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मुंबई के बाद असम हिंसा के खिलाफ उप्र के तीन शहरों में हिंसा!

By   /  August 18, 2012  /  5 Comments

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भारत में असम और म्यांमार की हिंसा में अल्पसंख्यकों पर हुए असर के विरोध हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही. देश के अलग अलग इलाकों से रोजाना कोई न कोई ऐसी खबर सामने आ रही है है.  शुक्रवार को अलविदा की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश के तीन शहरों क्रमश:  लखनऊ, कानपुर और इलाहाबाद में भीड़ हिंसक हो उठी. इस दौरान दंगाइयों ने न बीमार की परवाह की और न बच्चों की. न महिलाओं को देखा गया और न अपाहिज को. जिधर मन हुआ बेतहाशा ईंट-पत्थर बरसाए गए और लूटपाट की गई. लखनऊ में बुद्ध पार्क घूमने गई महिलाओं को घेरकर उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए. मुंबई में हुए हिंसक विरोध से कोई सबक न लेते हुए सुस्त पुलिस तंत्र तब सक्रिय हुआ, जब तमाम निर्दोष चुटैल हो चुके थे और संपत्ति का भारी नुकसान हो चुका था. विरोध की बयार जम्मू-कश्मीर में भी चली लेकिन वहां लोगों के हिंसक होने की खबर नहीं है.

लखनऊ में विधानसभा के सामने बवाल…

लखनऊ में दोपहर बाद पक्का पुल से शुरू अराजकता विधान भवन के सामने तक पहुंच गई. यहां टीलेवाली मस्जिद व आसफी इमामबाड़े में अलविदा की नमाज के बाद कुछ लोगों ने विधान भवन की ओर कूच कर दिया और वहां तोड़फोड़ की. अधिकारी जब तक माजरा समझ पाते तब तक करीब एक हजार प्रदर्शनकारी गौतम बुद्ध पार्क पहुंच गए. कुछ ने पार्क की रेलिंग तोड़नी शुरू की तो कुछ ने स्वतंत्रता दिवस पर लगाई झालरों को नोच डाला.
इसके बाद सैकड़ों लोग पार्क में कूद गए और टिकट खिड़की पर तोड़फोड़ कर पार्क में मौजूद पुरुषों, महिलाओं और कर्मचारियों को पीटने लगे. कुछ महिला पर्यटकों के कपड़े भी फाड़ दिए गए. इस दौरान कई गाड़ियां तोड़ी गईं. पार्क में लगभग सब-कुछ तहस नहस कर डाला. पार्क में लगी गौतम बुद्ध की मूर्ति भी क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की. आसपास की दुकानें तोड़ीं और सामान लूट लिया. इसके बाद उपद्रवी कन्वेंशन सेंटर मोड़ पर पहुंचे और बसों व गाड़ियों में तोड़फोड़ की. इन वाहनों में सवार लोगों से भी अभद्रता की गई.
पुलिस ने खदेड़ा तो पुल से होकर हाथी पार्क में कूद गए और वहां भी तोड़फोड़ की. वहां मौजूद पुलिसकर्मियों की पिटाई की गई. रेल पुल पर चढ़कर पुलिस पर पथराव किया. इस दौरान जो मीडियाकर्मी उन्हें नजर आया उसका न केवल कैमरा तोड़ा बल्कि उसकी पिटाई की गई-धारदार हथियार से कई घायल भी किए गए. लखनऊ में विभिन्न स्थानों पर तोड़फोड़ में करीब सौ वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं.

इलाहाबाद में दुकानें लूटीं…

संगमनगरी इलाहाबाद में नमाज के बाद जुलूस निकाल रहे कुछ लोगों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वे उग्र हो गए. जुलूस में शामिल युवकों ने पथराव शुरू कर दिया. देखते ही देखते भीड़ बेकाबू हो गई. उपद्रवियों ने घंटाघर से लेकर जानसेनगंज तक दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की. यहां पर तोड़फोड़ का विरोध करने पर दो गुटों में पथराव हुआ, जिससे सड़क किनारे खड़े 200 से अधिक वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.

कानपुर में पथराव से कई घायल…

कानपुर में यतीमखाना स्थित नानपारा मस्जिद में कुछ युवकों ने काली पंट्टी बांधकर नमाज अदा की और नमाज के बाद असम की हिंसा को लेकर भड़काऊ भाषण देना शुरू कर दिया. इसके बाद सभी नारे लगाते नवीन मार्केट की ओर बढ़ने लगे. वहां पर भीड़ को समझाया जाता, तब तक यतीमखाना चौराहे से सैकड़ों युवकों की भीड़ साइकिल मार्केट में पथराव कर दिया. इससे वहां भगदड़ मच गई. कई लोगों के घायल होने और दुकानों में नुकसान की खबर है.
स्थिति संभालने के लिए डीआइजी अमिताभ यश वहां पहुंचे, तभी पता चला कि रजबी रोड पर कुछ युवक दुकानें बंद करा रहे हैं. डीआइजी फोर्स के साथ रजबी रोड पहुंचे तो युवकों ने उन पर पथराव कर दिया. डीआइजी ने खुद टीयर गैस गन उठाकर भीड़ को ललकारा तब भीड़ वापस भागी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. yeh poori tarah se sarkaron kl nakami aur rajnitik dalon ki tustikaran niti ka parinam hai…

  2. Milind Amberkar says:

    sali hamari congress sarkar fattu hai, yes videshi soniya gandhi kya samzengi hinduo ki taklif, sab voto ke liye musalmano ki khidmat me jute hai, jago hinduo aur hinduao ka sanman firse lane ke liye narendra modi ko samarthan karo. nahi to yes pakistani aur bangladeshi es bharat me is trarah fail jayenge, ki sab ki nak me dum kar denge.

  3. mahendra gupta says:

    सरकार के वोट बैंक के लोग जब यह करेंगे तो कौन मना करेगा,कौन पुलिस अधिकारी जल्दी से सख्त कार्यवाही करेगा .दिखावे के लिए देर से ही कदम उठाना अपनी नौकरी की सुरक्षा है.

  4. Amit Anand says:

    ~!~ आज इस्लाम(कुरान) गलत हाथों में चली गई हैं ~!~

  5. ab bhi jag jao hindustan valon varna yes pure desh me arajakta fela denge.pahle to inki aabadi par rok lagani chhahiye.bhed bakriyon ki tarah pedda ho rahe hain.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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