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आदिवासी युवतियों से ज़बरन देह व्यापार का राजफाश…

By   /  October 9, 2012  /  3 Comments

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मामा के राज में आदिवासी भांजियों को रोजगार के नाम पर जबरन देह व्यापार के धंधे में झोंके जाने का राज फाश हुआ है. मध्यप्रदेश के पिछडे बुन्देलखण्ड में छतरपुर जिला मुख्यालय पर लगभग बीस साल से चलने वाले देह व्यापार के अडडे पर पुलिस अधीक्षक सियास ए ने छापामार कार्रवाई कर कर हडकम्प मचा दिया है.  इस अडडे को संचालित करने वाली महिला के सत्ताधारी नेताओं सहित विपक्षी दलों के नेताओं, नौकरशाहों सहित प्रभावशाली व्यक्तियों से संबंध एवं छत्रछाया होने के कारण गरम गोश्त की खरीद फरोख्त का व्यापार पूरे बुन्देलखण्ड में फल फूल रहा था.

इस बात का राज फाश उस समय हुआ जब जिले के तेजतर्रार एसपी सियास ए के पास दिनांक 05 अक्टूबर को एक आदिवासी लडकी देहव्यापार के अड्डे के चंगुल से छूटकर पहुंची और पुलिस अधीक्षक से कहा कि एसपी साहब! दस साल से मेरा देह व्यापार करवाया जा रहा है मुझे बचा लीजिये. मुझे खाना बनाने का काम देने के नाम पर देह व्यापार का अड्डा चलाने वाली महिला संतोषी तिवारी ने दस बर्ष से बंधक बनाकर हमारा देह शोषण करवाया और देह शोषण के बाद घर के कमरे में कैद करके रखा था, मौका मिलते ही आपका नाम सुनकर सीधे आपके पास न्याय पाने की फरियाद लेकर आई हूं.

एसपी ने पीढित महिला की घबराहट को शांत करते हुये उसको सम्मान के साथ बैठाकर उससे तसल्ली के साथ पूरी जानकारी ली और उसी दिन पुलिस दल की टीम गठित कर देहव्यापार के अडडे पर छापामार कार्रवाई करवाकर हडकम्प मचा दिया है.

पुलिस द्वारा  छापामार कार्रवाई में देह व्यापार संचालित करने वाली महिला संतोषी तिवारी सहित कई नाबालिग एवं बालिग लडकियों तथा महिलाओं को अडडे से बरामद करते हुये घर की तलाशी के दौरान तीन अन्य लड़कियों को भी पकड़ा गया. जिन्होनें पूछतांछ पर श्रीमती संतोषी तिवारी द्वारा अनैतिक रूप से जबरन देह व्यापार करने की बात कबूली.

संतोषी तिवारी के विरूद्ध अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3,4,5 का अपराध प्रमाणित हो जाने पर थाना कोतवाली छतरपुर में अप0क्र0 454/12 पंजीबद्ध कर संतोषी तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायालय प्रस्तुत किया जाकर ज्युडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया.  पुलिस के अनुसार 5 अक्टूबर को स्वयं सेवी संस्था की मदद से एक दूसरी आदिवासी लडकी से पूछतांछ पर संतोषी तिवारी द्वारा करीब 2 वर्ष पूर्व किसी से 5000/-रूपये में खरीदना तथा वहॉं पर रहने वाले राजेन्द्र पारासर द्वारा जबरन बलात्कार करना तथा बाद में संतोषी तिवारी द्वारा छतरपुर व आसपास के अन्य लोगों को दैहिक शोषण हेतु बुकिंग पर भेजे जाने की बात बताई एवं विरोध करने पर उसे शारीरिक एवं मानसिक यातनायें दी गयीं. जिस पर थाना कोतवाली छतरपुर में राजेन्द्र पाराशर एवं अन्य के विरूद्ध अपराध क्रमांक 455/12 धारा 361, 362, 366क, 376, 372, 373 भा0द0वि0, 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट, 23 जुवेनाईल जस्टिस एक्ट व अन्य दैहिक व्यापार शोषण अधिनियम 1956 की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. एक आरोपी राजेन्द्र पाराशर को गिरफ्तार किया गया है व अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है.

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Aise darindo ko road per sidhe janta ke bich chhod kar nyay karne ki jimewari deni chahiye. Janta hi unko sahi faisla karegi.

  2. sharmnaak ghatna.swayam mama ji hi kadam uthayen , doshiyon ko kathor dand ki sifarish karen.

  3. ab to ram hi kare rakhwali….

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