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सुजलॉन कंपनी की अपने ठेकेदारों के साथ वार्ता संपन्न…

By   /  October 6, 2012  /  No Comments

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कंपनी द्वारा दिया गया आगामी दो माह में समस्त भुगतान का आश्वासन..सुजलॉन और ठेकेदारों के बीच लिखित समझौते के बाद माने ठेकेदार…

-जैसलमेर से मनीष रामदेव||

जैसलमेर की  ठेकेदार एसोसिएशन व पवन ऊर्जा कंपनी सुजलोन के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार को खत्म हो गया. गौरतलब है कि कंपनी पर ठेकेदारों का 43 करोड़ रुपए बकाया चल रहा था. अन्य कंपनियों ने जहां भुगतान कर दिया था वहीं सुजलोन की तरफ से कोई आश्वासन ठेकेदारों को अब तक नहीं मिला था. शुक्रवार को कंपनी के स्टेट हेड विनोद विश्नोई व अन्य अधिकारी जैसलमेर पहुंचे और ठेकेदारों के साथ समझौता वार्ता की. ठेकेदार एसोसिएशन के प्रवक्ता उपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि शुक्रवार को हुई समझौता वार्ता में कंपनी के अधिकारियों ने 15 अक्टूबर तक 20 प्रतिशत, 30 अक्टूबर तक 20 प्रतिशत और 31 दिसंबर तक शेष 60 प्रतिशत का भुगतान कर दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया. इस पर ठेकेदार एसोसिएशन ने गुरुवार को कंपनी के कार्यालय व गेस्ट हाउस पर लगाए ताले खोल दिए.

उर्जा के क्षेत्र में नामी गिरामी कंपनी सुजलॉन में काम कर रहे ठेकेदारों के 43 करोड रूपये के बकाया भुगतान को लेकर कंपनी द्वारा जवाब नहीं दिये जाने से आक्रोशित ठेकेदारों ने कल कंपनी के समस्त कार्यालयों पर ताले लगा दिये थे और कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालयों से बाहर निकाल दिया गया था और कंपनी का समस्त काम ठप्प कर दिया गया था. सुजलॉन कंपनी के तालाबंदी की खबरें जब मीडिया पर चली तो कंपनी के आला अधिकारियों में हडकंप मच गया और कंपनी के स्टेट हैड विनोद विश्नोई ने आज जैसलमेर आ कर ठेकेदारों के साथ वार्ता की.

करीब डेढ घंटे तक चली इस वार्ता में कंपनी के अधिकारियों ने ठेकेदारों को आगामी दो माह में भुगतान करने का आश्वासन दिया है. ठेकेदारों की माने तो पिछले लम्बे समय से बकाया भुगतान किये जाने की मांग को लेकर उनके द्वारा लम्बे समय से शांतिपूर्वक आंन्दोलन किया जा रहा था और कंपनी से बार बार बात करने की कोशिश की जा रही थी लेकिन कंपनी के अधिकारी बात करने से कतरा रहे थे. ऐसे में इन ठेकेदारों को मजबूरन कंपनी के कार्यालयों पर ताले लगाने पर मजबूर होना पडा.
बात करें अगर कंपनी के रवैये की, तो आज बातचीत के बाद कंपनी के स्टेट हैड मीडिया से कतराते रहे और किसी भी प्रकार की कोई बात करने से इंकार करने लगे जब मीडिया ने दबाव बनाया तो उन्होंने केवल बकाया भुगतान के बारे में बात की, मीडिया द्वारा जब कंपनी की खराब हालत और इस प्रकार की घटनाओं के कारण के बारे में पूछा गया तो विश्नोई कहीं न कहीं इस सवाल का जवाब देने से कतरा गये.
अनौपचारिक रूप से ठेकेदारों का भी कहना है कि उन्होंने सुना है कि आगामी दिनों में सुजलॉन को कोई अन्य कंपनी टेक ओवर कर रही है, ऐसे में जितना और जैसे भी भुगतान मिले ले लेने में समझदारी है ठेकेदारों ने कंपनी के इस समझौते को भागते भूत की लंगोट कहते हुए चुटकी ली गई.

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About the author

मनीष रामदेव बरसों से जैसलमेर से पत्रकारिता कर रहे हैं. वर्तमान एल्क्ट्रोनिक मीडिया के साथ साथ वैकल्पिक मीडिया के लिए भी अपना समय दे रहे हैं. मनीष रामदेव से 09352591777 पर सम्पर्क किया जा सकता है.

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