Loading...
You are here:  Home  >  बहस  >  Current Article

अधिकार ही नहीं हैं काफी, जानिए अपने कर्तव्यों को भी

By   /  July 28, 2011  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

।। वंदना गुप्ता  ।।

आज जनता ने शोर तो बहुत मचाया हुआ है कि उसके साथ न्याय नहीं हो रहा मगर कभी अपने गिरेबान में झांक कर नहीं देखा कि उसके लिए जिम्मेदार कौन है। एक बार अपने गिरेबान में झांक कर देखे तो समझ आ जायेगा कि वो खुद इसके लिए जिम्मेदार है।

अब प्रश्न ये आएगा कि कैसे ?

तो उसका सीधा सा जवाब है कि जब तक जनता अपने वोट के अधिकार को नहीं समझेगी उस पर दूसरे ही अपना राज करेंगे और अपनी मर्ज़ी चलाएंगे क्यूँकि हमारे देश की मुश्किल से २५ प्रतिशत जनता ही वोट देने जाती है उनमे भी वो लोग होते हैं जो या तो अनुसूचित जाति के होते हैं , अनपढ़ होते हैं , अल्पसंख्यक होते हैं या थोड़े बहुत मध्यमवर्गीय इसके अलावा झुग्गी झोंपडी का वोट भी उसे ही जाता है ……क्योंकि हम जैसे पढ़े लिखे हाई प्रोफाइल नागरिक तो वोट देना अपनी हेटी समझते हैं।

कौन छुट्टी का मज़ा खत्म करे और ए सी से निकले। ये काम तो बेकार लोगो का गिना जाता है जब ऐसी सोच होगी संभ्रांत वर्ग की तो क्यो नही कांग्रेस राज करेगी? उसे पता है किसे कैसे खुश रखना है और पूरे देश का नेतृत्व देश की मुश्किल से 25% जनता कर देती है और कमान अनचाहे नेतृत्व के हाथ मे सौंप देती है। और क्यों नहीं सौंपी जाएगी जब हम ही जागरूक नहीं होंगे और यदि हम जागरूक नहीं रह सकते तो क्या हक़ है हमें इतना शोर मचाने का , हल्ला करने का जब हम अपने कर्त्तव्य का सही ढंग से पालन नहीं कर सकते तो अपने अधिकारों के लिए किसी पर भी कैसे दोषारोपण कर सकते हैं ?

आज जरूरत है हमारे देश में एक ऐसे कानून की जिसमे वोट देना जरूरी कर दिया जाए और इतना जरूरी कि यदि कोई व्यक्ति वोट ना दे तो उससे उसकी सारी बुनियादी जरूरतें जैसे बिजली, पानी , ड्राइविंग लाइसेंस ,पासपोर्ट, बैंक अकाउंट बंद कर दिए जायें और यहाँ तक कि उससे उसकी पहचान अर्थात भारत की नागरिकता भी छीन ली जाए फिर देखिये कैसे नहीं सब पालन करते ……..जिस दिन मेरे देश में इस तरह के कानून बनने लगेंगे उसी दिन से सब सख्ती से उसका पालन करने लगेंगे तो देश को एक सही नेतृत्व जरूर मिलेगा जो देश में एक बार फिर खुशहाली की बयार लाने में कामयाब हो सकेगा और देश को भ्रष्टाचारमुक्त , घोटालों मुक्त देश बना सकेगा।

वंदना गुप्ता

अब प्रश्न ये आता है कि इसका सबसे पालन कैसे करवाया जाये तो पालन करवाने में कोई मुश्किल नहीं होगी सिर्फ इतना करना होगा जैसे हमेशा सरकार करती आई है . जैसे जब cng पर गाड़ियाँ चलानी थीं तो उसे सख्ती से लागू किया तो सबने उसे स्वीकारा या फिर जब कॉमन वेल्थ गेम हुए तो यातायात के लिए एक लाइन उनके लिए अलग से छोड़ी गयी और जिसने उसमे जाने की कोशिश की तो उस पर २००० का जुर्माना लगाया गया तो हर नागरिक ने उसका पालन किया तो अगर उसी सख्ती से ये कानून बनाकर लागू कर दिया जाए तो कैसे नहीं जनता मानेगी ……….कोई कहेगा कि तब भी लोग नहीं देंगे तो उसका सीधा सा उपाय है वोट के बाद देखा जाये किस किस ने वोट नहीं डाली है बस उन सबकी बुनियादी जरूरतें उनसे छीन ली जाएँ जहाँ एक दो बार ऐसा हुआ सबको समझ आ जायेगा और फिर सब अपने कर्त्तव्य का पालन करने लगेंगे।

मगर ऐसा कोई भी नेता नहीं चाहता क्यूँकि इससे कम से कम भ्रष्टाचारी या धूमिल छवि वाले नेताओं का राज पाट तो ख़तम हो जायेगा ना तो कोई क्यूँ

चाहेगा ऐसा कदम उठाना ये तो खुद कुल्हाड़ी पर पैर रखना हुआ . मगर मेरी अपील तो यही है आज के साफ़ छवि वाले लोगों से कि वो इसके लिए आन्दोलन करें और ऐसा विधेयक पास करवाएं तो अपने आप भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे किनारे होने लगेंगे और देश की विश्वपटल पर एक साफ़ सुथरी छवि देखने को मिलेगी .

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

वंदे मातरम् को संविधान सभा ने राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: