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स्टेरोइड: देखन में सुन्दर लगे, घाव करे गंभीर

-कनुप्रिया गुप्ता||
आदित्य की माँ आजकल ज्यादा ही परेशान रहती है, कारण परेशान होने का है भी.  बेटा आजकल चिडचिडा होता जा रहा है, ना ठीक से बात करता है ना जवाब देता है,या तो लगातार खाता  रहता है या कुछ खाता ही नहीं, कभी इक बात करता है कभी अचानक से बात पलट देता है, निर्णय ठीक से नहीं ले पाता, यहाँ तक की डिप्रेशन का शिकार हो गया है. . . पर यही आदित्य की माँ कुछ दिन पहले बहुत खुश थी उनका दुबला पतला सा दिखने वाला आदित्य जबसे जिम जाने लगा था उसका व्यक्तित्व अचानक से निखर गया था, वजन बढ़ गया था, शरीर सुडौल हो गया था और वो आकर्षक दिखने लगा है, जो मिलता  उसके डोलो और बदलते शरीर  की तारीफ करता था और आदित्य की माँ फूली नहीं समाती.
फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ जो आदित्य का स्वभाव बदलने लगा ? बहुत पूछताछ के बाद एक दिन आदित्य ने बताया की वो जिम  में जाकर जल्दी बॉडी बनाने के लिए स्टेरोइड का प्रयोग करने लगा था और ये सब शायद उसी का प्रभाव है.सुनने में ये सब आम सा लगता है ठीक है स्टेरोइड लिए हैं तो साइड इफेक्ट हुए जब लेना बंद होगा तो तकलीफ कम हो जाएगी. पर ऐसा है नहीं. बाहरी सुन्दरता और शरीर शोष्ठ्व  बढ़ाने के लिए लिए गए ये स्टेरोइड हमारे शरीर को अन्दर ही अन्दर बीमार बनाने लगते हैं और एक समय आता है जब आप अगर इन्हें लेते रहते हैं तो शरीर पर उल्टा प्रभाव पड़ता है और लेना बंद करते हैं तो भी शारीरिक समस्याएं झेलनी पड़ती है. कुल मिलकर इंसान फंसता ही चला जाता है इस दलदल में.इक समय था जब सुन्दर दिखने का शौक सिर्फ लड़कियों के खाते में आता था  फिर लडको में भी इसका चस्का लगा और अच्छा दिखने के लिए अलग अलग उपाय करना उनकी भी आदतों में शुमार होने लगा ये दोनों ही समय आज भी चल ही रहे हैं मतलब सुन्दरता के प्रति लड़कियों का मोह कम नहीं हुआ बढ़ा ही है और यही बात लडको पर भी लागु होती है बस “सुन्दर” शब्द की परिभाषाएं  बदलती जा रही है.
मैं इन परिभाषाओं के बदलाव में नहीं पड़ना चाहती, ना सुन्दरता के मोह को गलत कहना चाहती हू पर स्टेरोइड  के प्रयोग से आने वाली सुन्दरता  या शरीर शोष्ठ्व  शरीर पर क्या दुष्प्रभाव डाल सकता है ये जान लेना बहुत जरुरी है  क्यूंकि शरीर अनमोल देन है इसे सुन्दर दिखाने के चक्कर में गलत तरीकों का इस्तेमाल सही नहीं माना जा सकता.

सामान्य तौर पर देखा जाए तो स्टेरोइड ऐसे कृत्रिम पदार्थ है  जो पुरुषों में सेक्स होरमोन (testosterone’s)  टेसटॉसटेरोंस को बढ़ाते हैं जिसके कारण उनकी मांसपेशियां तेजी से बढती है  कई बार लोग इन्हें वजन बढ़ाने और फैट कम करने के लिए भी लेते हैं. वेट लिफ्टिंग के साथ स्टेरोइड लेने से मांसपेशियों का आकार बढ़ता है पर इनके प्रयोग से  होने वाले  शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव इनके फायदों पर काफी भारी पड़ते हैं.

स्टेरोइड के प्रयोग से शरीर को होने वाले नुकसान (साइड इफेक्ट )

1.  अनियमित मानसिकता  (मूड स्विंग ):  स्टेरोइड के प्रयोग के बाद व्यक्ति  ज्यादा गुस्सेल प्रवृति दिखाने लगता है  या कभी कभी हिंसक भी हो जाता है इस के साथ कभी अवसाद के लक्षण भी देखे जाते हैं, इसी के साथ व्यक्ति कभी कभी एकदम शांत हो जाता है और घटनाओं के प्रति प्रतिक्रिया दिखाना कम कर देता है.

2.  एक्ने की समस्या: स्टेरोइड का लगातार प्रयोग शरीर में होरमोन पर असर डालता है जिससे तेल ग्रंथियों पर प्रभाव पड़ता है और फलस्वरूप एक्ने की समस्या बढ़ जाती है ये एक्ने ज्यादातर चेहरे,पीठ या कंधो पर होते हैं.

3.  बालों का झड़ना या गंजापन:स्टेरोइड के लम्बे समय तक प्रयोग से बालों का झड़ना बढ़ जाता है और गंजेपन की समस्या भी बढती दिखाई देती है.

4.  महिलाओं में समस्याएं: जाने अनजाने जो महिलएं स्तेरोइड्स लेती है उनके होने वाले बच्चो में शारीरिक समस्याएं देखने मिली हैं इसी के साथ कभी कभी महिलाओं में पुरुषोचित गुणों व प्रवृतियों का विकार होते भी देखा गया है.

5.  हाइपरटेंशन:  स्टेरोइड  के प्रयोग से हाइपरटेंशन के कई मामले भी सामने आए हैं इसी के साथ शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा तेजी से बढ़ने के मामले भी सामने आए हैं.

6.  पीलिया का खतरा बढ़ना:  स्टेरोइड लेने वाले लोगो में लीवर की खराबी, किडनी की खराबी और पीलिया के लक्षणों के बढ़ने  की सम्भावना  देखी गई है.

7.  अन्य समस्याएं: साँस की बदबू, पसीने के अधिक मात्रा  और पसीने की अत्यधिक  बदबू, चोट लगने पर असामान्य  रूप से खून का बहना,  ब्रेस्ट केंसर  का खतरा, चक्कर आना, केल्शियम की मात्रा बढ़ना, शरीर में दर्द, जोड़ो में दर्द, इनसोम्निया, अपच, हड्डियों में दर्द, मुह के अंदरूनी भाग में नीले धब्बे, तैलीय त्वचा, हार्ट अटैक, शारीरिक वजन सम्बन्धी समस्याएं, खून की खराबी, सेक्स सम्बन्धी समस्याएं, लगातार सरदर्द बने रहना  व ऐसी ही और कई समस्याएं या लक्षण देखे गए हैं.

शरीर को प्राकृतिक रूप से अच्छी खुराक लेकर  बेहतर बनाया जा सकता है या डॉक्टर की सलाह लेकर प्रयास किए जा सकते हैं, ये बात सच है की स्टेरोइड के प्रभाव से बेहतरीन बॉडी बनाई जा सकती है और लोग बनाते भी हैं पर इससे शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव बहुत ज्यादा है इसलिए बेहतर यही है कि इनका प्रयोग ना किया जाए. . . .

(कनुप्रिया मशहूर ब्लॉगर हैं )

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.