरे हैं. यह बात दीगर है कि उनके मुख्यमंत्री होने के कारण कोई इन आरोपों को जुबान पर नही लाता मगर देर सबेर यह आरोप सतह पर आ ही जायेंगे. अब ताज़ा आरोप उनके मंत्री मंडल के सदस्य गोपाल गोयल कांडा पर है कि उसने गीतिका शर्मा नामक एयर होस्टेस को इतना सताया कि उसने आत्महत्या कर ली.

पंजाब  के अमृतसर की एक होनहार युवती 24 वर्षीय एयर होस्टेस गीतिका शर्मा ने हरियाणा के गृह राज्य मंत्री गोपाल गोयल कांडा की हरकतों से तंग आकर शनिवार रात अशोक विहार फेज तीन स्थित अपने फ्लैट में पंखे से लटककर जान दे दी. दो पेज के सुसाइड नोट में गीतिका ने आरोप लगाया है कि मंत्री व उसकी कंपनी में तैनात अधिकारी अरुणा चड्ढा ने उसका गलत इस्तेमाल किया. पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है. इस संबंध में मंत्री से बात करने की कोशिश की गई, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया. हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मामले की जांच कराने की बात कही है.

गीतिका ने अशोक विहार स्थित कुलाची हंसराज पब्लिक स्कूल से 12वीं पास करने के बाद एयर होस्टेस का कोर्स किया था. वर्ष 2008 में उसने एमडीएलआर एयरलाइंस ज्वाइन कर ली थी. यह कंपनी गोपाल कांडा की है. अरुणा चड्ढा इसी कंपनी में उच्च पद पर है. पुलिस के अनुसार, कांडा अरुणा के माध्यम से ही लड़कियों को गलत तरीके से काम के लिए तैयार करवाता है. नौकरी के दौरान गीतिका की जान-पहचान गोपाल कांडा से हुई थी. कुछ समय बाद नौकरी छोड़ कर वह दुबई स्थित अमीरात एयरलाइंस में ट्रेनिंग के लिए चली गई थी.

गीतिका के चचेरे भाई गौरव के मुताबिक, गोपाल वहां भी उसे फोन कर परेशान करता था. उसने अमीरात एयरलाइंस को ईमेल कर उस पर तरह-तरह के आरोप लगाए, साथ ही उसके चरित्र पर भी सवाल खड़ा किया था. इसके बाद कंपनी ने गीतिका को बर्खास्त कर दिया था. कांडा उसे फोन कर धमकी देता था कि उसे सिर्फ उसी की कंपनी में काम करना है.

कांडा अपनी पत्नी के साथ पिछले वर्ष गीतिका के घर भी गया था. तब उसने उसके माता-पिता से कहा था कि गीतिका उसकी बेटी की तरह है. उसे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. इसके बाद गीतिका ने दूसरी बार एमडीएलआर कंपनी ज्वाइन कर ली थी. कांडा ने उसे कंपनी का निदेशक बना दिया था, लेकिन वह उसे गलत नीयत से परेशान करता रहा. उसकी हरकतों से तंग आकर गीतिका ने परिजनों को पूरी बात बता दी थी. लेकिन परिजनों ने कांडा के राजनीतिक रुतबे से डर कर विरोध नहीं किया था.

कुछ महीने बाद उसने नौकरी भी छोड़ दी थी. पिता दिनेश के मुताबिक, शनिवार शाम तक गीतिका सामान्य थी. डेढ़ बजे रात तक वह सामान्य दिनों की तरह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए चली गई थी. रविवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे जब वह नहीं जागी तब पिता ने उसके दरवाजे को खटखटाया. कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर खिड़की से झांक कर देखा गया तो वह चुन्नी के सहारे पंखे से लटकी हुई थी.

पड़ोसियों का कहना है कि जब वे लोग देर रात खाना खाकर टहलने निकलते थे तो अक्सर लाल बत्ती लगी हरियाणा नंबर की दो तीन-गाड़ियां पार्क के पास खड़ी रहती थीं. उनमें सुरक्षा गार्ड व एक सफेदपोश व्यक्ति रहता था, हो सकता है कांडा ही यहां गलत नीयत से आते हों. गीतिका मूलरूप से अमृतसर की रहने वाली थी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. ankit says:

    इस गोपाल कांदा को हरियाणा से ही नहीं अपनी इंडिया से आउट कर देना चाहिए बेकाउसे ऐसे गंदे मिनिस्टर की पहले रेड कलर की लाइटजो सर्कार की तरफ से मिली हुई है और पॉवर भी चीन लेनी चाहिए,क्या हमारे law में इस क्रीमे की कोई पुनिश्मेंट है या भी नहीं है,always देखा गया है की जिस पर पॉवर होती है वो हमन हमेशा बच जाता है ,बजह है पॉवर atleast हमारे यहाँ के pcs j जुदिसिअल बिचक जाते है अगर ये लोग न बीके तो देश की लडकियों और महिलायों की ये दशा और ऐसे गलत कदम न उठाये और इंडिया की सबसे बड़ी trustable महिला आयोग कहा गया ?सिर्फ नाम की महिला आयोग है अगर रियल में strickly decision लेना है सर्कार को और महिला आयोग को तो गोपाल हंडा को सुस्पेंद और कड़ी से कड़ी सजा दिलानाने की कार्यवाही करे

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