/गोपाल कांडा की मुसीबत बढ़ाने अंकिता सिंह भारत लौटी…

गोपाल कांडा की मुसीबत बढ़ाने अंकिता सिंह भारत लौटी…

पूर्व एयर होस्टेस गीतिका आत्महत्या मामले के मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री, एमडीएलआर एयर लाइन्स और हरियाणा न्यूज़ के मालिक गोपाल कांडा की मुसीबत बढ़ाने के लिए अंकिता अंकिता सिंह किसी भी समय दिल्ली पुलिस के समक्ष हाज़िर हो सकती है. सूत्रों की मानें तो अंकिता भारत लौट आई  है और वह पुलिस को सहयोग करने के लिए तैयार हो गई है. माना जा रहा है कि अंकिता कांडा के कई राज खोल सकती है.  अंकिता से रविवार को दिल्ली पुलिस को पूछताछ करनी थी लेकिन देर शाम तक भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. दिल्ली पुलिस को अब उम्मीद है कि वह सोमवार को जांच में सहयोग देने आ सकती है. वह बीते कुछ महीनों से सिंगापुर में रह रही है. गीतिका आत्महत्या मामले के बाद से यह माने जाने लगा कि वह बदनामी के डर से कहीं छिपी हुई है. उसकी बहन ने कहा था कि रविवार को अंकिता भारत आकर जांच में सहयोग करेगी.

अंकिता सिंह ने कांडा से आमना-सामना कर पुलिस जांच में सहयोग करने की पेशकश की है. हालांकि पुलिस ने इस पेशकश को मानने से मना कर दिया. करुणाकरण ने बताया कि कांडा को दोषी साबित करने के लिए उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. जरूरत पडऩे पर ही वह इस बारे में विचार करेंगे.

गौरतलब है कि गीतिका शर्मा ने अंकिता सिंह और नुपुर मेहता के खिलाफ गोवा में जो मामला दर्ज करवाया था तो अंकिता सिंह ने पुलिस को दिए बयानों में खुद को गोपाल कांडा की दूसरी पत्नी बताया था और यह बयान आज भी गोवा की सक्षम कोर्ट के रिकॉर्ड में मौजूद हैं. अंकिता सिंह करीब दस साल से कांडा के संपर्क में है. गोवा में जब कांडा ने कैसीनो खरीदा तो उसे चलाने की जिम्मेदारी उसने फिल्म अभिनेत्री नूपुर मेहता और अंकिता सिंह को ही दी. कांडा को राजनीतिक मुकाम हासिल कराने में अंकिता की मां रेणु सिंह ने अहम भूमिका निभाई. वे न केवल कांडा को राजनीति में आगे बढने के रास्ते सुझाती थीं बल्कि कांडा के चुनाव में भी प्रबंधन की दृष्टि से उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

कांडा द्वारा इस्तेमाल तीन मोबाइल और गीतिका के मोबाइल फोन का सीडीआर(कॉल डिटेल रिकॉर्ड) खंगालने में दिल्ली पुलिस जुटी है. इस बाबत मृतका के भाई अंकित शर्मा को शनिवार रात को डीसीपी दफ्तर बुलाया गया. पुलिस टीम ने अंकित से गीतिका के दोस्तों, रिश्तेदारों व दफ्तर के जानकारों के फोन नंबर मांगे. पुलिस सीडीआर के आधार परयह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किन लोगों से गीतिका की बातचीत हुई.

अंकित ने बताया कि करीब दस मिनट तक उसकी उत्तर पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त पी. करुणाकरण से मुलाकात हुई. इस दौरान उसने सभी दोस्तों, रिश्तेदारों व जानकारों के नंबर पुलिस को मुहैया करा दिए हैं. पुलिस सीडीआर के जरिए उन नंबरों का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जिनसे कांडा ने गीतिका को फोन किए. इसके अलावा एफएसएल जांच की मदद से दोनों के बीच हुए एसएमएस की क्लिपिंग भी बनाई जाएगी. गौरतलब है कि पुलिस के पास कांडा से पूछताछ के लिए अब केवल दो दिन बचे हैं. इसमें उसे सीडीआर खंगालने के अलावा, कांडा के कंप्‍यूटर की हार्डडिस्क, उसकी दुबई यात्रा के दौरान इस्तेमाल दो अन्य पासपोर्ट की बुकलेट और संडेल एजुकेशन सोसायटी में हुए रुपयों के लेन देन के खातों को खंगालना है. इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि कांडा ने पिछले कुछ सालों में उसे आलीशान घर, महंगी कार व आभूषण आदि गिफ्ट किए थे. पुलिस फिलहाल यह जानने काभी प्रयास कर रही है कि एमडीएलआर छोडऩे के बाद कहीं कांडा इन्हीं गिफ्टों को लौटाने का दबाव गीतिका पर तो नहीं बना रहा था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.