/करीना की डर्टी पिक्चर ‘हीरोइन’…

करीना की डर्टी पिक्चर ‘हीरोइन’…

-मीनाक्षी शर्मा||

विद्या बालन की डर्टी पिक्चर के बाद लगता है कि करीना को डर्टी गर्ल बनने का शौक चर्राया है. तभी तो करीना ‘हिरोइन’ फिल्म में एक ऐसी युवती का किरदार अदा कर रही है जो दो युवकों के साथ अन्तरंग सम्बन्ध बनाने से नहीं चूकती. अभिनेत्री करीना कपूर फिल्म ‘हीरोइन’ में मुख्य भूमिका में हैं और दो हीरो अर्जुन रामपाल और रणदीप हुडा उनके साथ हैं. दोनों के साथ करीना के  इंटिमेट सीन भी हैं. कहने का मतलब यह है कि फिल्म ‘हीरोइन’ में करीना ने वो सब किया है जो उन्होंने आज तक नही किया फिल्मों में. इससे पहले उन्होंने फिल्म ‘कुर्बान’ में ‘लव मेकिंग’ सीन किये थे, लेकिन यह सीन उन्होंने सैफ के साथ किये थे, जबकि इस फिल्म में करीना ने अर्जुन व रणदीप हुडा दो नायको के साथ ‘लव मेकिंग’ सीन किये हैं.

माही नाम हीरोइन की भूमिका अभिनीत कर रही हैं करीना फिल्म में. यही नहीं“हलकट जवानी” नाम का एक हॉट आयटम नंबर भी किया है उन्होंने और इसके अलावा सिगरेट के कश तो लगाए ही हैं गालियाँ भी दी हैं यानि करीना पूरी तरह विद्या बालन के पद चिन्हों पर चल रही हैं कहीं उनके पद चिन्हों पर चलकर राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने की तैयारी तो नही उनकी, क्योंकि विद्या ने भी ‘डर्टी पिक्चर’ में एक दक्षिण भारतीय डांसर जो की बाद में नायिका भी बनी की लाजवाब भूमिका अभिनीत की और सभी की वाह वाही ली. करीना भी बॉलीवुड की कई नायिकाओं के चरित्रों को अभिनीत कर रही हैं. विद्या के साथ फिल्म में तीन नायक थे जबकि करीना के साथ दो नायक हैं.

उस फिल्म को भी सेंसर ने बहुत सारे सीन एडिट करके ही रिलीज़ किया जबकि टी वी पर तो फिल्म को सेंसर ने दिखाने की अनुमति भी नही दी. फिल्म ‘हीरोइन’ के प्रोमो के साथ भी यही हुआ है. सुना है दो तरह के प्रोमो बनाए गए हैं. एक तो ठीक ठाक सा है जो सब देख सके जबकि दूसरा हॉट प्रोमो है, जिसमें बहुत कुछ ऐसा है जिसे केवल एडल्ट दर्शक ही देख सकते हैं.

कहीं फिल्म ‘हीरोइन’ करीना की डर्टी पिक्चर तो नही है वो “डर्टी पिक्चर’’ जो की सबको पसंद आयी. जो भी हो मधुर भंडारकर की फिल्म का सबको इंतज़ार रहता है क्योंकि उनकी फ़िल्में महिलाओं पर केंद्रित होती हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.