/संसद में कोयले पर सुलगती आग और मुलायम सिंह की राजनैतिक खिचड़ी…

संसद में कोयले पर सुलगती आग और मुलायम सिंह की राजनैतिक खिचड़ी…

कोलगेट कांड पर कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार और मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के बीच बढ़ते टकराव संसद में बने गतिरोध को देखते हुए मुलायम सिंह यादव अपनी ‘राजनीतिक खिचड़ी’ पकाने में लग गए हैं। समाजवादी पार्टी हालांकि यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है, लेकिन इसके बावजूद मुलायम ने गैर कांग्रेस- गैर बीजेपी दलों को एक जगह लाने की मुहिम शुरू कर दी है।

इसी मुहिम के तहत समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को सीपीआई, सीपीएम और टीडीपी के साथ मिलकर इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज से जांच कराए जाने की मांग की। एसपी प्रमुख मुलायम सिंह ने संसद परिसर में कहा, ‘हमारी पार्टी ने सीपीआई, सीपीएम और टीडीए के साथ मिलकर गुरुवार को इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज से जांच कराने की मांग को लेकर संसद के सामने धरना देने का फैसला किया है।’

उन्होंने यह भी कहा कि वे इस कथित घोटाले की जांच की मांग के लिए अन्य दलों को भी साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। मुलायम सिंह ने कहा कि हम अन्य दलों से भी बातचीत कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि इसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

कोल आवंटन मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान और संसद में जारी गतिरोध के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि संसद चले ताकि इन मुद्दों पर बहस हो सके।’

सीपीआई नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा कि कैग एक संवैधानिक संस्था है और इसका काम संवैधानिक जरूरतों के अनुसार सरकार के कामकाज पर निगरानी रखना है। लेकिन प्रधानमंत्री ने कैग के खिलाफ जो कहा है वह गलत है और संविधान की भावना के विपरीत है। उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था।

कैग का बचाव करते हुए दासगुप्ता ने कहा, ‘हमारी तीन संवैधानिक संस्थाए हैं- कैग, सीवीसी और निर्वाचन आयोग। प्रधानमंत्री को इन संस्थाओं के खिलाफ बोलने का अधिकार नहीं है।’

सीपीएम नेता बासुदेव आचार्य ने कहा, ‘यह मैच फिक्सिंग है क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे पर एक हैं। दोनों ही सदन में बहस नहीं चाहती। लेकिन हमने इसमें बहस और जांच व दोषियों को सजा दिए जाने की मांग की है। गैर कानूनी आवंटन रद्द होने चाहिए।’

आचार्य ने कहा, ‘ कोलगेट, 2 जी घोटाले से बड़ा घोटाला है। हम चाहते हैं कि इसकी जांच हो। सदन में इस पर बहस होनी चाहिए।’

दासगुप्ता ने कहा, ‘यह मैच फिक्सिंग से कहीं अधिक है। कांग्रेस और भाजपा एक दूजे के लिए बने हैं। हमारी लड़ाई दोनों के खिलाफ है। वे देश में गंभीर आर्थिक स्थिति पर चर्चा करने के इच्छुक नहीं हैं क्योंकि उनकी नीतियां कुल मिलाकर एक जैसी हैं।’ टीडीपी नेता नामा नागेश्वर राव ने कहा कि पहले भी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में कोयला खनन का मामला उठाया था।

गौरतलब है कि तमाम कोशिशों के बावजूद संसद में गतिरोध जारी है। गुरुवार को भी संसद की कार्यवाही नहीं चल पाई। विपक्ष के हंगामे के चलते संसद के दोनों सदनों कार्यवाही पहले 12 बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी बीजेपी सांसदों ने हंगामा जारी रखा। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए और राज्यसभा की कार्य़वाही आज दोपहर 2 बजे तक के लिये स्थगित कर दी गई।

गौरतलब है कि कोल ब्लॉक आवंटन पर बीजेपी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है।

(एजेंसी)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.