/तस्वीरों ने फोड़ा कांडा का भांडा, जायेगा जेल..

तस्वीरों ने फोड़ा कांडा का भांडा, जायेगा जेल..

दिल्‍ली की एयरहोस्‍टेस गीतिका की खुदकुशी के मामले में गोपाल कांडा हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मंत्री पद से बर्खास्त करने की धमकी मिलने के बाद गृह राज्य मंत्री पद से इस्तीफ़ा तो दे दिया मगर वे अपने आपको गीतिका शर्मा प्रकरण में पाक साफ बता रहे हैं मगर गीतिका शर्मा के परिवार वालों ने मीडिया के समक्ष कुछ तस्वीरें पेश कीं. यह तस्वीरें मुंबई होटल ताज में खिंचवाई गई थी. इन तस्वीरों में गीतिका, उसके माता-पिता को गोपाल कांडा और उसकी बेटी को साफ देखा जा सकता है. जबकि कांडा ने रविवार को गीतिका और उसके परिवार के सदस्यों से रिश्तों की बात से इनकार कर दिया था.

सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा गोपाल कांडा पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है और सोमवार को कांडा से दिल्ली पुलिस ने उनके गुड़गांव स्थित आवास पर पूछताछ की है. सूत्रों के अनुसार किसी भी वक्त गोपाल कांडा की गिरफ्तारी हो सकती है.

बेटी की मौत के बाद दर्ज कराई गई एफआईआर में गीतिका की मां अनुराधा ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद से कांडा गीतिका पर दोबारा कंपनी ज्वाइन करने का दबाव डाल रहा था. गीतिका को तनाव में देखकर अनुराधा ने 4 अगस्त को कांडा को फोन मिलाया, लेकिन कांडा ने फोन नहीं उठाया. कुछ समय बाद कांडा ने खुद फोन किया. फोन पर उन्होंने कांडा से पूछा कि वह किन कागजातों पर बेटी के दस्तखत कराने का दबाव बना रहा है. जिस पर कांडा ने अनुराधा को धमकाते हुए कहा कि अगर गीतिका ने दफ्तर आकर कागजात पर दस्तखत नहीं किए तो वह हरियाणा में उन पर केस दर्ज करा देगा. 
गीतिका के भाई अंकित शर्मा के मुताबिक दुबई की अमीरात एयरलाइंस में कार्यरत गीतिका को निकवालने के लिए कांडा ने गुड़गांव के एक एसएचओ की मदद ली.
अंकित के मुताबिक एसएचओ ने कंपनी को एक फर्जी ई-मेल भेजा, जिसमें लिखा था कि गीतिका फ्रॉड है और उस पर जल्द ही भारत में केस रजिस्टर होने वाला है. इसके बाद अमीरात एयरलाइंस ने गीतिका शर्मा को बर्खास्त कर दिया. गीतिका के लिए यह बहुत बड़ा सदमा था.

उधर, गोपाल कांडा ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘गीतिका शर्मा की मौत पर मुझे बहुत ज्यादा दुख है. मेरे पूरे परिवार को उनके परिवार की तरह ही सदमा लगा है. वे लंबे वक्त से मेरे साथ काम कर रही थी. मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि वे ऐसा कदम उठा सकती हैं. मैं खुद पर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह नकारता हूं. पिछले दो महीने से मेरे और गीतिका के बीच कोई बात नहीं हुई थी. वे अपनी पढ़ाई में व्यस्त थी और मैं अपनी राजनीति में. जब मैंने गीतिका से बात तक नहीं की थी फिर मैं उन्हें कैसे उकसा सकता हूं?’

 

गीतिका शर्मा द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के कुछ अंश:

मैं अंदर से बिखर चुकी हूं, लिहाजा आज मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रही हूं. मेरा भरोसा टूट चुका है, मेरे साथ धोखा हुआ है. दो व्यक्ति मेरी मौत के लिए जिम्मेदार हैं. अरुणा चड्ढा और गोपाल गोयल कांडा. दोनों ने मेरा भरोसा तोड़ा और अपने फायदे के लिए मेरा इस्तेमाल किया. उन्होंने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी और अब मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. मेरा परिवार बहुत भोला है. अरुणा और गोपाल गोयल झूठे, धोखेबाज और धूर्त हैं. वे अपने मकसद के लिए किसी को भी नुकसान या बर्बाद कर सकते हैं. मैंने उनको इसके लिए कई बार माफ किया है, जो मेरी सबसे बड़ी गलती थी.

