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किंगफिशर एयरलाइंस के विमानों पर कब्जे की खींचतान..

By   /  August 7, 2012  /  1 Comment

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यूनाइटेड ब्रेवरीज समूह के कर्ता धर्ता विजय माल्या द्वारा दो हज़ार तीन में अपने इकलौते पुत्र सिध्दार्थ माल्या को उसके जन्मदिन पर दी गई बेशकीमती सौगात किंगफिशर एयरलाइंस बिलकुल तबाह हो चुकी है तथा अब किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा किराये पर लिए गए विमानों पर किसका कब्जा रहे इसे लेकर एएआई और लीजदाता कम्पनियों में खींचतान शुरू हो गई है. भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआइ) ने चेन्नई हवाई अड्डे पर खड़े किंगफिशर के छह विमानों को लीजदाताओं को लौटाने से इन्कार कर दिया है.

किंगफिशर लीज पर लिए गए इन विमानों का लम्बे समय से किराया नहीं चुका पाई है.  इसके चलते किंगफिशर एयरलाइंस को किराये पर विमान देने वाले लीजदाता इन विमानों को वापस माग रहे हैं. मगर एएआइ ने इन विमानों को देने से साफ इन्कार कर दिया है क्योंकि उसे भी एयरलाइंस से लैंडिंग और पार्किंग फीस के रूप में करीब 300 करोड़ रुपये वसूलने हैं. एक लीजदाता ने एएआइ को विमान वापस हासिल करने के लिए कानूनी नोटिस भी जारी किया है.

एएआइ के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्राधिकरण अपनी रकम वसूलने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है. किंगफिशर पिछले पाच माह से अपने कर्मचारियों को वेतन का भुगतान भी नहीं कर पाई है. किंगफिशर एयरलाइंस पर एएआइ के अलावा तेल कंपनियों, लीजदाताओं, सरकार के कर आदि के सैकड़ों करोड़ रुपये बकाया हैं. दूसरी तरफ किंगफिशर के प्रवक्ता इस मामले पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं.

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. Azam Shaikh says:

    yeh to sharm ki baat hai aae aur hindustan government ke liye. kyonki sarkari banks apana loan vasul karane ke liye garibo ke ghar japt karati hai lekin kingfisher ko sahulat di hai aur vasuli ke liye abhi tak soch rahi hai.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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