/पत्रकार बेईमान हुए तो समाज में ईमान कहां बचेगाः संजय राठी

पत्रकार बेईमान हुए तो समाज में ईमान कहां बचेगाः संजय राठी

-जयश्री राठौड़||
पंचकूलाः हरियाणा यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (एचयूजे) की पुनर्गठित पंचकूला इकाई की बैठक प्रदेशाध्यक्ष संजय राठी की अध्यक्षता में हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एचयूजे के मुख्य सलाहकार और शिक्षाविद् दलेल सिंह थे। इसमें पंचकूला जिला इकाई के ज्यादातर सदस्यों ने हिस्सा लिया। कुछ पदाधिकारी और सदस्य अपने निजी या व्यसतता के चलते इसमें शामिल नहीं हो सके। संजय राठी ने अध्यक्षीय भाषण में पत्रकारों का आह्वान किया कि वे साफ सुथरी, सामाजिक सरोकार से जुड़ी निष्पक्ष पत्रकारिता करे क्योंकि आज मीडिया जगत कठिन दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार और बेईमारी, झूट-कपट का बोलबाला है। लोकतंत्र में कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका के साथ चौथे स्तंभ प्रेस (मीडिया) कोई इससे अछूता नहीं है। पत्रकार समाज को आईना दिखाता है, जब वही बेईमान हो गया तो फिर व्यवस्था में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।
 उन्होंने भरोसा दिलाया कि एचयूजे हमेशा की तरह पत्रकारों के हितों और कल्याण के लिए काम करता रहेगा। कहा कि हरियाणा के सूचना और जनसंपर्क महानिदेशक आनंद मोहन शरण के साथ आज हुई विशेष बैठक में पत्रकारों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई।
 इसमें पत्रकार कल्याण कोष की राशि पांच लाख से बढ़ाकर पचास लाख रुपए करने, अनुग्रह राशि दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपए करने, छोटे और मझौले पत्रकारों को आ रही दिक्कतों को वरीयता से आधार पर हल करने और पत्रकारों को सरकारी मान्यता देने के नियमों का सरलीकरण करने आदि पर चर्चा हुई। महानिदेशक ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया।
राठी ने बताया कि जमशेदपुर (झारखंड) में 8 और 9 सितंबर होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा की तरफ से एचयूजे का प्रतिनिधिमंडल जाएगा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वहां हरियाणा में पत्रकारों के हितार्थ किए कामों के बारे में जानकारी देंगे।  उनके मुताबिक एचयूजे के प्रयासों से ही इसी साल दिसंबर में कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया जाएगा।
 इस मौके पर उन्होंने टीवी 24 की पत्रकार उमंग श्योराण को प्रदेश की महिला समन्वयक नियुक्त किया। श्योराण ने भरोसा दिलाया कि वे संगठन में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के लिए काम करेगी। एचयूजे के मुख्य सलाहकार दलेल सिंह ने कहा कि पत्रकारिता की गिरती साख को ऊंचा उठाने के लिए पत्रकारों को आगे आकर आदर्श प्रस्तुत करना होगा।
 पंचकूला इकाई के अध्यक्ष सुखजीवन शर्मा ने भरोसा दिलाया कि जिला इकाई को पहले से ज्यादा मजबूत ्और सक्रिय बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सभी को सहयोग देने का आग्रह किया। कार्यक्रम में जिला इकाई के अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। पंचकूला में भी चंडीगढ़ की तरह प्रेस क्लब बनाने की बात पर राठी ने कहा कि जिले के सभी पत्रकार एक मंच पर आए तो यह काम मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि एचयूजे के प्रयासों से राज्य में कई स्थानों पर मीडिया के लिए अलग से केंद्र बनाए गए हैं। पंचकूला में भी ऐसा होना संभव है, जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जगदीप शर्मा, रुपेश कुमार, विनोद शर्मा, विजय श्योराण,भरत भंडारी और श्री धीमान आदि मौजूद थे। संगठन के लिए पदाधिकारियों ने कुछ सुझाव भी दिए।
बैठक में जिला इकाई के समन्वयक अजय गुप्ता के साथ पलवल (हरियाणा) में हुई स्नैचिंग की वारदात और सदस्य कमल कलसी पर जीरकपुर (पंजाब) में जानलेवा हमले पर चर्चा हुई। बैठक में दोनों मुद्दों पर उच्चाधिकारियों से मिलकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन पर सख्त कार्रवाई करने के लिए आगे बढ़ने पर सहमति हुई। दिल्ली से अपने संदेश में एचयूजे के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय राय ने कहा कि जल्द ही पंचकूला इकाई कुछ अहम मुद्दों को लेकर बैठकों का आयोजन करेगी। उन्होंने जिला इकाई को टीम की तरह काम करने की बात कही।
Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.