/ये कैसा फेस्टिवल जहाँ महिलाओं के कपडे फाड़ दिए गए…

ये कैसा फेस्टिवल जहाँ महिलाओं के कपडे फाड़ दिए गए…

तरक्की हमेशा इंसान को ऊँचाइयों की तरफ ले जाती है मगर कुछ लोग ऊँचाइयों पर पहुँच कर सांस्कृतिक रूप से गिर जाते हैं. इस का ताज़ा नमूना हैचीन के युवाओं द्वारा मनाया जाने वाला पर्व वाटर फेस्टिवल. इस वॉटर फेस्टिवल के दौरान कई महिलाओं के कपड़े फाड़े जाने और उनके साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आए हैं. चाइनीज वेलेंटाइन डे वाटर फेस्टिवल के मौके परगुरुवार को हेनान में यह फेस्टिवल आयोजित किया गया था. इसमें बड़ी संख्‍या में लड़के और लड़कियों के अलावा कई टूरिस्‍ट भी शामिल थे. सभी मस्‍ती की खुमारी में डूबे हुए थे, अचानक कुछ लोगों ने कुछ लड़कियों के कपड़े फाड़ दिए और उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी.स्‍थानीय मीडिया में छपी खबरों के अनुसार पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है. हालांकि, अब भी कई आरोपियों की तलाश जारी है. चीन के अखबारों ने इस घटना की कई तस्‍वीरें छापी हैं.
तरक्की हमेशा इंसान को ऊँचाइयों की तरफ ले जाती है मगर कुछ लोग ऊँचाइयों पर पहुँच कर सांस्कृतिक रूप से गिर जाते हैं. इस का ताज़ा नमूना हैचीन के युवाओं द्वारा मनाया जाने वाला पर्व वाटर फेस्टिवल. इस वॉटर फेस्टिवल के दौरान कई महिलाओं के कपड़े फाड़े जाने और उनके साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आए हैं. चाइनीज वेलेंटाइन डे वाटर फेस्टिवल के मौके पर गुरुवार को हेनान में यह फेस्टिवल आयोजित किया गया था. इसमें बड़ी संख्‍या में लड़के और लड़कियों के अलावा कई टूरिस्‍ट भी शामिल थे. सभी मस्‍ती की खुमारी में डूबे हुए थे, अचानक कुछ लोगों ने कुछ लड़कियों के कपड़े फाड़ दिए और उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी.स्‍थानीय मीडिया में छपी खबरों के अनुसार पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है. हालांकि, अब भी कई आरोपियों की तलाश जारी है. चीन के अखबारों ने इस घटना की कई तस्‍वीरें छापी हैं.
 पांच सालों से इस फेस्टिवल में हिस्‍सा ले रहे ली मिन के अनुसार, ‘चार या पांच महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई. पुलिस ने छेड़छाड़ करने वालों को अरेस्‍ट कर लिया है.’ ली ने बताया कि मैंने एक आदमी को एक औरत के कपड़े उतारते दिखा. ऐसा ही वाकया वहां कई और जगहों पर हो रहा था.’  
पांच सालों से इस फेस्टिवल में हिस्‍सा ले रहे ली मिन के अनुसार, ‘चार या पांच महिलाओं के साथ छेड़छाड़ हुई. पुलिस ने छेड़छाड़ करने वालों को अरेस्‍ट कर लिया है.’ ली ने बताया कि मैंने एक आदमी को एक औरत के कपड़े उतारते दिखा. ऐसा ही वाकया वहां कई और जगहों पर हो रहा था.
70 और 80 के दशक में सिंगापुर वालों ने चीन की संस्‍कृति के बारे में गलत धारणा बना ली थी. चीन के लोगों को ये गंवार समझते थे. लेकिन आज के वक्‍त में धन-दौलत और आराम के मामले में सिंगापुर वाले चीनियों के आगे कहीं नहीं टिकते. यहां तक कि चीन के किसानों को अस्‍पताल में इलाज में 70 फीसदी कैश की छूट मिलती है. मेनलैंड चीन के लोग ब्रांडेड कपड़े, घडियां, जूते और महंगी कारों के शौकीन हैं.
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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.