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विश्व सुंदरी युक्ता मुखी भी घरेलु हिंसा का शिकार…

By   /  September 14, 2012  /  2 Comments

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रईसजादे पहले तो खूबसूरत और महंगे खिलौनों के पीछे दीवाने रहते हैं और कुछ देर बाद वे उन खिलौनों को तोड़ देने में भी नहीं हिचकते. यही व्यवहार उनका इंसानों के साथ भी पाया जाता है. शिक्षा के कारोबारी प्रिंस तुली भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं. उनकी पत्नी पूर्व मिस वर्ल्‍ड और फिल्मों में काम कर चुकीं युक्ता मुखी प्रिंस तुली की हिंसा की शिकार हो गई हैं. उन्‍होंने अपने पति प्रिंस तुली के खिलाफ मारपीट की शिकायत थाने में दर्ज करवाई है.
मुंबई के अंबोली पुलिस स्‍टेशन पर दर्ज करवाई गई शिकायत में युक्ताने कहा है कि उनका पति अक्‍सर उनकी पिटाई करता है. इस संबंध में पुलिस स्‍टेशन के वरिष्‍ठ इंस्‍पेक्‍टर हरीशचंद्र वाटकर के अनुसार  युक्ता मुखी ने आरोप लगाया है कि प्रिंस तुली अक्सर उन्हें परेशान करता रहता है. आए दिन मारपीट करता है.
शिकायत के बाद अंबोली पुलिस थाने में उनके पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. लेकिन पुलिस इससे अधिक जानकारी देने से इंकार कर रही है.

अमीरों को पुलिस से कितना फायदा मिलता है, इसका नमूना भी खुद मुंबई पुलिस ने देते हुए प्रिंस तुली के खिलाफ गैर संज्ञेय अपराध का मामला दर्ज किया है. इसके तहत पुलिस अदालत की अनुमति के बिना न तो एफआईआर दर्ज कर सकती है, न जांच कर सकती है और न ही गिरफ्तारी कर सकती है. अब कोर्ट की अनुमति के बाद ही आगे कोई कार्रवाई हो सकती है.
गौरतलब है कि युक्ता मुखी दिसंबर 1999 में लंदन स्थित ओलंपिया थिएटर में मिस वर्ल्ड चुनी गई थी. 20 साल की उम्र में ही वह दुनिया की सबसे सुंदर लड़की बन गई थीं और इसके बाद उन्होंने कुछ फिल्मों में भी काम किया था मगर बॉलीवुड में कोई खास कमाल नहीं दिखा पायीं. लंबे समय तक फिल्मों में सफलता के लिए संघर्ष करने के बाद उन्होंने फिल्म जगत को अलविदा कह दिया और अमीरज़ादे प्रिंस तुली से शादी कर ली. युक्‍ता के पति प्रिंस तुली न्यूयॉर्क के कारोबारी हैं. इनकी फैमिली का मध्य भारत में होटल, मॉल्स और एजुकेशन का कारोबार है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. Kunwar Sen says:

    kuchh din achhe lgte KAYA or MAYA fir vhi Ghar ghrsti is liye yes hinsa hoti h. yha aap kh skte h ki YUKTA MUKHI bhi Dukhi h.

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