/गोपाल कांडा एक प्लेबॉय है: नूपुर मेहता

गोपाल कांडा एक प्लेबॉय है: नूपुर मेहता

बॉलीवुड की एक अभिनेत्री और ग्लैमर गर्ल नुपुर मेहता, जो क्रिकेट में फिक्सिंग को लेकर भी चर्चा में आई थी, का कहना है कि ‘गोपाल कांडा की हमेशा कम उम्र, सुन्दर और सेक्सी लड़कियों में रुचि रहती थी’.

नुपुर मेहता के अनुसार, कांडा हमेशा सुंदर महिलाओं से घिरा रहना पसंद करता है. नुपुर मेहता जो खुद कुछ समय के लिए  MDLR एयरलाइंस  में नौकरी क्र चुकी है और कांडा से करीबी के कारण गीतिका की आँखों में खटकी भी थी ने राज फाश किया कि यही कारण था, जिससे कांडा के स्वामित्व वाली MDLR एयरलाइंस और कैसीनो सुंदर लड़कियों की संख्या पुरुषों की अपेक्षा कहीं ज्यादा थी. नुपुर के अनुसार अरुणा चड्ढा (गीतिका आत्महत्या में सह – अभियुक्त) पर खुबसूरत लड़कियों और महिलाओं की आपूर्ति और प्रबंधन की जिम्मेदारी थी. नुपुर मेहता ने यह सभी आरोप एक अंग्रेजी वेब साईट को दिए गए खास साक्षात्कार में लगाये हैं.

नुपुर मेहता ने ने बताया कि गोपाल कांडा ने सिर्फ गीतिका शर्मा का ही यौन शौषण नहीं किया बल्कि उसकी सभी कंपनियों में काम करने वाली अधिकांश युवतियां कांडा की हवस का शिकार बनती थी. नुपुर के अनुसार गोपाल कांडा अपनी महिला कर्मचारियों को महंगे गिफ्ट देकर अपने जल में फंसाता था.
नुपुर मेहता के अनुसार उसके अवैध संबंध का एक सबूत अंकिता सिंह है, जो कि गोपाल कांडा से अवैध सम्बन्धों के कारण एक बच्चे की माँ है.
नुपुर मेहता ने बताया कि अरुणा चड्ढा नौकरी देते समय लड़कियों से इस तरह के अनुबंध करवाती है जिसमें   लड़कियों को सीधे काम करने के बाद कांडा रिपोर्ट करनी जरूरी होती थी. ऐसा ही गीतिका के साथ हुआ. इस अनुबंध की मदद से ही कांडा ने गीतिका शर्मा को इस हाल तक पहुँचाया. नुपुर ने स्वीकार किया कि गोपाल कांडा ने उसे भी कुछ महंगे हीरे, इत्र और पालतू जानवर गिफ्ट किये थे. जबकि अंकिता सिंह को गोवा में करोड़ों रुपये की सम्पति उपहार में दी है.

नुपुर मेहता ने आरोप लगाया कि अंकिता सिंह और उसने गोपाल कांडा के कहने पर ही गीतिका शर्मा का एक बैग जिसमें उसका लेपटोप था, गीतिका शर्मा की अनुमति के बगैर चैक किया था क्योंकि गीतिका ने कांडा को अपना लेपटोप चेक नहीं करने दिया था. इसी बात से चिढ क्र गीतिका ने उसके और अंकिता सिंह के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज़ करवाई थी. इस मामले को गोपाल कांडा ने गीतिका शर्मा से बातचीत कर सुलझाया था वरना कुछ भी हो सकता था.
कुल मिला कर  नुपुर मेहता का यह साक्षात्कार गोपाल गोयल कांडा की सारी हकीकत बयान कर देता है और कई ऐसे सवाल खड़े कर देता है जिससे कि गोपाल कांडा की कम्पनी में काम करने वाली युवतियों के अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच देने के लिए पर्याप्त हैं.
गौरतलब है कि हरियाणा न्यूज़ चैनल भी गोपाल शर्मा की मिल्क्यित है. इसके अलावा भी गोपाल कांडा की कुछ ऐसी कम्पनियां हैं जिनमें महिला कर्मचारियों की बहुतायत है.
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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.