/रिलीज़ के लिए तैयार है फिल्म 2 नाइट्स इन सोल वैली

रिलीज़ के लिए तैयार है फिल्म 2 नाइट्स इन सोल वैली

इस साल के अंत में रिलीज होगी फिल्म २ नाइट्स इन सोल वैली ऐसा कहना है फिल्म के निर्देशक हरीश शर्मा का. पी आर ओ से फिल्म निर्देशक बने हरीश शर्मा अपनी इस फिल्म २ नाइट्स इन सोल वैली के बारे में बताते हुए कहते हैं कि, “क्या कभी किसी ने ऐसी डरावनी फिल्म के बारें में सोचा है जो बिना किसी खून खराबे या डरावने चेहरों के बनी हो ? नही न, लेकिन आप जल्दी ही देख सकते हैं मेरी फिल्म २ नाइट्स इन सोल वैली  और कह सकते हैं क्योंकि मैंने ऐसी ही एक फिल्म बनाई है जिसमें कोई भी खून खराबा नही है और न ही एक भी ऐसा भद्दा चेहरा है जो कि आज तक हर हॉरर फिल्मों की पहचान बना हुआ था.”

 

लेखक व निर्देशक हरीश शर्मा ने अपनी इस फिल्म में उतराखंड स्थित पिथौरागढ़ की एक सच्ची घटना को दिखाया है, जो बहुत ही सस्पेंस व रोमांच भरी है. उनका कहना है कि, ‘मैंने  सच्ची  व अलौकिक घटना  पर एक  डरावनी फिल्म बनाने का फैसला किया. मेरी इस फिल्म की सबसे खासियत यह है  कि यह   आम सुपर नैचुरल फिल्म की तरह नही है  लेकिन इसमें बहुत कुछ ऐसा   है जिसे देखकर आप  सभी  सिहर उठेगें व अपनी – अपनी कुर्सियों पर बैठे रहने को मजबूर ह

बरेली में जन्में स्पोर्ट्स कालेज, लखनऊ में पढ़ाई कर चुके और पिथौरागढ़ से पीटीआई के पत्रकार के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले, मीडिया सलाहकार से फिल्म निर्देशक बने हरीश शर्मा बहुत ही उत्साहित हैं अपनी इस फिल्म के लिए.  उनके हमेशा लिखने के जुनून की वजह से ही आज वो फिल्म निर्देशक बन सके हैं और उन्हें इस बात की बहुत ही खुशी है कि उनकी पहली फिल्म रिलीज़ के लिए तैयार है. ”

 

अपनी फिल्म की कहानी बताते हुए हरीश कहते हैं कि, “फिल्म में ५ मित्रों का एक समूह है जो कि सोल वैली में अपनी छुट्टी मनाने जाता है. इसी यात्रा के दौरान उनके साथ हादसे भी घटते हैं और उनका एक दोस्त भी उनसे बिछड़ जाता है, किस तरह वो इन हादसों से खुद को बचा पाते हैं? ”

 

फिल्म को देखते समय दर्शकों को भय व रोमांच तो होगा है इसके अलावा उन्हें पिथौरागढ़ की खूबसूरत वादियाँ भी देखने को मिलेगीं. क्योंकि फिल्म की शूटिंग  पिथौरागढ़ की बहुत ही सुन्दर  लोकेशन पर हुई है. इसके अलावा

चंडीगढ़ के पास मोरनी हिल्स में भी फिल्म की शूटिंग हुई है.

फ़िल्म में  ”कृश” और ”ऑफिस-ऑफिस”  फेम हेमंत पांडे जी के साथ — साथ नए चेहरों में  सुमित शर्मा, आक्षी,गौरव शाह, सुमित शर्मा, मीनाक्षी व इंग्लॅण्ड की रहने वाली गायिका मिली मूनस्टोन आदि ने  अभिनय किया है.

 

पिंटा एंड दहल प्रोडक्शन की इस फिल्म को पेश किया है एच एस कम्यूनिकेशन ने. फिल्म की कहानी लिखी व फिल्म को निर्देशित किया है हरीश शर्मा ने. फिल्म के संवाद व पटकथा लिखी है मीनाक्षी शर्मा व सुमन प्रसाद ने. कैमरा मैन हैं प्रकाश चंद,  संगीत दिया है वर्षा ने जबकि  गीतों को गाया है वर्षा व मिली मूनस्टोन ने.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.