/गोपाल कांडा खूबसूरत लड़कियों को ऊंचे पद का लालच दे अपने जाल में फांसता था!!!

गोपाल कांडा खूबसूरत लड़कियों को ऊंचे पद का लालच दे अपने जाल में फांसता था!!!

इसे गोपाल कांडा की लड़कियों के प्रति दीवानगी ही कहिए कि उसकी ज्यादातर कंपनियों में शीर्ष पदों पर कम उम्र की लड़कियां काबिज थीं. जांच में यह बात सामने आई कि गोपाला कांडा की 39 कंपनियों में डायरेक्‍टर के करीब 20 पद लड़कियों के पास थे. सूत्रों की मानें तो ज्यादातर लड़कियों से कांडा के शारीरिक संबंध थे.

गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में आरोपी गोपाल कांडा लड़कियों का चयन करते समय उनकी योग्यता के मुकाबले खूबसूरती को ज्यादा तरजीह देता था. लड़कियों को अपने नजदीक रखने के लिए उसने नियमों को भी अपने हिसाब से बनाया हुआ था. सभी महिला अधिकारी सिर्फ कांडा को ही रिपोर्ट करती थीं. माना जाता है लड़कियां कांडा की सबसे बड़ी कमजोरी रही हैं, जबकि वह खुद दो लड़कियों का पिता है.

बताया जाता है कि गोपाल कांडा ने एकेजी इंफ्राबिल्ड कंपनी तो खास अरुणा चड्ढा,खुशबू शर्मा और गीतिका शर्मा के लिए ही खड़ी की थी. इसी तरह उसने कई कंपनियां खड़ी कीं और उनमें लड़कियों को डायरेक्टर की पोस्ट दी. वर्ष 2003 में उसने आशुतोष डेवेलपर्स प्रा. लि. बनाई और इसकी डायरेक्‍टर सरोज अलंकार नामक महिला को बनाया. वर्ष 2004 में बनी सफायर डेवलपर्स प्रा. लि. में सरोज, सुधा पवार, प्रेरणा को बड़े पद ‌दिए.

2005 में बनी सर्वद बिल्डर्स प्रा. लि. में कंचन भल्ला को डायरेक्टर बनाया गया. इसी तरह नागेश्वर रियल्टर्स प्रा. लि. में सरिता देवी गोयल को, कैरव नॉन वूवन प्रा. लि. और कार्तिकेय बिल्डकॉन प्रा. लि. में सुशीला गोयल को डायरेक्‍टर रखा गया. वहीं, एमडीएलआर प्रा. लि. में गीतिका शर्मा और एमडीएलआर टूअर्स एंड ट्रेवल में गरिमा चावला डायरेक्टर थीं.

यही नहीं 2011 में गोपाल कांडा ने एसटीवी हरियाणा न्यूज़ चैनल 70 करोड रूपये में ख़रीदा और इसका डायरेक्टर बनाया राजेश शर्मा को और COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) भी किसी पुरुष को नहीं बल्कि गोपाल कांडा की अन्य कंपनियों की तरह शीतल लूथरा को बनाया गया तो एच आर हेड नेहा शर्मा को बनाया गया. राजेश शर्मा ज्यादा समय तक कांडा के न्यूज़ चैनल में नहीं रह सके और उन्होंने हरियाणा न्यूज़ को अलविदा कह दिया. अब इस न्यूज़ चैनल का सारा दारोमदार शीतल लूथरा पर निर्भर है.

सबसे  मजेदार बात यह है कि कांडा ने अपने किसी रिश्तेदार को अपनी कंपनी में बड़ा ‌पद नहीं दे रखा था.

गोपाल कांडा की कुछ कम्पनियां और महिला डायरेक्टर

         कंपनी का नाम —– कब बनाई —– डायरेक्टर

  • आशुतोष डेवेलपर्स प्रा. लि. (2003) सरोज अलंकार
  • सफायर डेवेलपर्स प्रा. लि. (2004) सरोज, सुधा पवार, प्रेरणा
  • सर्वद बिल्डर्स प्रा. लि. (2005) कंचन भल्ला
  • नागेश्वर रियल्टर्स प्रा. लि. (2005) सरिता देवी गोयल
  • कैरव नॉन वूवन प्रा. लि. (2005) सुशीला गोयल
  • कार्तिकेय बिल्डकॉन प्रा. लि. (2005) सुशीला गोयल
  • एमडीएलआर प्रा. लि. (2005) गीतिका शर्मा
  • एमडीएलआर टूअर्स एंड ट्रेवल (2007) गरिमा चावला
  • एमडीएलआर कोरियर्स प्रा. लि. (2008) सरस्वती गोयल, सरिता अग्रवाल
  • ऐकेजी इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. (2012) अरुणा चड्ढा, गीतिका शर्मा, खुशबू शर्मा (ऐकेजी कंपनी में गोपाल कांडा पदाधिकारी नहीं है)

 

कंबल की बदबू से बेहोश हो गया कांडा, पुलिस के उड़े होश !

ऐशोआराम की जिंदगी जीने वाला गोपाल कांडा अशोक विहार थाने के लॉकअप में औढ़ने के लिए मिले कम्बल की बदबू से बेहोश हो गया. हालांकि वह कुछ ही समय के लिए बेहोश हुआ, लेकिन उस दौरान पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए थे. डॉक्टरी जांच के बाद सब ठीकठाक बताया गया.

उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार कांडा ब्लड प्रेशर और थाइराइड का मरीज है. पुलिस ने डॉक्टरों से उसका चेकअप करवाया तो उसका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ पाया गया. पुलिस जांच में ये बात भी सामने आई है कि गीतिका का लाजपत नगर के अलावा गुड़गांव में भी गर्भपात कराया गया था. यहां भी अरुण चड्ढा ही उसे डॉक्टरों के पास लेकर गई थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.