/गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव, रणभेरी बजी…

गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव, रणभेरी बजी…

चुनाव आयोग ने बुधवार को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा दिया है. हिमाचल प्रदेश में एक ही दिन में तो गुजरात में दो चरणों में चुनाव होगा. हिमाचल में 4 नवंबर और गुजरात में 13 और 17 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. दोनों राज्यों में मतगणना एक साथ 20 दिसंबर को होगी. चुनाव आयोग के इस ऐलान के साथ ही दोनों राज्यों में चुनावी आचार संहिता भी लागू हो गई है.

दोनों सूबों में खास तौर से मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है. गुजरात में जहां कांग्रेस के सामने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने की चुनौती है. वहीं हिमाचल में भाजपा के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस वीरभद्र सिंह के सहारे ताल ठोक रही है.

मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए कहा कि हिमाचल में इसके लिए 10 अक्तूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी. प्रत्याशी 17 अक्तूबर तक नामांकन कर सकेंगे. जबकि 18 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 20 अक्तूबर तक प्रत्याशियों को नाम वापस लेने की छूट होगी. पूरे प्रदेश में एक ही दिन 4 नवंबर को मतदान होगा.

उन्होंने बताया कि गुजरात में सुरक्षा तथा अन्य कारणों से दो चरणों में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराने का फैसला लिया गया है. यहां चुनाव के लिए दो चरणों के लिए अधिसूचना 17 और 23 नवंबर को जारी करने के बाद मतदान क्रमश: 13 और 17 दिसंबर को होगा. प्रत्याशी पहले चरण के लिए 24 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 30 नवंबर तक नामांकन कर सकेंगे. पहले चरण में 87 और दूसरे चरण में 95 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि गुजरात में कुल 182 और हिमाचल में 68 सीटों पर मतदान होगा. गुजरात में अनुसूचित जाति (13) से ज्यादा अनुसूचित जनजाति (27) के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं. इस चुनाव में दोनों राज्यों में फोटोयुक्त मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाएगा.

गुजरात में 37815306 मतदाता तथा हिमाचल में 4516054 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. चुनाव के दौरान दोनों राज्यों में केंद्रीय सुरक्षा बलों को पर्याप्त संख्या में तैनात किया जाएगा. उन्होंने चेताया कि चुनाव आयोग दोनों राज्यों में चुनाव संबंधी गतिविधियों पर पैनी नजर रखेगा.

आयोग के अहम फैसले
-प्रत्याशियों को आपराधिक इतिहास तथा आर्थिक ब्यौरे के लिए अब तक दिए जाने वाने दो शपथपत्रों के स्थान पर एक ही शपथपत्र में दोनों ब्योरे देने होंगे. इसमें कुछ अतिरिक्त विवरण भी मांगा जा रहा है.
-प्रत्याशियों को एक अलग बैंक खाता चुनाव खर्च के लिए खोलना होगा. चुनाव संबंधी सभी खर्च उसी खाते में जमा धन से करना होगा.
-मीडिया में पेड न्यूज की शिकायतों की जांच के लिए जिला, प्रदेश तथा आयोग के स्तर पर निगरानी कमेटी बनाई जाएगी.
-तीन साल से एक ही तहसील व क्षेत्र में तैनात तथा गृह जनपद में तैनात सब इंस्पेक्टर तथा उससे ऊपर के अफसरों को तत्काल दूसरे स्थानों पर तबादले का आदेश
-आयोग की ओर से मतदान से दो दिन पहले फोटो युक्त वोटर स्लिप घर-घर वितरित कराई जाएगी. इसमें मतदाता का पोलिंग स्टेशन तथा मतदाता सूची में नंबर आदि दर्ज होगा. अभी तक यह काम राजनीतिक पार्टियों व प्रत्याशियों के समर्थकों की ओर से किया जाता था.
-चुनाव संबंधी गड़बड़ी की शिकायत के लिए काल सेंटर होगा. मतदाता 1950 टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2007
विधानसभा सीट-68
सामान्य-49
एससी-16
एसटी-3

परिणाम
पार्टी…………….जीत……………मत मिले (प्रतिशत में)
भाजपा…………..41…………….43.78
कांग्रेस……………23……………38.90
बीएसपी……………1…………….7.26
निर्दलीय……………3……………7.97

गुजरात विधानसभा चुनाव 2007
विधानसभा सीट-182
सामान्य-143
एससी-13
एसटी- 26

परिणाम
पार्टी…………..जीत……………मत मिले (प्रतिशत में)
भाजपा…………117…………..49.12
कांग्रेस…………59…………….38.00
एनसीपी……….03……………..1.05
जेडी (यू)………..1……………..0.66
निर्दलीय…………2……………..6.61

गुजरात
पहले चरण 87 और दूसरे चरण में 95 सीटों पर चुनाव
गुजरात 182 सीट
मतदाता 37815306
पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे 44,496

हिमाचल
सीट 68
मतदाता 4516054
पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे 7252

गुजरात विधानसभा का कार्यकाल 17 जनवरी और हिमाचल विधानसभा का 10 जनवरी को हो रहा है पूरा.

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.