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पाक हिन्दुओं के वीजा पर पाक ने लगाई अघोषित रोक…

By   /  October 4, 2012  /  No Comments

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-चन्दन भाटी||
भारत पाकिस्तान के बीच बातचीत के दौरान किये समझौतों के ठीक  उलट पकिस्तान ने पाक हिन्दुओ के वीजा पर अघोषित रोक लगा दी है, पकिस्तान ने यह रोक सिंध प्रान्त के अल्पसंख्यक हिन्दुओ के भारत की और पलायन की खबरों के बाद लगे है, सूत्रों के अनुसार भारत भर में लम्बे समय से पाक हिन्दुओ के साथ हो रहे  अत्याचारों के बाद पाकिस्तान से पलायन कर भारत आने की खबरे प्रकाशित होने के बाद अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की बदनामी हो रही है .जिसके कारन पाक सरकार ने यह कदम उठाया .भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और पाक की विदेश मंत्री हिना रब्बानी हाथ मिलाते हुए नए वीजा समझौते पर हस्ताक्षर करके दुनिया को दोस्ती में गर्माहट आने का संदेश दिया लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तान में हिंदुओं को वीजा तो दूर पासपोर्ट बनने पर तीन महीने से अघोषित प्रतिबंध लगा है. कराची स्थित पासपोर्ट कार्यालय में 15 हजार हिंदुओं ने पाकिस्तान का पासपोर्ट पाने का आवेदन कर रखा है लेकिन उनके आवेदन पर सरकार द्वारा विचार ही नहीं किया जा रहा है.

पाक में हिंदुओं का पासपोर्ट बनने पर लगी अघोषित रोक के पीछे वहां हिंदू लड़कियों के साथ हो रही जोर-जबरदस्ती के बाद हो रहे हिंदुओं का पलायन मुख्य कारण है. पाक सरकार ने हिंदुओं के तेजी से हो रहे भारत पलायन को देखते हुए अन्तरराष्ट्रीय मंच पर किरकिरी होने से बचने के लिए यह कदम उठाया है. सोशल मीडिया पर रोमिंग जर्नलिस्ट के नाम से मौजूद श्री टाइम्स के इस खबरनवीस को पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट ने हिंदुओं के पासपोर्ट पर लगे अघोषित प्रतिबंध की जानकारी दी है.

पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ हो रहे जुल्म के साथ उनकी बेटियों को अगवा करने के बाद जबरन निकाह करने की बढ़ती घटनाओं के बाद सिंध प्रांत से हिंदुओं के पलायन को लेकर पाकिस्तान सरकार ने पासपोर्ट जारी करने पर अघोषित रोक लगा रखी है. एक तरफ पाक में हिंदुओं का पासपोर्ट नहीं बन रहा है दूसरी तरफ पासपोर्ट के बाद भारत आने के लिए वीजा जारी होने के बाद अटारी बार्डर पर तीर्थयात्रियों को जबरन रोककर पूछताछ करने की घटनाएं थम नहीं रही है. पाकिस्तान हिंदू सेवा ट्रस्ट की मंगला शर्मा ने इस खबरनवीस को बताया कि छह माह पहले जो हिंदू पासपोर्ट के लिए आवेदन किए हैं, उनको अभी तक पासपोर्ट नहीं जारी किया. इसके पीछे कारण वह बताती है पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नुमाइंदों द्वारा जिस तरह सलूक किया जा रहा है, उसके कारण हिंदू अपने का पाक में महफूज नहीं समझ रहा है. पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट के पास सिंघ प्रांत 14670 हिंदुओं के नाम पते मौजूद है, जिनका पासपोर्ट कराची स्थित रीजनल पासपोर्ट आफिस में छह माह से लटके हैं.

हिंदुओं के पासपोर्ट न बनने के पीछे सिंध व पंजाब प्रांत के हालत के कारण हो रहा हिंदुओं का पलायन है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में घोटकी के रहने वाले विजय तुलस्यानी ऐसे लोगों में शामिल है, जिन्होंने जनवरी में पासपोर्ट आवेदन किया लेकिन अभी तक नहीं मिला. कराची स्थित पासपोर्ट मुख्यालय पर जाने पर जवाब मिलता है अभी हिंदुओं को पासपोर्ट देने में सरकार ने रोक लगा रखी है, जब सरकार का आदेश होगा, तभी पासपोर्ट बनेगा. बताया जा रहा है पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक की ओर से मौखिक आदेश के बाद पाक में हिंदुओं के साथ ऐसा हो रहा है. गौरतलब है पिछले महीने भारत तीर्थ यात्रा पर आने वाले 191 पाकिस्तानी हिंदुओं को अटारी बार्डर पर रोक लिया गया है. पाकिस्तान के अधिकारियों ने जब उनसे यह वादा करवा लिया कि वह पाक लौटकर आएंगे तभी भारत जाने दिया गया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने भारतीय उच्चायोग द्वारा बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों को वीजा देने को साजिश करने का बयान पहले ही दे चुके है.

पाक में हिंदुओं के दुकानों में लूटपाट, मकानों पर हमले और महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल करवाने की घटनाओं के बाद तमाम हिंदू पाकिस्तान से पलायन कर रहे हैं. हिंदू परिवारों को भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा जारी करने में बरती जा रही नरमी के कारण पाक सरकार ने हिंदुओं को पासपोर्ट जारी करने पर अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है ताकि न पासपोर्ट न भारतीय उच्चायोग से वीजा के लिए मांग करेंगे. पाकिस्तान हिंदू सेवा वेलफेयर ट्रस्ट की मंगला शर्मा का कहना है वह इस मामले को अन्तरराष्टï्रीय मानवाधिकार मंच पर ले जाने की तैयारी में जुटी है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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