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लाइव आत्महत्या दिखाने पर चैनल ने मांगी माफ़ी…

By   /  September 29, 2012  /  No Comments

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अमरीका के लोकप्रिय न्यूज़ नेटवर्क फॉक्स न्यूज़ ने एक व्यक्ति द्वारा अपनी कनपटी पर बंदूक रख आत्महत्या किए जाने का दृश्य लाइव दिखाने पर माफ़ी मांगी है.

शुक्रवार को फॉक्स न्यूज़ ने अपने प्रसारण के दौरान तेज़ रफ्तार से भागती एक गाड़ी का कैमरा लगे

हेलीकॉप्टर के जरिए किया गया लाइव प्रसारण

हेलिकॉप्टर से पीछा करती तस्वीरें दिखाईं. ये गाड़ी एरिज़ोना राज्य के फीनिक्स शहर से चली थी और चैनल पर लगातार इस घटनाक्रम की लाइव कवरेज दिखाई गई. माना जा रहा है कि ये गाड़ी चोरी की हुई थी जिसे एक व्यक्ति लेकर भाग रहा था. लेकिन रेगिस्तान में मीलों तक गाड़ी चलाने के बाद वो व्यक्ति एकाएक रुका और गाड़ी से उतर कर भागने लगा. फिर उसने खुद को सिर में गोली मार कर जान दे दी. ये सभी दृश्य टीवी पर लाइव दिखाए गए.

दुर्भाग्य से ये गलती बड़ी मानवीय चूक का नतीजा है और दर्शकों ने अपने टीवी स्क्रीन पर जो कुछ देखा, हम उसके लिए माफी मांगते हैं.

फॉक्स न्यूज

बाद में टीवी एंकर शेफर्ड स्मिथ ने दर्शकों को ये सब दृश्य दिखाने पर माफी मांगी. उन्होंने कहा, “हमसे वाकई बड़ी गड़बड़ी हुई है.”

बड़ी मानवीय चूक

फॉक्स न्यूज के कार्यकारी उपाध्यक्ष माइकल क्लेमेंट का कहना है, “दुर्भाग्य से ये गलती बड़ी मानवीय चूक का नतीजा है और दर्शकों ने अपने टीवी स्क्रीन पर जो कुछ देखा, हम उसके लिए माफी मांगते हैं.”

पुलिस प्रवक्ता सार्जेंट टॉमी थॉम्पसन ने बताया कि आरोप है कि इस व्यक्ति ने एक जोड़े से बंदूक की नोंक पर ये गाड़ी लूटी थी.

पुलिस ने गाड़ी का पता लगा लिया और उसका पीछा करना शुरू कर दिया. गाड़ी चला रहे व्यक्ति ने पुलिस की गाड़ी पर गोलियां चलाईं लेकिन इसमें किसी अफसर को चोट नहीं आई.

सार्जेंट थॉम्पसन ने बताया, “वो गाड़ी से निकला और उसने खुद को गोली मार ली. उसने बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं और वो घटनास्थल पर ही मारा गया. अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है.”

ये पहला मौका नहीं है जब किसी अमरीकी टीवी चैनल पर आत्महत्या का सीधा प्रसारण हुआ है. 1974 में क्रिस्टीने चबक ने फ्लोरिडा के डब्ल्यूएक्सएलटी चैनल पर समाचार कार्यक्रम पेश करते वक्त खुद को गोली मार कर जान दे दी थी.

(बीबीसी)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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