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मुख्यमंत्री के अस्पताल दौरे के दौरान ब्ल्यू फिल्म देख रहे थे…

By   /  September 12, 2012  /  14 Comments

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब अपने गृह जिले जोधपुर के लापरवाहियों के लिए कुख्यात महात्मा गांधी अस्पताल का दौरा कर रहे थे, ठीक उसी वक्त ड्यूटी पर तैनात दो कर्मचारी ब्ल्यू फिल्म देख रहे थे.

राजस्थान के जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती मरीज़ किस तरह की सेवाओं की उम्मीद कर सकते हैं जबकि दो कर्मचारी ड्यूटी के दौरान ब्ल्यू फिल्म देख रहे थे. गनीमत की बात यह रही कि दोनों रंगे हाथों पकड़ लिए गए. घटना के वक्त सीएम थे दौरे पर पकड़े गए दोनों कर्मचारी इतने बेखौफ थे कि इन दोनों ने ब्ल्यू फिल्म देखते वक्त कमरा भी बंद नहीं किया.

गौरतलब है कि जिस वक्त ये दोनों फिल्म देखने में मगन थे उस वक्त राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अस्पताल में एक्यूट केयर वार्ड का उद्घाटन करने आए थे. आरोपियों में से एक अस्पताल अधीक्षक का निजी सहायक सुजीत परिहार है और दूसरा कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक सत्येन्द्र मंगल है. दोनों कर्मचारियों का ड्यूटी के दौरान ब्लू फिल्म देखना इस बात को साबित करता है कि वो अपने काम के प्रति कितने ग़ैर ज़िम्मेदार हैं और उन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी तक का कोई खौफ नहीं था.

हैरानी तो इस बात की है कि इन दोनों कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के दौरे की पूरी जानकारी भी थी और इन दोनों को खासतौर पर उस समय की ड्यूटी देने के लिए ही बुलाया गया था. इन्होने हद तो तब कर दी कि दोनों ड्यूटी पर तो आए लेकिन किसी भी बात की परवाह न करते हुए ब्लू फिल्म देखने बैठ गए.  इस घटना से इस बात का अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है कि जब मुख्यमंत्री के दौरे के समय ऐसा काम हो सकता है तो साधारण दिनों में अस्पताल परिसर में ये लोग जाने क्या करते होंगे.

हालाँकि अस्पताल में पोर्न फिल्म देखने के इस मामले में जांच शुरु हो चुकी है. लेकिन इस अस्पताल का जो इतिहास है उससे नहीं लगता है कि जाँच नतीजों से इस अस्पताल के कर्मचारियों की सेहत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला.

इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का जिम्मा एडीएम को दिया है. वहीं अस्पताल अधीक्षक के कम्प्यूटर रूम को भी कब्ज़े में ले लिया गया है. मामले कि गंभीरता को देखते हुए एडीएम ने खुद अस्पताल का दौरा किया और दोनो आरोपी कर्मचारियों से पूछताछ की. अस्पताल प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि दोनों कर्मचारियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

14 Comments

  1. Shailendra Pratap Singh says:

    they were sorting not looking.

  2. Prajwalit Singh says:

    ap khabar hi dogi ya kuchch karo gi bhi.media ka kam kewal khabar batana hi nahi hota hai. me sirf ap akeli par comment nahi kar rahan hun…ap media wale en burai yo ki root tak kyon nahi jate ki yes kyon ho raha hai aur eskeliye kon responsible hai. nishchit rup se upar ke log. kyon ki pawar to bade pad par aasin log chahe neta ho ya officer enke hath me hota hai to am admi kya kar sakta hai siway comment ke.ye janta ki responsiblety nahi hai. hamare pas koi alternate nahi kyonki sare rajneeti dal aur officer ek jese hai. aur media to yeh kah kar patta jhad leti hai ki hamar kam to kewal khabar batana hai , media wale to sabse neech hai, aur bikaw hai.ap log salman aur ketrina aur bollywood aur chote parde ke khabar aur cricket ki khabar to ese dikhate hai ki Bharat puri tarah se viksit ho gaya hai. tum logo ko apni intelligency par etna ghamand ho gaya hai ki tum logo ko to narak me bhi jagah nahi milne wali.plzzzzzz badal jav.

  3. tiwari b l says:

    बात ये नहीं थी असली में वो सी डी थोड़ी ही देर बापस कर नि थी यदि उस समय नहीं देखा तो सी डी वापस चली जाती मुख्य मंत्री तो फिर आही जाते न फिर फिल्म कब देखा ने को मिलती आप लोग तो नाजे कान्हा कान्हा के आरोप लगाने लगते हो

  4. Swadesh Jain says:

    logon ki karya kshamta par asar par raha hai koi esa sarkar hai jo is porn ko khatam kar de jaise china me.porn sites par ban hai. na rahega bans na bajegi bansuri.lekin iske liye himmat chahiye. vote bank ki rajneeti karne wale esa nahi kar sakte iske liya sachhe desh bhakt ki jaroorat hai.

  5. its not a big deal….bcoz if minister can see the blue film in parliament then y nt these people….after all they r inpiered by them…

  6. Satya Prakash Yadav says:

    life ka tadka.

  7. mahendra gupta says:

    एक स्वनामधन्य गांधीवादी मुख्यमंत्री के राज में उनके ही निर्वाचन क्षेत्र की यह घटना उनके सु घोषित सुराज की बानगी मात्र है,इस राज में क्या नहीं होता, यह तो रोजाना के समाचार पत्र बताते ही हैं. उन पर एक्शन लेने के भी समाचार रोज हम पढतें हैं, पर होता क्या है, परिणाम क्या हुआ इसकी खबर नहीं मिलती. यह सब भी कागजों में दब दबा जायेगा. जोधपुर का हॉस्पिटल तो अपने अनमोल और चकित कर देने वाले कार्यों के लिया प्रसिद्ध है ही, और जब cm साहब का आशीर्वाद साथ हो तो कहना ही क्या.
    धन्य मेरा राजस्थान

  8. Kunwar Sen says:

    Jaach kroge to sayad bahut sari gandgi or milegi , or ho skta h ki Hospital ki aad me khi vesyavirti ka dhanda to nhi pnp rha h.

  9. this is a very small thing for the govt employee he has no work to do madam g koi kam to karenge hi.

  10. सरकार सवेदंशील नहीं है..

  11. महफ़िल उन्ही के लिए सजाई होगी.

  12. Tushar Panchal says:

    kya pata isme C. M. BHI SHAMIL HO.

  13. Aapana C M hai..kai farak na padah…

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