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अदी गोदरेज ने किताब ट्रायम्फ ऑफ़ टूगेदरनेस रिलीज़ की…

By   /  September 17, 2012  /  No Comments

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पिछले दिनों मुंबई में विजडम ट्री द्वारा लॉन्च की गयी लेखक अनिल सेनानी की किताब “ट्रायम्फ ऑफ टूगेदरनेस” को अदी  गोदरेज( चेयरमैन ऑफ़ गोदरेज इन्डस्ट्रीज़ ) ने रिलीज़ किया. इस अवसर पर प्रकाशन समूह विजडम ट्री के शोबित आर्य,  प्रदीप खेतान ( मैनेजिंग पार्टनर ऑफ़ खेतान कंपनी) हर्षा सुब्रमण्यम ( ब्लूमबर्ग )  भी उपस्थित थे.

अनिल की किताब  रिलीज़ करते समय अदी गोदरेज ने कहा कि, “ अनिल ने अपनी किताब के लिए एकता विषय का जो चुनाव किया है वो बहुत ही अच्छा है जब भी हम पारिवारिक बिजनिस की बात करते हैं तो बहुत ही जरुरी है सामंजस्य व एकरूपता. बहुत ही बेहतरीन तरीके से लिखी गयी है किताब ‘ट्रायम्फ ऑफ़ टूगेदरनेस’ पाठक बहुत ही उत्सुकता के साथ पढ़ेगें.”

बिजनिस परिवार में जन्में व पले बढे हुए अनिल की इस किताब “ट्रायम्फ ऑफ टूगेदरनेस” की कहानी एक चींटी के परिवार के इर्द गिर्द है जिसमें पारिवारिक मूल्यों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है जिस तरह चीटीं के परिवार में सामंजस्य व एक रूपता होती है उसी तरह एक परिवार के लिए भी यही सब बाते मुख्य होती हैं.

इस अवसर पर  लेखक अनिल सेनानी ने कहा कि,  “रिश्तों में मतभेद के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं इसलिए इनको नजरअंदाज किया जाना ही बेहतर है यह बात  भावनात्मक और वित्तीय दोनी ही स्तरों पर लागू है. मैंने अपनी किताब में चीटी के परिवार के माध्यम से यही बात लिखने की कोशिश की है कि सभी परिवारों में चाहे वो बिजनिस परिवार ही हों, में भी एकजुटता से ही विजय प्राप्त की जा सकती है.”

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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