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सोशल साईट्स पर सेक्स के नाम पर धोखा…

By   /  September 30, 2012  /  2 Comments

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बीबीसी संवाददाता डेविड रीड की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर सोशल नेटवर्किंग साईट पर कोई महिला आपसे अंतरंग होने का निवेदन करें तो बचें, क्योंकि कई पुरूष महिला बनकर लोगों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका अंजाम होता है ब्लैकमेलिंग.

कई लोग इसी तरह से सोशल साईट पर मर्दों से दोस्ती करते हैं फिर उनसे वेबकैम के सामने निर्वस्त्र होने की गुहार की जाती है. ऐसा करते ही उनकी तस्वीरें रिकॉर्ड कर ली जाती हैं जिसके बाद धमकी मिलने और ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है.

फ़्रांस की पुलिस का कहना है कि उन्हें हर दिन इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं. पुलिस का कहना है कि ऐसे बहुत सारे मामले शायद पुलिस के पास पहुंच ही नहीं रहे.

तजुर्बा

इस तरह के धोखे में फंस चुके एक शख्स इस शर्त पर अपना तजुर्बा बताने को तैयार हैं कि उनकी पहचान ज़ाहिर नहीं की जाएगी.

वो कहते हैं, “उसने मुझे मैसेज भेजा, मैं बहुत ख़ुश था क्योंकि लड़कियां सामान्यत: इन मामलों में पहल नहीं करती हैं.”

“लगभग पांच मिनट बाद ही मुझे एक मैसेज मिला: मैंने आपकी पूरी हरकत की रिकॉर्डिंग की है, ये है वो वीडियो. अगर आपने हमें पैसे नहीं भेजे तो इस रिकॉर्डिंग को यूट्यूब पर डाल दिया जाएगा. मैंने उस वीडियो को देखा, मैं अपना चेहरा साफ़ तौर पर देख सकता था … उसमें सबकुछ दिख रहा था.”
ब्लैकमेल का शिकार हुए युवक

“उसने मुझसे कहा कि वो फ्रांस के लियोन की रहने वाली है, लेकिन फिलहाल छुट्टियों बिताने आईवरी कोस्ट में है. हमने कुछ देर एमएसएन पर चैट किया जिस दौरान मैंने उसका वीडियो भी देखा. वो एक बहुत ख़ुबसुरत फ्रांसीसी लड़की थी, बहुत ही ख़ुबसुरत.”

“कुछ देर के बाद मुझे साइट पर उसका वीडियो दिखने लगा जिसमें वो अपने कपड़े उतार रही थी. मुझे बिल्कुल अहसास नहीं हुआ कि ये रिकॉर्डेड वीडिया था, मुझे लगा ये लाइव है.”

इरादा

लेकिन फिर उसका असल मक़सद साफ़ हो गया.

“लगभग पांच मिनट बाद ही मुझे एक मैसेज मिला: मैंने आपकी पूरी हरकत की रिकॉर्डिंग की है, ये है वो वीडियो. अगर आपने हमें पैसे नहीं भेजे तो इस रिकॉर्डिंग को यूट्यूब पर डाल दिया जाएगा.”

अपनी कहानी बता रहे 28-वर्षीय युवक कहते हैं, “मैंने उस वीडियो को देखा, मैं अपना चेहरा साफ़ तौर पर देख सकता था … उसमें सब कुछ दिख रहा था.”

वीडियो के नीचे पीड़ित युवक का नाम था, साथ ही लिखा था कि वो एक लड़की के सामने अश्लील हरकतें कर रहे थे.

ब्लैकमेल का शिकार हुए लोगों में से कुछ ने आत्महत्या कर ली.
उनसे 600 डॉलर अबिदजान के एक पते पर भेजने की मांग की गई थी.

बदनामी का डर

पुलिस का कहना है कि दुर्भाग्य से इस तरह के मामले इतने निजी होते हैं कि ज़्यादातर लोग पुलिस के पास जाते ही नहीं.

लोगों की मान-मर्यादा का प्रबंधन करने वाली कंपनी ‘रेप्यूटेशन स्क्वॉड’ कहना है कि जो लोग इस तरह के जाल में फंसते हैं वो कई तरह की कहानियां गढ़ते हैं और सीधे तौर पर नहीं बताना चाहते कि वो किसी से इंटरनेट पर मिले और कैमरे पर कपड़े उतारने को तैयार हो गए.

लेकिन कंपनी का कहना है इस तरह के 95 फ़ीसद मामले इंटरनेट ब्लैकमेल के होते हैं.

कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां पैसे न दिए जाने की सूरत में ब्लैकमेल करनेवाले पुलिस का भेस बनाकर लोगों के घर तक पहुंच गए हैं.

जानकारों का कहना है कि लोगों को मालूम होना चाहिए कि इंटरनेट पर डाली गई चीज़ वहां से हटाई भी जा सकती है और यूट्यूब सेक्स से संबंधी वीडियो अपने साइट पर नहीं रहने देते हैं.

पुलिस का कहना है कि जो सीधे पुलिस को इस तरह के मामले की जानकारी देने से डरते हैं वो कम से कम इसे उनकी वेबसाइट पर डाल सकते हैं.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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