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पंकज पचौरी ने की, बिल क्लिंटन तक की खाल उतारने वालों को मैनेज करने की हिमाकत….

By   /  September 6, 2012  /  9 Comments

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ विदेशी मीडिया द्वारा प्रकाशित खबरों को लेकर भारत सरकार में जिस तरह से हडकंप मचा है, देखने लायक है. इसी के साथ भारतीय नेताओं ने विदेशी मीडिया को कोसना भी शुरू कर दिया है. यहाँ तक कि यह लोग इतने तिलमिला उठे हैं कि वाशिगटन पोस्ट के दिल्ली ब्यूरो चीफ साईमन डेनियर से माफ़ी मांगने की मांग करने लगे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी तक ने साईमन डेनियर को फोन कर माफी मांगने के लिए कहा. पंकज पचौरी शायद यह भूल गए थे कि वाशिगटन पोस्ट ने अपने तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का मोनिका लेवेंस्की कांड छापने के बाद उसे अंजाम तक पंहुचाया था. इस अखबार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति मैनेज नहीं कर पाए थे तो पंकज पचौरी किस खेत की मूली हैं. पंकज पचौरी ने वाशिगटन पोस्ट के ब्यूरो चीफ साईमन डेनियर को मैनेज करने का प्रयास कर भारतीय मीडिया की अंदरूनी सच्चाई यानि पोल विदेशी मीडिया के सामने खोल कर रख दी है और सारी दुनिया के सामने साबित कर दिया है कि भारतीय मीडिया  आसानी से मैनेज किया जा सकता है.

फेसबुक पर पंकज पचौरी के इस कुकृत्य की जम कर निंदा हो रही है. एक फेसबुकियन ने अपने इस दर्द को फेसबुक पर एक समूह में इस तरह उकेरा है…

 

वाशिगटन पोस्ट के ब्यूरो चीफ साईमन डेनियर को किया पंकज पचौरी ने फोन …मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी का दर्द आया बाहर ….वाशिगटन पोस्ट के ब्यूरो चीफ साईमन डेनियर को फोन कर झांसे में लेने की कोशिश पड़ी उलटी … साईमन के पलटवार से सकपकाए मनमोहन के मीडिया सलाहकार …..गोलमोल शब्दो में साईमन को माफ़ी माँगने की सलाह दे रहे थे पचौरी साहब …पंकज पचौरी पर साईमन का पलटवार ….मै कोई माफ़ी नहीं माँगूगा … मै अपने लेख पर कायम हूँ …..मनमोहन की आलोचना करने बाले पत्रकार साईमन डेनियर ब्यूरो चीफ वाशिगटन पोस्ट..

कल जब वाशिगटन पोस्ट के ब्यूरो चीफ साईमन डेनियर ने अपने एक लेख में भारत के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह की आलोचना करते हुए उनको …………”’ साईलेंट प्राइम मिनिस्टर ”…… की उपाधि देते हुए उन पर एक लंबा लेख लिखा था जिसमे उन्होंने भारत में प्रचलित उस चुटकुले का भी उल्लेख किया था की भारत की जनता अपने फोन को साईलेंट करते समय उसके मोड को मनमोहन मोड के नाम से प्रयोग करती है .. !

वाशिगटन पोस्ट का समाचार मिलते ही कांग्रेसी कैम्प सहित दस जनपथ व सात रेस कोर्स रोड में कुछ देर के लिये सन्नाटा पसर गया .. कारण कि भारत का मीडिया तो सरकार और कांग्रेस द्वारा फेके टुकडो , धमकियों और अलिखित निर्देशों के पालन की आदी हो उनके इशारों पर भांगड़ा करने का अभ्यस्त है …………..लेकिन .. विदेशी मीडिया भारत जैसी बिकाऊ और मैनेज हो सकने वाली नहीं जिसको कांग्रेस या उसके कारिंदे कैसे भी मैनेज कर पाए … यही कारण था की जब कांग्रेसी गलियारों से गम और बदहवासी का बबंडर थमा तो कुछ ही पलों में आपातकाल के दौरान संजय गांधी की करीबी रही अम्बिका सोनी भारतीय मीडिया के कैमरों के सामने .. बयानबाजी करती दिखी कि….”वोह उनके प्रधानमंत्री की आलोचना का सख्त विरोध करती है ….” अब उनको कौन समझाए की आप सख्त विरोध करो या मुलायम विरोध, पर विदेशी मीडिया आपके झांसे में आने वाला नहीं है … ये आपके पाले हुए मुर्गे नहीं है, जिनकी बांग आप के इशारों पर निकला करती है ..खैर तीर तो अपनी कमान से निकल पूरी दुनिया की मीडिया में चर्चा का विषय बन चुका है ….!

आलोचकों का कहना है की वाशिगटन पोस्ट की बात तो बहुत देर से आयी है. यहाँ भारत में तो सरकार की एक एक पोस्ट भ्रष्टाचार में डूबी होने के साथ मनमोहन मोड में
साईलेंट हो बड़े से बड़े भ्रष्टाचार पर मनमोहनी चुप्पी ओढ़े हुए है …!!!

