/मतंग सिंह के कांग्रेस में वापसी की झूठी खबर से पड़ी थी फोकस-हमार पर सीबीआई रेड?

मतंग सिंह के कांग्रेस में वापसी की झूठी खबर से पड़ी थी फोकस-हमार पर सीबीआई रेड?

खबर है कि फोकस और हमार टीवी को मालिक मतंग सिंह को कांग्रेस में शामिल किया ही नहीं गया है। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने मीडिया दरबार को साफ कहा कि मतंग सिंह की वापसी की खबर पूरी तरह मनगढ़त और गलत प्रचारित है। तिवारी के मुताबिक, “मैंने पार्टी में अच्छी तरह से जांच लिया है और मेरी जानकारी के अनुसार मतंग सिंह को पार्टी में दोबारा शामिल नहीं किया गया है ।”

बुरे फंसे..? (मतंग सिंह: फाइल)

खबर है कि पार्टी आलाकमान ने यह संदेश देने के लिए ही मतंग सिंह के नोएडा स्थित कार्यालय और दिल्ली के गोल मार्केट स्थित आवास पर सीबीआई और इनकम टैक्स की छापेमारी करवाई थी। उधर सूत्रों ने बताया कि रेड में इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) के अधिकारी भी शामिल थे। इतना ही नहीं, छापेमारी दिल्ली और नोएडा के अलावे एनई टीवी के असम और एचवाई टीवी के हैदराबाद स्थित ठिकानों पर भी होने की खबर है।

गौरतलब है कि मतंग सिंह ने हाल ही में अपनी कांग्रेस में वापसी का ऐलान किया था। कहा तो यहां तक जा रहा है कि मतंग सिंह ने कई चैनलों पर इस खबर को चलवाने के लिए मोटी रकम भी खर्च की थी।  अपने बयानों को लेकर विवादों में रहने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मीडिया में बयान भी दे दिया था कि मतंग सिंह पार्टी में शामिल कर लिए गए हैं।

अगर आप फेसबुक यूजर हैं तो मतंग सिंह के कांग्रेस में नहीं शामिल किए जाने की खबर इस लिंक पर देख सकते हैं-

http://www.facebook.com/video/video.php?v=10150325335345395

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.