/अब राजस्थान का मुंह काला, ग्यारह साला बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म…

अब राजस्थान का मुंह काला, ग्यारह साला बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म…

राजस्थान के सीकर शहर में सोमवार की रात कुछ दरिंदों ने सरे आम फिल्म देखकर घर लौट रही युवतियों में से 11 साल की एक मासूम को  अगवा कर लिया और जीप में डाल कर ले गए. ये दरिन्दे घंटों उस मासूम बच्ची के साथ सामूहिक ज्यादती करते रहे. अपहरण का तुरंत पता लग जाने के बावजूद भी पुलिस अपहरणकर्ताओं तक नहीं पहुंच पाई.

अपहरण के 15 घंटे बाद मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे दुष्कर्मी हैवान बच्ची को लहूलुहान हालत में गोठड़ा तगेलान गांव के पास फेंक गए. मेडिकल बोर्ड ने जाँच के बाद उससे सामूहिक ज्यादती की पुष्टि की है. बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है. डॉक्टरों के अनुसार उसके अंदरूनी अंगों पर गहरे जख्म हैं, जो सर्जरी से भी रिकवर होना मुश्किल हैं. बच्ची को गंभीर हालत में जयपुर रैफर किया गया है. पुलिस ने घटना के चार घंटे बाद ही आरोपियों की पहचान कर ली लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

घटना  कुछ इस प्रकार है कि सोमवार रात 8:30 शांतिनगर में रहने वाली बिहारी परिवार की चार लड़कियां फिल्म देखकर लौट रही थीं. इनके साथ एक बच्चा भी था. डेडराज डेयरी के निकट एक जीप इन लड़कियों के पास आकर रुकी और एक लड़की को जबरन उसमें बैठाने का प्रयास किया. इस पर  वह लडकी किसी तरह अपना हाथ छुड़ाकर भाग गई तो बदमाशों ने 11 वर्षीय अन्य बच्ची को जबरन जीप में बैठा लिया. अन्य लड़कियां विरोध करतीं इससे पहले वे जीप को दौड़ा कर सांवली बीहड़ की तरफ चले गए. यह सब देख कर बाकी लड़कियां रोने लगीं तो आसपास के लोग एकत्र  हो गए तथा उन्होंने जीप का पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचना दे दी गई. पुलिस ने सुचना मिलते ही जिलेभर में नाकाबंदी करवा दी, लेकिन बदमाशों को नहीं पकड़ पाई जबकि ये दरिन्दे कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही अपना मुंह काला कर रहे थे.

इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि जीप में भैंरुपुरा निवासी सुरेश जाट व सबलपुरा निवासी रमेश शर्मा सवार थे. पुलिस ने रातभर आरोपियों की तलाश की मगर अपराधियों को पकड कर बच्ची को छुड़वाने में नाकामयाब रही. सुबह जाकर उन दरिंदों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस हुई तो पता चला कि वे चोखा का बास की तरफ हैं. इसी बीच सूचना मिली कि गोठड़ा तगेलान के पास एक लड़की पड़ी है.

पुलिस वहां पहुंची और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया. पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और औद्योगिक क्षेत्र, सांवली रोड इलाके में आधा दर्जन जगहों पर दबिश भी दी, लेकिन घटना के 24 घंटे बीतने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई.

घटना को लेकर शहरवासियों में भारी व्याप्त है. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की भी निंदा की है. माकपा ने एसपी को ज्ञापन सौंपा है. जिसमें कहा है कि अपराधियों को  जल्द गिरफ्तार नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा. माकपा के कार्यालय सचिव किशन पारीक ने बताया कि जिस तरह यह वाकया घटित हुआ है, उससे लगता है कि असामाजिक तत्वों में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.