/गोपाल कांडा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की…..

गोपाल कांडा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की…..

गीतिका शर्मा की आत्महत्या मामले में गोपाल कांडा ने रोहिणी अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है. इससे पहले पिछले दो-तीन दिनों से एमडीएलआर एयरलाइंस और हरियाणा न्यूज़ चैनल के मुखिया गोपाल कांडा का भाई गोविन्द कांडा लगातार मीडिया से कह रहा था कि गोपाल कांदा सोमवार को पुलिस के समक्ष प्रस्तुत हो जायेगा. गोविन्द कांडा का यह बयान सरासर झूठ निकला. गोपाल कांडा को यह एहसास हो चुका है कि अब उसके पापों का घड़ा फूट चुका है और उसमें से निकल रही पीप पूरे वातावरण में अपनी बदबू फैला चुकी है. पुलिस जाँच में गोपाल कांडा के खिलाफ  कई सबूत सामने आ रहे हैं.

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पुलिस ने बताया कि गीतिका ने जनवरी 2011 में कंपनी के शेयरों में हिस्सेदारी के बिना ही बतौर डायरेक्टर ज्वाइन किया था. उसके नियुक्ति पत्र में हर शाम कंपनी के एमडी को रिपोर्ट करने की शर्त रखी गई थी. पुलिस के मुताबिक, जिस दिन से कांडा फरार हुआ हैं तब से एमडीएलआर एयरलाइंस से संबंधित सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है. गोपाल कांडा और गीतिका के बीच में होने वाले ईमेल व्यवहार को भी डिलीट कर दिया गया है. सरकारी वकील ने बताया कि केवल अरुणा ही कंपनी के रिकार्ड बरामद करवा सकती है.

पुलिस ने अदालत में दिए बयान में कई सनसनीखेज राज फाश किए हैं. पुलिस ने बताया कि गीतिका ने जब अमीरात एयरलाइंस में नौकरी कर ली तो गोपाल कांडा ने उसे फर्जी मामले में फंसा दिया. साथ ही उसके दुबई से प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार से नकली कागजात बनवाए.पुलिस ने बताया कि कांडा किसी भी सूरत में गीतिका को कंपनी नहीं छोड़ने देना चाहता था. इसके लिए उसने पैसा, धमकी और अपनी ताकत को इस्तेमाल किया. अरुणा ने पुलिस को बताया कि वह इस मामले में कांडा के आदेश का पालन करती थी.

गीतिका ने 2008 में 18 साल की उम्र में एमडीएलआर एयरलाइंस 16000 रुपए प्रतिमाह में ज्वाइन की थी. इसके अगले साल उसकी सैलेरी में 17000 रुपए प्रतिमाह का इजाफा कर दिया गया. जब गीतिका ने एमडीएलआर एयरलाइंस छोड़ दी और दुबई में आमीरात एयरलाइंस में नौकरी कर ली तो कांडा ने भारत में उसके खिलाफ एक फर्जी मुकदमा कराया और गीतिका को वहां नौकरी नहीं करने दी. यही नहीं गोपाल कांडा ने आमीरात एयरलाइंस से कहा कि वे गीतिका को अपनी कंपनी से निकाल दें. इसके लिए उसने आधार दिया कि जब गीतिका ने एमडीएलआर छोड़ी तो उसके ऊपर कंपनी का 50000 रुपयों का लोन था. गीतिका आमीरात एयरलाइंस में मात्र 42 दिन काम कर पाई. इसके बाद उसने दोबारा से एमडीएलआर में नौकरी कर ली, वह भी 60000 रुपए प्रतिमाह पर.

जब 2011 में गीतिका ने अपनी एमबीए करने के लिए एमडीएलआर को छोड़ना चाहा तो उसे इसकी इजाजत नहीं दी गई. हालांकि इसके लिए कोर्स की फीस एमडीएलआर ने दी थी. गीतिका ने जब किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़ना चाहा तो गोपाल कांडा ने उसको ऐसा नहीं करने दिया. गोपाल कांडा, गीतिका को धमकाया करता था कि अगर वो उसकी बात नहीं मानेगी तो वो उसको गिरफ्तार करा देगा. पुलिस ने बताया कि जब गीतिका कंपनी छोड़ना चाहती, कांडा पहले गीतिका को कॉल करता था और फिर अरुणा को. वह अरुणा से कहता कि गीतिका पर नौकरी न छोड़ने के लिए दवाब डाले. एक बार तो अरुणा अशोक विहार स्थित गीतिका के घर भी पहुँच गई थी.

इस बीच, मामले में आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री कांडा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है. इससे पहले सोमवार को उनके अदालत में समर्पण की अटकलें लगाई जा रही थीं. कांडा ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए याचिका में कहा है कि गीतिका भावुक मानसिकता की थी और हमेशा उलझन में रहती थी जो उसकी आत्महत्या का कारण बना. 23 वर्षीय गीतिका ने कांडा और चड्ढा पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.