/गोपाल कांडा जेल की बैरक से जेल अस्पताल में शिफ्ट…

गोपाल कांडा जेल की बैरक से जेल अस्पताल में शिफ्ट…

जैसा कि भारतीय जेलों के बारे में अक्सर सुनने में आता है कि ताकतवर और धनी लोग जेल की बैरक में नहीं बल्कि जेल के अस्पताल में जेल काटते हैं. ठीक इसी तर्ज पर अब एयर होस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले के मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा को हाई ब्लड प्रेशर के नाम पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कांडा को रोहिणी जेल के अंदर बने हॉस्पिटल में रखा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. जेल प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि बुधवार शाम को कांडा की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके तुरंत बाद उसे जेल के अंदर ही बने अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है. अस्पताल में उसके साथ उसका एक भतीजा भी मौजूद है.

 

गौरतलब है कि कांडा को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी है. पुलिस कस्टडी के दौरान भी कई बार उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और थाने में ही डॉक्टर की व्यवस्था करनी पड़ी थी. उसके वकीलों के अनुरोध पर रोहिणी जिला अदालत ने भी उसे जेल के अंदर दवाइयां ले जाने की इजाजत दी थी. मगर अब उसे जेल अस्पताल के डाक्टर की अनुशंसा पर बैरक से जेल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. अब संभव है कि कांडा अपनी न्यायिक हिरासत के दौरान जेल अस्पताल में ही रहेगा और कांडा के वकील भी उसकी बीमारी के बहाने अदालत से कांडा की जमानत मांगेगे.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.