 

विपक्षी पार्टियों के इस आरोप पर कि वे जांच को प्रभावित कर रहे हैं, इसके जवाब में कांडा का कहना है कि, ‘विपक्षी पार्टियां इस मौत को राजनीतिक मुद्दा बनाने पर उतारू हैं. मैं चौटाला जी से कहूंगा कि वे अपने गिरेबां में झांक कर देखे. वे अपने गिरेबान में झाकेंगे तो मेरे बारे में सोचना बंद कर देंगे. प्रदेश के मुख्यमंत्री रविवार को जैसे ही दिल्ली पहुंचे मैंने सबसे पहले मंत्री पद की गरिमा को बनाए रखने के लिए अपना इस्तीफा सौंप दिया. मैं जो भी कह रहा हूं पुलिस पूरी तरह उसकी जांच कर सकती है.’ इस बीच, पुलिस ने अरुणा नाम की उस महिला को भी पूछताछ के लिए मंगलवार को बुलाया है. अरुणा के बारे में गोपाल कांडा ने बताया है, ‘अरुणा गीतिका को अपनी बेटी की तरह मानती थी. पिछले करीब डेढ़ माह से गीतिका की अरुणा से कोई भी बात नहीं हुई थी. अरुणा गीतिका की सीनियर थी और दोनों के बीच अच्छे रिश्ते थे.’ गीतिका के परिवार वालों ने भी दावा किया है कि उनके कांडा के साथ पुराने रिश्ते थे. गीतिका के छोटे भाई अंकित शर्मा ने कहा है, ‘कांडा गीतिका को तब से परेशान कर रहा है, जब से उसने एमडीएलआर एयरलाइंस की नौकरी मई, 2010 में छोड़ी थी.’ पुलिस ने गीतिका की डायरी लैपटॉप और मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए सीज किया है. पुलिस ने सोमवार को गीतिका के परिजनों के बयान भी रिकार्ड किए. गीतिका के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकियां दी जा रही थीं. गीतिका की मां ने मीडिया से कहा, ‘हम लोगों को लगातार धमकी दी जा रही थी.’

महज 23 साल की उम्र में आसमान की बुलंदियों को छू चुकी गीतिका शनिवार देर रात इस तरह मौत की गोद में सो जाएगी इसकी कल्पना शायद परिवार में किसी ने नहीं की थी. गीतिका ने एक आम लड़की की तरह बड़े-बड़े सपने देखे थे.सपनों को साकार करने में वह तकरीबन कामयाब भी रही, लेकिन हरियाणा के कद्दावर नेता गोपाल गोयल कांडा के गीतिका की जिंदगी में आने के बाद से ही धीरे-धीरे उसकी जिंदगी तबाह होती चली गई और अंतत: उसने मौत को गले लगाना ही उचित समझा. चचेरी बहन की मौत से गमगीन गौरव बताते हैं कि स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद गीतिका ने एयर होस्टेस बनने का सपना देखा. इसके लिए उसने मेहनत भी की. एयर होस्टेस का कोर्स पूरा करने के बाद गीतिका को एक नामी एयरलाइंस कंपनी में नौकरी भी मिल गई. सपनों को साकार होता देख गीतिका बेहद खुश थी, लेकिन यह खुशी उसकी जिंदगी में ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकी. कुछ समय तक नौकरी करने के बाद उसने गोपाल गोयल कांडा की कंपनी एमडीएलआर ज्वाइन कर ली. अभी नौकरी करते हुए साल भर ही बीता था कि कांडा ने गीतिका पर गंदी नीयत डालनी शुरू कर दी. उसने घर वालों को इसके बारे में बताया, तो उसकी नौकरी छुड़वा दी गई. इसके बाद भी कांडा लगातार गीतिका को फोन और एसएमएस के माध्यम से तंग करता रहा. गीतिका नौकरी छोड़कर अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने लगी. इसी बीच उसका सेलेक्शन दुबई की नामी अमीरात एयरलाइंस में हो गया. उसने दुबई जाकर बतौर ट्रेनी कंपनी ज्वाइन की, लेकिन कांडा ने वहां भी शांति से गीतिका को नौकरी नहीं करने दी.

गौरव के मुताबिक कांडा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उसे अमीरात एयरलाइंस से निकलवा दिया. नौकरी छूटने के बाद वर्ष 2011 में कांडा अपनी पत्नी के साथ अशोक विहार स्थित उनके घर आ गया. उसने गीतिका के माता-पिता से बातचीत कर उसे दोबारा नौकरी पर आने का न्योता दिया. काफी मनाने पर गीतिका के माता-पिता बेटी को दोबारा काम पर भेजने के लिए राजी हो गए. लेकिन अब भी कांडा की गंदी नीयत गीतिका पर कम नहीं हुई.

परिजनों के मुताबिक गीतिका ने उन्हें कांडा के गंदे इरादों के बारे में बताया तो उन्होंने करीब डेढ़ माह पहले गीतिका को नौकरी से हटा लिया. इसके बाद से कांडा उन्हें लगातार तंग कर रहा था. गौरव ने बताया कि हद तो तब हो गई जब कांडा एमबीए की पढ़ाई कर रही गीतिका के परीक्षा केंद्र तक पहुंच गया. गीतिका अंदर ही अंदर सब कुछ झेलती रही और अंतत: शनिवार देर रात को अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया. इतने समय से गोपाल के खिलाफ कोई शिकायत न किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर परिजनों का कहना था कि हरियाणा के कद्दावर नेता और हरियाणा न्यूज़ चैनल के मालिक की शिकायत करने से वह घबरा गए थे. इसके चलते उन्होंने गीतिका की नौकरी छुड़वाना ही बेहतर समझा

गीतिका के परिवार वालों ने सोमवार को पुलिस पर कांडा को बचाने का आरोप लगाया और कांडा को फांसी देने की मांग करते हुए मामले की तफ्तीश सीबीआई को सौंपने की मांग भी की.

दिल्ली पुलिस ने गीतिका के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया. सोमवार को लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल में तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.