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पाकिस्तान ने फिर छेड़ा कश्मीरी राग…

By   /  September 27, 2012  /  2 Comments

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पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है. पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा कि कश्मीर मसला संयुक्त राष्ट्र की असफलता को दर्शाता है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत इस मसले को हल करने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र महासभा के 67वें सत्र के दौरान अपने 20 मिनट के संबोधन में पाक राष्ट्रपति ने कहा, ‘कश्मीर का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र की ताकत को नहीं बल्कि नाकामी को दिखाता है.’

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार जम्मू एवं कश्मीर के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य का फैसला करने के अधिकारों के लिए हम उन्हें समर्थन देते रहेंगे. प्रस्ताव कश्मीर में जनमत संग्रह की बात करता है. जरदारी ने कहा कि क्षेत्रीय विवादों पर पाकिस्तान की विदेशी नीति का एक सैद्धांतिक आधार रहा है.

हालांकि राष्ट्रपति ने इस बात को स्पष्ट नहीं किया कि कश्मीर मसला किस तरह से संयुक्त राष्ट्र की नाकामी को दर्शाता है. पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भी जरदारी के बयान पर विस्तार से कुछ नहीं कहा. गौरतलब है कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र फोरम में बार-बार उठाता रहा है जबकि भारत इस बात पर जोर देता आया है कि यह उसका अंदरूनी मामला है. अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी कश्मीर मसला सुलझाने के लिए किसी बाहरी समाधान की संभावना से इनकार कर चुके हैं.

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    पाकिस्तान के नेताओं की समय समय पर अपनी जनता में पेंथ बनाये रखने के लिए ऐसे आलाप छेड़ना मजबूरी है.जब उन नेताओं को लगता है कि उनका आधार अब खिसकता जा रहा है तो वोह उसे बनाये रखने के लिए ऐसे बयां दे देतें हैं ताकि भारत के खिलाफ बयान देकर जनता को अपने बस में रख सके.बाकि वोह भी जानतें हैं कि कश्मीर उन्हें मिलना नहीं,भारत के लोग भी जानतें हैं कि बाकी कश्मीर जो पाक के कब्जे में है वापस मिलना नहीं , पर दोनों ही देश के नेताओं को अपनी सर्कार बनाये बचाए रखने के लिए इस मुद्दे को इस तरह जीवित रख जनता को बुद्धू बनाना अच्छा लगता है.

  2. पाकिस्तान के नेताओं की समय समय पर अपनी जनता में पेंथ बनाये रखने के लिए ऐसे आलाप छेड़ना मजबूरी है.जब उन नेताओं को लगता है कि उनका आधार अब खिसकता जा रहा है तो वोह उसे बनाये रखने के लिए ऐसे बयां दे देतें हैं ताकि भारत के खिलाफ बयान देकर जनता को अपने बस में रख सके.बाकि वोह भी जानतें हैं कि कश्मीर उन्हें मिलना नहीं,भारत के लोग भी जानतें हैं कि बाकी कश्मीर जो पाक के कब्जे में है वापस मिलना नहीं , पर दोनों ही देश के नेताओं को अपनी सर्कार बनाये बचाए रखने के लिए इस मुद्दे को इस तरह जीवित रख जनता को बुद्धू बनाना अच्छा लगता है.

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