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राज ठाकरे ने फिर से यूपी और बिहार वालों के लिए ज़हर उगला..

By   /  August 21, 2012  /  5 Comments

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सुप्रीमों राज ठाकरे एक बार फिर यू पी और बिहार से रोजी रोटी की तलाश में मुंबई में आ बसे उत्तर भारतीयों के खिलाफ ज़हर उगलने से नहीं चूक रहे. मुंबई में ताजा हिंसा के खिलाफ आजाद मैदान में रैली का आयोजन कर रहे राज ठाकरे ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस को हिंसा के बारे में पहले से पता था. उन्होंने एक बार फिर यूपी और बिहार के लोगों पर अपना निशाना साधते हुए कहा है कि इन दोनों राज्यों के लोग भारी संख्या में यहां पर आ रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि हिंसा करने वाले महाराष्ट्र के नहीं हैं. यहां भारी तादात में बांग्लादेशी छिपे हुए हैं. उन्होंने पूछा है कि हिंसा के वक्त गृहमंत्री आर आर पाटिल कहां थे. मृतकों और घायलों के लिए राज्य सरकार की ओर से कुछ नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि वक्त पड़ने पर अपनी ताकत दिखानी चाहिए. कांग्रेस नेता संजय निरुपम द्वारा रैली का विरोध करने की बात पर राज ने कहा कि क्या उन्हें शातिपूर्ण ढंग से अपनी रैली निकालने का भी हक नहीं है. उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से मुंबई में जाम लगा और आम जनता को परेशानी हुई.

मुंबई में हुई हिंसा को लेकर उन्होंने सवाल उठाया है कि उस वक्त राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटिल कहां थे. उन्होंने पुलिस कमिश्नर पर भी आरोप लगाते हुए गृहमंत्री और कमिश्नर दोनों के इस्तीफे की मांग की है. उनका कहना है कि पुलिस को हिंसा के बारे में पहले से सब पता था.

रैली से पहले वह सिद्धि विनायक मंदिर भी गए. रैली के लिए भारी संख्या में राज के समर्थक भी पहुंचे हैं. रैली के चलते मुंबई के मरीन ड्राइव पर लंबा जाम लग गया है. यह रैली राज ठाकरे की शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है. इस बीच, एनसीपी ने कहा है कि रैली अवसरवादी राजनीति का हिंसा है. वहीं, संजय निरूपम ने कहा है कि राज ठाकरे की यह रैली मात्र सियासी फायदा उठाने की कोशिश है.

हालाकि राज को पुलिस ने पैदल मार्च की इजाजत नहीं दी है. मुंबई पुलिस की तरफ से उन्हें आजाद मैदान में रैली करने की इजाजत तो मिली है, लेकिन इजाजत नहीं मिलने के बावजूद राज गिरगाव से आजाद मैदान तक पैदल मार्च भी करने की जिद पर अड़े हैं. कुछ ही देर में वो कार्यकर्ताओं के साथ गिरगाव चौपाटी से आजाद मैदान के लिए कूच करेंगे.

प्रदर्शन की पटकथा खुद राज ठाकरे लिख रहे हैं. मनसे प्रमुख ने एक लाख की भीड़ का लक्ष्य बनाया है. पार्टी को उम्मीद है कि कम से कम 60 से 70 हजार प्रदर्शनकारी जुटेंगे. पार्टी नेताओं के मुताबिक होर्डिग से लेकर उन पर लिखे गए संदेशों को खुद राज ठाकरे ने तैयार किया है. कार्यकर्ताओं को लाने के लिए दादर स्थित पार्टी मुख्यालय राजगढ़ से बसों का इंतजाम किया गया है. अमूमन यह जिम्मेदारी स्थानीय इकाई उठाती है. हर विधानसभा क्षेत्र के लिए राज ठाकरे ने खुद पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जिनका काम यह देखना है कि पार्टी के अधिकारी किस तरह से काम कर रहे हैं. ठाकरे ने हरेक शाखा को 200 लोगों की भीड़ का लक्ष्य दिया है. 11 अगस्त की हिंसा के खिलाफ गिरगाम चौपाटी से आजाद मैदान तक की रैली के लिए ठाणे, कल्याण, नवीं मुंबई, पुणे और नाशिक के नेताओं को 20,000 लोगों को लाने के लिए कहा गया है. एसएमएस पर प्रतिबंध के कारण फेसबुक, ब्लैकबेरी व अन्य माध्यमों से सोमवार को मनसे की तरफ से रैली के संबंध में संदेश प्रसारित किया गया. राज ठाकरे ने बताया कि भारी संख्या में पूरे राज्य से हमारे कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं. हमने अपने कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन के दौरान शांति कायम रखने की अपील की है. हमें पता चला है कि प्रशासन हमारे कार्यकर्ताओं को मुंबई की सीमा पर रोकने की कोशिश कर रहा है. अगर वे ऐसा करते हैं तो फिर प्रदर्शन हमारे तरीके से होगा. इससे कानून व्यवस्था बिगड़ेगी, जिसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. AJAY PANDEY says:

    राज ठाकरे जब रैली नीकालता है तब ३०००० पुलिस होती है जब मुशिलम रैली निकलता है तब ७०० पुलिस होती है जब हमारी रक्षा पुलिस नहीं कर सकती तो हिन्दू ओं की तथा राज्य की रक्षा की बातजब राज ठाकरे कर ता है तो दू सरे नेता को अपने नीचे की सीट हटती नजर आती है अगर एकराज्य का आदमी दुसरे राज्य में जा सकता है तो एक राज्य की पुलिस दुसरे राज्य में जा कर अपराधी को क्या नहीं पकड सकती क्या इन नेता को नहीं पता बाम्बे बम धमाका करने वाले डी कम्पनी के लोग उतर परदेस के ही थे तब अमर जवान ज्योति समरक तोड़ने वाले भी बीहारी मुसलिम थे अगर राज ठाकरे हिन्दू और बाम्बे की रक्षा के लिये कुछ कहा तो ठीक है .

  2. THIS WEBSITE HAS DISABLED 'SELECT' & 'COPY' FUNCTION… IT IS UNPROFESSIONAL… WHY SHOULD WE WASTE OUR TIME COMING OVER HERE…

  3. Ma Ki choot Hai Raj Thakre.

  4. Vipin Mehrotra says:

    I think he sopke on Bangla deshis coming thru UP and Bihar and there too.

  5. Mukul Gupta says:

    Nira gadha hai sasura. prantiya rajniti karta hai.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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