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मणिपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह में बम धमाके…

By   /  August 15, 2012  /  3 Comments

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इम्फाल से खबर आई है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मणिपुर में आज विभिन्न हिस्सों में हुए चार बम विस्फोटों में दो लोग घायल हो गए. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि थोबुल मेला ग्राउंड में हुए बम विस्फोट में दो लोग घायल हो गए. तीन अन्य बम विस्फोट सागोलबंद सालम लिकाई, तेलिपति और याईस्कूल में हुए. घायलों को समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है.
तीन जबर्दस्त बम विस्फोट यहां राजधानी परिसर में उस समय हुए, जब मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह पहली मणिपुर राइफल्स के परेड मैदान में मुख्य समारोह के दौरान भाषण दे रहे थे.

घायल चार लोगों की पहचान वाई मनाउ सिंह (52), सनबंता दास (22), आकोइजाम देवी (65) और निंगोबम मणिसम देवी (65) के रूप में हुई है. सूत्रों ने बताया कि इनकी हालत गंभीर बताई जाती है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ा करने के निर्देश दिए. माना जा रहा है कि बम काफी पहले लगाए गए होंगे.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Kunwar Sen says:

    ab isme kis ko dos denge.

  2. कश्मीर,आसाम,महारास्ट्र और अब मणिपुर जल रहा है !कमोबेश भारत का हर राज्य आतंक- बादियो,अलगाव -बादियो और माओ-बादियो की चपेट में है !ऐसे हालत में अन्ना हजारे जी को जन्लोक्पल की ,बाबा रामदेव जी को कला धन की ,केंद्र सर्कार को अपनी कुर्सी की और बिपक्षी डालो को कुर्सी पाने की चिंता है !अज भारत की नई पीढ़ी भगत सिंह ,चन्द्रसेखर आजाद जैसे सारे महापुरुषों के बारे में नहीं जानती ,उन्हें नहीं पता आज़ादी क्या होती है ,किसने दिलाई आज़ादी ,किसकी दिलाई आज़ादी पर pure देश में हम ६६वि आज़ादी मना रहे है !पहले लोग मरते थे भूख से ,अब लोगो को आतंक-बादी,अलगाव-बादि और मवबादी मर रहे है पर इसकी चिंता किसी दल या नेता,या रामदेव बाबा या अन्ना हजारे जी को नहीं है !ये सब देखकर हमारे महापुरुषों की आत्माए रो रही होगी और खुद से सवाल कर रही होगी की हमने अपना बलिदान किउँ और किस के लिए दिया !ये सब देख्लर मुझे शक होने लगता है की क्या सचमुच मै बरे-बरे उन महाबलिदानियो के देश में जनम लिया है क्या यही भारत है ?

  3. Shrawan kumar Akela says:

    All Indian people do you celebrate 66th INDEPENDENCE day.

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