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उदय चंद्र की फिर हुई छुट्टी, CVB ने ड्रॉप की न्यूज़ एजेंसी की योजना

By   /  July 27, 2011  /  2 Comments

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अपनी विचित्र आदतों के लिए बदनाम रहे उदय चंद्र की एक बार फिर छुट्टी होने की खबर है। बताया जा रहा है कि अपने नए ठिकाने CVB में कदम रखते ही उन्होंने जो तूफान खड़ा किया था वो उसी में उड़ गए हैं।

खबर है कि UNI TV से CVB बने यशवंत देशमुख के संस्थान से भी उदय चंद्र की छुट्टी हो गई है। इंडिया न्यूज से निकाले जाने के कुछ दिनों बाद से उदय ने अपने पत्रकारिता कॉलेज IIMC के सहपाठी यशवंत देशमुख का दामन थाम लिया था। पहले से ही आर्थिक परेशानियों में घिरे इस संस्थान में उदय का आना कोढ़ में खाज की तरह रहा। बताया जाता है कि उदय ने आते ही अपना चिर-परिचित काम यानि छंटनी की लिस्ट फाइनल करने का जिम्मा ले लिया था।

हालांकि उदय ने अपने लिए एक सुरक्षित काम ढूंढ लिया था और यशवंत को प्रिंट मीडिया के लिए न्यूज़ एजेंसी खोलने को राजी भी कर लिया था। एनडीटीवी में हिंदी ट्रांस्लेटर की नौकरी करने वाले उदय को वहां से निकलने के बाद काम सीखने के कई अवसर मिले, लेकिन उन्होंने ज्यादा वक्त ग्राफिक डिजाइनरों और वीडियो एडीटरों के साथ ही बिताया। नतीजा ये निकला कि यहां जब चैनल की योजना खटाई में पड़ी तो उदय को अपनी जगह अपकमिंग न्यूज एजेंसी के ट्रांस्लेटर के तौर पर बनानी पड़ी।

लेकिन उदय की चतुराई यहां कोई काम न आ पाई क्योंकि जब चैनल की योजना ठप हुई तो CVB पर फायनैंसर सचिन और सुनील अग्रवाल बंधु आगरा से नोएडा आ धमके और दिन-प्रतिदिन के कामकाज पर नजर रखने लगे। उन्होंने सबसे पहले न्यूज़ एजेंसी की योजना को ड्रॉप करने का फैसला किया और जिसके अपकमिंग ट्रांसलेटर की अपने आप छुट्टी हो गई। सूत्रों का कहना है कि तकनीकी तौर पर उदय चंद्र को निकाला नहीं गया है क्योंकि अभी तक उनकी आधिकारिक नियुक्ति ही नहीं हुई थी।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. Amit Raj says:

    Ye s**** ek din khud hi pedal ho jaate hain. Duniya ki list banaane main waise to bada mazaa aa ta hai lakin jab apni list banti hai to Uday Chandra Jaise Chutiyoon sa haal ho jaata hai.

  2. Neeraj says:

    Ishki to shakal hi bata rahi hai ki ye list bannane ka kaam hi kar sakta hai. Uday ji ek kaam karein ki BIg Bazaar ya Relaince Fresh main Bill Boy ka Kam kar len Fhilhaal daal rooti chalti rahegi.

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