/अरुणा चढ्ढा ने करवाया था गीतिका शर्मा का गर्भपात..

अरुणा चढ्ढा ने करवाया था गीतिका शर्मा का गर्भपात..

गीतिका शर्मा आत्महत्या कांड में गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस की एच आर हेड अरुणा चढ्ढा ने दिल्ली पुलिस को धरा 161 के तहत दिए बयान में बताया है कि उसने गीतिका शर्मा का लाजपत नगर स्थित एक नर्सिंग होम में गर्भपात करवाया था. गौरतलब है कि अरुणा चढ्ढा तीन दिन से अदालती आदेश से दिल्ली पुलिस के रिमांड पर है. अरुणा चढ्ढा को आज फिर से कोर्ट में पेश कर रिमांड अवधि बढ़ने की मांग की जा सकती है.

अरुणा चढ्ढा के इस बयान से इन आशंकाओं को बल मिलता है कि अरुणा एमडीएलआर एयरलाइंस में काम कर रही लड़कियों को गोपाल कांडा के बिस्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती थी. हालाँकि गीतिका का परिवार अरुणा चढ्ढा के इस बयान को झठ बता रहा है.

दूसरी तरफ एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या कांड में छह दिन बाद भी आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस का बस एक ही जवाब है कि आधा दर्जन से ज्यादा टीमें कांडा की तलाश में दिल्ली, हरियाणा व गोवा में छापेमारी कर रही हैं.

यह हाल तब है जब खुद जिला डीसीपी पी. करुणाकरण की देखरेख में मामले की सारी जांच की जा रही है. पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई है. रिपोर्ट पर डीसीपी का कहना है कि फिलहाल इतना ही कह सकते हैं कि गीतिका की मौत फांसी लगाने से हुई है. अन्य कारणों को उजागर करना सामजिक दृष्टिकोण व न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं होगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुद्दे पर पुलिस का कहना है कि गीतिका की मौत फांसी लगाने से हुई है. गीतिका के गले पर वी शेप लिगेचर मार्क पाया गया है, जो फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में अमूमन पाया जाता है.

मौत का कारण एस्फिक्सिया बताया गया है, यानी सांस रुक जाने के कारण बाहर की ऑक्सीजन नहीं मिल पाना. उधर, परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ कांडा का भाई कह रहा है कि वह सोमवार को आत्मसमर्पण कर सकता है, वहीं दूसरी ओर पुलिस उसे ढूंढ ही नहीं पा रही है.

गीतिका के भाई अंकित शर्मा ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद से ही गीतिका पर लगातार नौकरी ज्वाइन करने का दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन वह इसके विरोध में थी. इसी वजह से अरुणा लगातार उसे फोन करती थी और ऑफिस आने के लिए कहती थी.

जब भी अरुणा का फोन गीतिका के पास आता तो वह परेशान होकर चिल्लाने लगती और हमेशा अरुणा को दोबारा फोन न करने की हिदायत देती थी. इसके अलावा एमडीएलआर का लीगल एडवाइजर अंकित आहलूवालिया भी लगातार गीतिका को फोन करके परेशान करता था.

कांडा की तलाश में आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस की टीमें कर रहीं हैं छापेमारी. हरियाणा और गोवा में की जा रही है गोपाल की तलाश. आत्महत्या के असल कारण को अभी तक नहीं जान सकी पुलिस.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी देने से बच रही है पुलिस. रिपोर्ट की जानकारी देने को न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं मान रही है पुलिस. पुलिस पर परिजनों ने लगाया कांडा को ढूंढने में लापरवाही का आरोप.

अंकित शर्मा का यह भी कहना है कि तीन अगस्त को जब गीतिका मुंबई में अपने भाई का फैशन शो देखने के लिए पहुंची थी, तो अंकित अहलूवालिया का फोन उसके मोबाइल पर आया था. उस फोन के बाद से ही गीतिका काफी परेशान हो गई थी. इसी परेशानी के साथ वह दिल्ली लौट आई थी.

गीतिका के भाई अंकित व मां अनुराधा शर्मा का कहना है कि नौकरी छोड़ने के बाद से लगातार आ रहे फोन व एसएमएस से वह काफी परेशान हो गई थी. गीतिका के लैपटॉप से कुछ लेटर भी मिले हैं, जिसमें ऐसी धमकियों का जिक्र है.

इस सिलसिले में अनुराधा के पास भी फोन आए थे. जब गीतिका से यह कहा जाने लगा कि यदि वह नहीं मानेगी तो उसके परिवार वालों को भी फंसा दिया जाएगा तब वो ज्यादा परेशान हो गई.

अंकित ने यह भी साफ किया कि कांडा ने कभी भी गीतिका के नाम पर न तो कोई बीएमडब्ल्यू कार और न ही दुबई में कोई जमीन खरीदी थी. इतना ही नहीं कांडा ने गीतिका को कोई बीएमडब्ल्यू कार भी नहीं दी थी.

ये सब बातें असल मामले को गुमराह करने के लिए सामने लाई जा रही हैं. जो लोग इन बातों पर ध्यान दे रहे हैं, वह कहीं न कहीं कांडा की मदद कर रहे हैं.

एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की आत्महत्या में एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं. गोवा में छापेमारी कर रही पुलिस ने कांडा की लिव इन पार्टनर रही आस्था सिंह के घर पर भी छापा मारा. अपने सुसाइड नोट में गीतिका ने कहा था कि कांडा के एक और लड़की से रिश्ते हैं और वो उसकी बेटी का बाप भी है.

आस्था सिंह को वही लड़की माना जा रहा है. यही नहीं साल 2009 में गीतिका को जब कांडा और आस्था के बीच रिश्तों के बारे में पता चला था तब उसने गोवा पुलिस में आस्था और फिल्म अभिनेत्री नुपुर मेहता के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई थी. इस एफआईआर में गीतिका ने आस्था और नुपुर पर चोरी और मारपीट का आरोप लगाया था.

गोवा में छापेमारी कर रही दिल्ली पुलिस को पता चला है कि गोपाल कांडा ने गीतिका को 65 लाख रुपये की मर्सडीज कार और एक हीरों का हार भी गिफ्ट किया था. वहीं गीतिका के परिवार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जब वह बीए का एग्जाम दे रही थी तो गोपाल कांडा उसका पीछा किया करता था. इसके लिए वह सिखों की तरह पगड़ी पहनकर एग्जाम हॉल तक गीतिका पर निगरानी रखता था.

परिवार वालों का दावा है कि कांडा को शक था कि गीतिका किसी और से प्‍यार करती है. परिवार वालों ने यह दावा भी किया है कि कांडा ने दुबई में गीतिका के नाम से संपत्ति भी खरीदी थी, जो यह बताता है कि गोपाल कांडा और गीतिका में बेहद नजदीकियां थीं. यह एक तरफ प्‍यार का मामला नहीं है. गीतिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक गीतिका के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं थे और उसकी मौत दम घुटने से हुई थी. दूसरी ओर, गोपाल कांडा के भाई गोविंद के हवाले से एक निजी टीवी चैनल ने दावा किया है गोपाल कांडा सोमवार को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में सरेंडर करेंगे. गोविंद का कहना है कि उनके भाई कानून का सम्मान करते हैं और वे कहीं भागे नहीं हैं. इस बीच, दिल्ली पुलिस की एक टीम कांडा की तलाश में गोवा भेजी गई है.

इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि कांडा को देश के एक एयरपोर्ट पर देखा गया है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वह कहीं विदेश तो नहीं भाग गया. गीतिका के भाई अंकित शर्मा ने गोपाल कांडा की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की. अंकित का कहना है कि अगर गोपाल कांडा सही है तो वह सामने आए है और जांच में शामिल हों.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.