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समुद्र भी अछूता नहीं रहा घोटालों से…

By   /  September 25, 2012  /  3 Comments

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2 जी, स्पेक्ट्रम और कोलगेट घोटाले के सामने आने के बाद भी नए घोटाले खुलने का सिलसिला  लगातार जारी है. आकाश से ले कर पाताल तक में घोटाले कर चुके राजनेताओं, अफसरों और कार्पोरेट समूहों ने समुद्र तक को नहीं छोड़ा और वहां भी एक नया घोटाला सामने आया है. यह घोटाला बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में खनिज संपदा की खोज के लिए आवंटित ब्लॉकों में किया गया है. सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिक जांच रिपोर्ट दर्ज की है.

सूत्रों के अनुसार पिछले साल समुद्र में खनिजों की खोज के लिए आवंटित 62 ब्लॉकों में से 28 ब्लॉक एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दे दिये गये. यही नहीं ये चारों कंपनियां राजस्व सेवा से जुड़े एक पूर्व अफसर के परिजनों की हैं. सीबीआई के सूत्रों के मुताबिक ये चारों कंपनियां आवंटन की शर्ते पूरी नहीं करती थीं इसके बावजूद इन्हें ब्लॉक दिए गए.

सीबीआई ने जांच में ये पाया है कि इन कंपनियों के मालिकों के हथियारों के दलाल अभिषेक वर्मा से भी संबंध हैं. सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में नागपुर स्थित केन्द्रीय खनन ब्यूरो और केन्द्रीय खान मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है. साथ ही चारों कंपनियों और उनके निदेशकों को भी आरोपी बनाया गया है.

समुद्र के भीतर मौजूद खनिज संपदा को निकालने के लिए खान मंत्रालय ने 2010 में 63 ब्लॉकों के लिए टेंडर जारी किए थे. जिसके जवाब मे कुल 377 कंपनियों ने आवेदन किया. मार्च, 2011 में खान मंत्रालय ने आवंटित ब्लाकों की सूची जारी की. सूत्रों के मुताबिक खान मंत्रालय से जुड़े केंद्रीय खनन ब्यूरो ने ये सारे आवंटन किए.

आवंटन में 28 ब्लॉक एक ही परिवार से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए. टेंडर प्रक्रिया में शामिल कुछ कंपनियों ने इसका विरोध किया और मुंबई और हैदराबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाई कोर्ट ने आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सीबीआई को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. das ka jiatnya gdar hia phlya unkoa phasea hona chahiya bad miya dosioa koa jobhia deas ka satha gdariy kiya uskoa phasea hona chahiya enkya bap ka rajiya joa mrjia arha hia kiay jarhya hia jgoa hiandus tan jagoa nhia to agrj luta to kucha nia ya to apnya hia luat rhya hia jya hiand jya bharat.

  2. Vipin Mehrotra says:

    I feel in vaccuum the day I do not hear new Ghotala.

  3. Koi bi post nahi dekh pa rahe hain,her post open karte hi assam se sambadit utube ka video hilight ho jata hai,krapya samsya ka samadhan kare.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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