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रोबेर्ट वाड्रा के बचाव में सोनिया गाँधी ने संभाला मोर्चा…

By   /  October 6, 2012  /  1 Comment

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भारत के सबसे दिग्गज राजनैतिक परिवार के दामाद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की काट करने के लिए पूरी कांग्रेस और सरकार अपने दमखम के साथ खुलकर इस तरह सामने आ गई, गोया रोबेर्ट वाड्रा कांग्रेस और सरकार का प्रमुख हिस्सा हो. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री प्रियंका के पति राबर्ट वाड्रा के खिलाफ अरविंद केजरीवाल व प्रशांत भूषण के सनसनीखेज आरोपों के बाद सरकार-कांग्रेस ने जवाबी हमला बोल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद दामाद के बचाव में सामने आई और इन आरोपों को गलत करार देते हुए कहा कि वह एक उद्यमी हैं. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने केजरीवाल को इन आरोपों की औपचारिक शिकायत करने की चुनौती भी दी है.

देश की सियासत में सबसे शक्तिशाली पते 10, जनपथ की तरफ उठे सवालों का जवाब देने के लिए मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं की फौज तुरंत सक्रिय हो गई. कांग्रेस महासचिव व मीडिया विभाग के चेयरमैन जनार्दन द्विवेदी ने पूरी पार्टी से इन आरोपों की हर स्तर पर काट करने के लिए कहा है. अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण की तरफ से राबर्ट वाड्रा पर लगे सनसनीखेज आरोपों पर सभी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने इन आरोपों को गलत करार दिया और इनके पीछे साजिश करार दी. कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी इन आरोपों को अमर्यादित बताया.

इनके अलावा पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन, संसदीय कार्यमंत्री राजीव शुक्ल, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी, राशिद अल्वी और रेणुका चौधरी सभी ने केजरीवाल के आरोपों को गलत बताया. मनीष तिवारी ने केजरीवाल की पार्टी को भाजपा की बी टीम करार दिया और कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा है.

दूसरी तरफ, रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार के सनसनीखेज आरोपों से गरमाई राजनीति में भाजपा को भी कांग्रेस के सबसे शक्तिशाली केंद्र ’10 जनपथ’ पर अंगुली उठाने का मौका दे दिया. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘ऐसा क्या था कि सोनिया गांधी के दामाद को रीयल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने करोड़ों का फायदा पहुंचाया.’ उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की.

कांग्रेस ने महाराष्ट्र की गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना को लेकर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को घेरने की कोशिश की है. दो दिन से लगातार कांग्रेस में उच्च स्तर से गडकरी को भी भ्रष्टाचार में लपेटने की कोशिश हो रही है. ऐसे में शुक्रवार को मौका मिलते ही भाजपा ने भी वाड्रा के बहाने कांग्रेस अध्यक्ष पर अंगुली उठा दी. रविशंकर ने कहा, ‘कांग्रेस सरकारों ने डीएलएफ को सस्ते में जमीन दी और बदले में डीएलएफ ने वाड्रा को फायदा पहुंचाया. डीएलएफ वाड्रा के लिए इतना उदार क्यों थी? इसकी जांच होनी चाहिए.’

इससे पहले राजनीति में उतरते ही अरविंद केजरीवाल ने बड़ा धमाका किया. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर कांग्रेस शासित राज्य सरकारों की मदद से काला धन बनाने का आरोप लगाया है. पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने तो कहा है कि वाड्रा के खिलाफ सुबूत इतने पुख्ता हैं कि जांच की नहीं, सीधे कार्रवाई की जरूरत है. बाबा रामदेव ने भी इसे बेहद संगीन मामला बताया है.

केजरीवाल ने शुक्रवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि वाड्रा की पांच कंपनियों ने बिना कोई कारोबार किए 50 लाख रुपये लगाकर 300 करोड़ की जायदाद बना ली. उन्होंने सुबूत के तौर पर कंपनी पंजीयक के दस्तावेज पेश कर बताया कि इन कंपनियों के पास 2007 में सिर्फ 50 लाख की रकम थी. लेकिन, तीन साल में उनके पास 300 करोड़ की संपत्ति आ गई, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 500 करोड़ से ज्यादा है.

केजरीवाल के मुताबिक रीयल्टी क्षेत्र की कंपनी डीएलएफ ने बिना किसी गारंटी या ब्याज के वाड्रा को 65 करोड़ रुपये दिए और फिर उसी रकम से उन्होंने डीएलएफ की ही जायदाद कौड़ियों के भाव खरीद ली. इसी कंपनी ने गुड़गांव के मैग्नोलिया अपार्टमेंट में सात फ्लैट वाड्रा की कंपनियों को महज 5.2 करोड़ में दे दिए. इन फ्लैट का बाजार भाव कम से कम 35 करोड़ था. इसी तरह अरालियाज अपार्टमेंट में एक पेंटहाउस सिर्फ 89 लाख में दे दिया, जिसकी कीमत 20 करोड़ थी. दिल्ली के साकेत स्थित डीएलएफ हिल्टन गार्डेन होटल की 50 फीसद हिस्सेदारी सिर्फ 32 करोड़ में दे दी गई, जबकि उसकी कीमत 150 करोड़ थी.

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया कि वाड्रा को डीएलएफ ने इतने फायदे क्यों पहुंचाए? भूषण ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि दिल्ली और हरियाणा की कांग्रेस सरकारों ने जनहित के नाम पर जमीन अधिग्रहण कर डीएलएफ को उपलब्ध करवाई थी. जिस अपार्टमेंट में वाड्रा को सात फ्लैट दिए गए, वह जमीन भी राज्य सरकार ने कंपनी को मुहैया करवाई थी.’ प्रशांत भूषण के पिता शांति भूषण ने तो इस पूरे मामले को रॉबर्ट वाड्रा घोटाले का नाम दे दिया. उन्होंने कहा, ‘इनके खिलाफ तो जुर्म साबित है. किसी जांच की जरूरत ही नहीं. सीधे कार्रवाई की जानी चाहिए.’

बाबा रामदेव ने भी इसे बेहद गंभीर मामला बताया है. उन्होंने कहा, ‘जितने दस्तावेज और आंकड़े पेश किए गए हैं, वे तो बहुत कम हैं. वास्तव में वाड्रा ने गुड़गांव और फरीदाबाद में हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति बना ली है.’

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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