तो पंकज पचौरी साहब याद रखिये वाशिगटन पोस्ट कोई भारत का बिकाऊ मीडिया समूह नहीं है .. ये वह समाचार पत्र है जिसने अपने देश के राष्ट्रपतियों तक के काले कारनामो को खोलने और भ्रष्ट सरकारों को मटियामेट करने सहित अनेक मौको पर पत्रकारिता का असली मकसद क्या होता है इसका अहसास करवाया है .. आप वरिष्ठ जरुर है पर शायद आपको याद नहीं कि अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के जमाने वाली मोनिका लेबिन्सकी, क्लिंटन ओरल सेक्स प्रकरण हुआ था तब इसी समाचारपत्र ने अपने राष्ट्रपति की बखिया उधेड़ कर रख दी थी बाद में क्लिंटन को मुक़दमे का सामना भी करना पड़ा था जिसकी सिलसिलेवार रिपोर्टिंग भी वाशिगटन पोस्ट ने पूरी दुनिया के सामने पेश की थी .. तो आप अपने जैसा अमेरिकी मीडिया को ना समझे ….. सलाह फ्री की है लेना चाहे ले सकते हैं.. वर्ना हमको क्या .. एक बार कोशिश कर के और देख लीजिए ……..!!!

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

9 Comments

  1. Arvind kejriwal 100% votes….:)

  2. पंकज जोशी says:

    चुनाव बाद किसके प्रधानमंत्री बनने की संभावना ज्यादा है?
    नरेंद्र मोदी 71%
    राहुल गांधी 8%
    नीतीश कुमार 5%
    मुलायम सिंह यादव 2%.
    कोई और बनेगा 14%.
    yes hai janta ki raay meri nahi aap samjhiye pankaj ji or manmohan ji ko bhi samjhaiye ap hi ka sahyogi paper navbharat times ki khabar or poll result hai ye.janta ki raay bataiye apa PM sahab ko apni niji nahi.
    kahan hen manmohan singh ji yes bataiye.

  3. पंकज जोशी says:

    yes hai janta ki raay meri nahi aap samjhiye pankaj ji or manmohan ji ko bhi samjhaiye ap hi ka sahyogi paper navbharat times ki khabar or poll result hai ye.janta ki raay bataiye apa PM sahab ko apni niji nahi.
    क्या नौकरियों में प्रमोशन में किसी वर्ग विशेष को आरक्षण मिलना चाहिए?
    हां, वंचितों को मजबूत करने का यही तरीका है 11%.
    नहीं, इससे दूसरे तबके के साथ अन्याय होगा 88%.
    बता नहीं सकते 1%.

  4. पंकज जोशी says:

    yes hai janta ki raay meri nahi aap samjhiye pankaj ji or manmohan ji ko bhi samjhaiye ap hi ka sahyogi paper navbharat times ki khabar or poll result hai ye.
    आपको भी लगता है कि सरकार बाबा रामदेव को फंसाने की साजिश रच रही है?
    हां,सरकार विरोधियों को दबाना चाहती है 85%.
    नहीं, यह बाबा रामदेव की नई चाल है 13%.
    कुछ कह नहीं सकते 2%.

  5. पंकज जोशी says:

    क्या वॉशिंगटन पोस्ट को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मज़ाक उड़ाने के लिए माफी मांगनी चाहिए?
    हां, यह हमारे पीएम का अपमान है 17%.
    नहीं, पीएम की यही छवि बन गई है 81%.
    कह नहीं सकते 2%.
    ye hai janta ki raay meri nahi aap samjhiye pankaj ji or manmohan ji ko bhi samjhaiye ap hi ka sahyogi paper navbharat times ki khabar or poll result hai yes.

  6. congress ke tukdon par palne vaala media desh ki janta ko kese samjh sakta hai desh lut raha hai barbaad ho raha hia or hamara media varta karvata hai kis tarah congress ko bachaya jaya jish men congress bhakt patrkaar bhaag lete hen jese abhigyaan prakash or vinod sharma jese log NDTV par jo hamara media nahi samjh par raha hia wo videshi media samjh raha hia janta ek dard or avaj ko durbhagy hai yes pankaj ji mana ki ap PM ke media salahkaar ho PM ko salah janta se lekar dijiye aap khud or apne channel ki nahi /.

  7. pakaj ji aap p m ke bachayo mai jo kuchh bhi kahate rahe magar yes satch hai ki ab yes bharat ki janta ke p m nahi rahe yes soniya sarkar ke kaarinnde kewal hai iek muhar bhar hai yes use karne ki chij hai yes samvidha n ki jabaab dehi ke layak mannay nahi hai lade hai lade rahe samay iene utar fenkega yes iek khol ke aabran hai.

  8. This Universe Have Only The News from Indian Taring Centre.

  9. Chamche hain itna to karna hi padega.

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