/अरुणा को फंसा कर कांडा फरार…

अरुणा को फंसा कर कांडा फरार…

 गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में फंसे हरियाणा का पूर्व गृह राज्य मंत्री और हरियाणा न्यूज़ चैनल का मालिक गोपाल कांडा फरार हो गया है, जबकि दिल्‍ली पुलिस ने गीतिका की सीनियर अरुणा चड्ढा को गिरफ्तार कर लिया है. गीतिका की मौत का सच जानने के लिए दिल्ली पुलिस ने गोपाल कांडा को आज पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था लेकिन शाम होने तक उसका कुछ नहीं पता चला तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई है. दिल्‍ली पुलिस की चार टीमें हरियाणा में कई ठिकानों पर कांडा की तलाश कर रही है. कांडा के गुड़गांव स्थित फॉर्म हाउस पर भी पुलिस गई लेकिन पूर्व मंत्री का कोई पता नहीं चला. पुलिस ने कांडा की कंपनी के एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है.
पुलिस ने जब कांडा को पूछताछ के लिए बुलाया था तो उसने इसके लिए तीन दिन की मोहलत मांगी लेकिन पुलिस ने इनकार कर दिया. गोपाल कांडा के निजी सचिव देवकांत शर्मा ने कहा था कि कांडा आज पुलिस के सामने पेश होंगे. दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिले के डीसीपी पी. करुणाकरण ने कांडा के फरार होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘कांडा की तलाश में पुलिस की टीमें हरियाणा भेजी गई हैं. वह अभी तक नहीं मिले हैं। वह फरार हैं.’ डीसीपी बुधवार सुबह गीतिका के घर भी गए थे. बीजेपी के दिल्ली प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष भी गीतिका के घर गए थे.
कांडा ने दावा किया है कि एयर होस्टेस गीतिका शर्मा को उन्होंने एमबीए करने के लिए 7.50 लाख रुपये दिए थे (ब्याज अस्मत थी क्या?). गोपाल कांडा गीतिका के परिवार के साथ ‘पारिवारिक रिश्ते’ की बात पहले ही कुबूल चुका है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.