/RSS यानि राष्ट्रीय स्वच्छ शौचालय – दिग्विजय सिंह

RSS यानि राष्ट्रीय स्वच्छ शौचालय – दिग्विजय सिंह

आरएसएस की खिल्ली उड़ाते हुए आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इसे राष्ट्रीय स्वच्छ शौचालय करार दिया है. दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर  ट्विट करते हुए आज कहा कि भारत के गांवों में 70 फीसदी लोग शौच के लिए खेतों में जाते हैं. हमें ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक शौचालयों की जरूरत है जिन्हें रूरल स्वदेशी संडास (आरएसएस) कहा जा सकता है. क्या श्री जयराम रमेश रूरल स्वदेशी संडास के बारे में की गई मेरी पहली ट्वीट का संज्ञान लेंगे? उन लोगों से माफी चाहता हूं जिन्हें इसके पीछे भी कोई दूसरा मतलब दिख रहा है. हां मैं मानता हूं कि हमें शहरी क्षेत्रों में भी स्वच्छ शौचालयों की जरूरत है इसलिए इसका नाम राष्ट्रीय स्वच्छ शौचालय होना चाहिए. मेरा कोई और मतलब नहीं है. दिग्विजय सिंह ने आगे ट्वीट किया, ‘जिन्हें इसका कोई और मतलब दिख रहा है उनकी सोच ही गंदी है.’

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.