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मोदी को शेर कहने वाले कांग्रेसी सांसद विजय दर्डा के खिलाफ एफआईआर…

By   /  September 4, 2012  /  1 Comment

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कुछ दिनों पहले गुजरात में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करने वाले कांग्रेसी सांसद और महाराष्ट्र के अखबारी शेर विजय दर्डा और उनके पुत्र के खिलाफ सीबीआई ने कोयला खदान मामले में जालसाजी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है. सीबीआई ने मंगलवार को कोयला ब्लॉक आवंटन वाली पांच निजी कंपनियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. इनमें से दो कंपनियां कांग्रेस सांसद विजय दर्डा की हैं. सीबीआई ने इस मामले में 10 शहरों में 30 स्थानों पर तलाशी भी की.

सीबीआई ने विन्नी आयरन एंड स्टील, नवभारत कोल फील्ड्स लिमिटेड, जेएलडी यवतमाल कंपनी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एएमआर आयरन ऐंड स्टील के खिलाफ मामला दर्ज किया है. जेएलडी यवतमाल और इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों कंपनिया काग्रेस सांसद विजय दर्डा से जुड़ी हैं.

सीबीआई ने दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, पटना, नागपुर, हैदराबाद सहित 10 शहरों में छापे मारे. सूत्रों के अनुसार 30 जगहों पर छापे मारे जा रहे हैं. कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई ने पांच कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. विम्मी आयरन एंड स्टील, नवभारत स्टील व तीन अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं.

ये मामले धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश रचने, कंपनी मालिकों व कोयला मंत्रालय व राज्य सरकारों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं. सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने उन वरिष्ठ नौकरशाहों से पूछताछ की है जो 2006 से 2009 के बीच कोयला आवंटन देख रहे थे.

सीवीसी से रेफरेंस मिलने पर सीबीआई ने प्रारंभिक जाच (पीई) दर्ज की है. सीबीआई की टीम्स छत्तीसगढ़ तथा झारखंड गई तथा संबंधित कंपनियों के अधिकारियों स पूछताछ की. कोयला आवंटन में लाभान्वित होने वाली 10 कंपनिया सीबीआई की जाच घेरे में हैं. इन कंपनियों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है.

गौरतलब है कि विजय दर्डा महाराष्ट्र से निकलने वाले सबसे बड़े अखबार “लोकमत” के भी मालिक हैं और पिछले दिनों गुजरात में जैन समाज के एक समारोह मे नरेन्द्र मोदी को “गुजरात का शेर” कहा था और इस पर कांग्रेस ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी दिया था.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. NITISH KUMAR says:

    प्रणब मुखर्जी हमारे एक नेता होने के नाते शुभाष चन्द्र बॉस के बारे में जो भी जानते है उसे आप हमारे आम आदमी के बिच रखे

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