Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

पुलिस थाने में रेव पार्टी, थाना अधिकारी भी जम कर नाचे…

By   /  October 1, 2012  /  12 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

यह जरूरी नहीं कि रेव पार्टियाँ सिर्फ बिगड़े रईसजादे या रईसज़ादियाँ का ही शौक हो. राजस्थान पुलिस भी इस मामले में कम नहीं है. अजमेर जिले के ब्यावर पुलिस थाने में हुई एक रेव पार्टी का वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में ब्यावर के कार्यकारी थाना प्रभारी उदय सिंह एक प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल के साथ नाच रहे हैं. इस डांस पार्टी के दौरान थाने में ही जमकर शराब भी पी गई.

पुलिस के ही किसी कांस्टेबल ने थाने में हुई इस पार्टी को अपने मोबाइल फोन पर रिकार्ड भी किया किया. यह भी कहा जा रहा है कि यह क्लिपिंग पुलिस के कुछ जवानों के माध्यम से अन्य लोगों तक पहुंची और उन्होंने इसे यू ट्यूब पर अपलोड कर दिया. इस वीडियो को अपलोड करने वाले ने इसे रेव पार्टी का नाम दिया है, जिसमें एसआई उदय सिंह और एक महिला कांस्टेबल को नाचते हुए दिखाया गया है.

कुछ दृश्यों में दोनों खासे क्लोज भी नजर आ रहे हैं. ये दोनों एक गाने पर डांस कर रहे हैं. डांस के दौरान उम्र के कारण कई बार थानेदार की सांस फूल गई और वह पसीने से लथपथ हो गए तो एक साइड में जाकर बैठने लगे लेकिन महिला कांस्टेबल इन्हें बार-बार नाचने के लिए खींच लाती. पूरे थाने ने यह तमाशा देखा. थाना प्रभारी के साथ थाने के दूसरे जवान भी खूब नाचे लेकिन उन्हें रिकार्डिंग की जानकारी थी. इसलिए वे वीडियो में आने से बचे. वीडियो बनाने वाले जवान ने हाथ में मोबाइल लेकर ऐसे रिकार्डिंग की मानो उसके हाथ में मोबाइल नहीं शराब की बोतल है. रिकार्डिंग होने के बाद वे एक ओर हट गए.

पुलिस ने इस मामले में फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. यह महिला प्रशिक्षु कांस्टेबल हाड़ी रानी बटालियन से संबंधित है और यहां पर ट्रेनिंग के लिए आई थी. वीडियो अपलोड करने वाले ने फर्जी आईडी अन्ना फौजी के नाम से पौने दो मिनट का यह वीडियो अपलोड किया है.

देखें इस रेव पार्टी का वीडियो….

[yframe url=’http://www.youtube.com/watch?v=VTs0szduL6E’]

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

12 Comments

  1. Gunjan Kumar Tiwari says:

    ye ek sanamra vinti h

  2. Gunjan Kumar Tiwari says:

    aisi fizool ki posts saarvajanik kr ke vyavastha par se janta ka vishwaas kam na karein

  3. Gunjan Kumar Tiwari says:

    prove karo aur koi dikkat h toh court mn yachika daayar karo

  4. Gunjan Kumar Tiwari says:

    qa guarantee h ye thaane ka hi scene h aur ye policewale hi h?

  5. Vinit Tiwari says:

    YEH hai thanedargiri | socho ?

  6. agreed with KUMAR AJAY.

  7. यह थाने का बैरेक है. इसमें पुलिस वाले रहते हैं.. कुर्सी टेबल थाने के ऑफिस में होती हैं. शराब भी पी जा रही है और डांस भी हो रहा है पुलिस थाने के भीतर फिर क्यों ना प्रकाशित करें उनके कर्म .

  8. Kumar Ajay says:

    Bina kuch dhyan se dekha apni frustation kyon nikalte hai log. Kya Azmer ka P.S. aisa hai jaha chair table ki jagah takhat rakha hai, deewaron par khuti me kapde tange hai, and " RAVE PARTI" matlab pata bhee hai RAVE PARTY KA. Jo man me aaya likh diya, Ek Banda apne ghar ya kahi bhee kisi ke sath dance kar raha hai to yes tathakathin samaj ke thekedar kyo pareshaan ho jate hai.

  9. abhi aap chintta nan karo aage ti police satation main in partion ka aajojan leagal hoga.

  10. Kunwar Bhupendra Lamba Fort says:

    teri kah k lunga

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

जौहर : कब और कैसे..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: