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पुष्प शर्मा के स्टिंग ऑपरेशन से बौखला गए बाबा रामदेव…

By   /  October 9, 2012  /  4 Comments

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हमारे शास्त्रों में काम और क्रोध को बहुत बुरा माना गया है. कहते हैं इंसान क्रोध में विवेक खो देता है, फिर संतों को तो वैसे भी क्रोध से दूर रहना चाहिए.. यदि बाबा रामदेव अपने गुरु शंकरदेव की गुमशुदगी मामले में निर्दोष हैं तो उन्हें पुष्प शर्मा पर इतना गुस्सा क्यों आ रहा है? पुष्प शर्मा ने यदि उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए कोई फोन किया या इस मकसद से उन्हें कभी धमकाया हो तो उसके खिलाफ मुकद्दमा दर्ज करवाएं, जैसा कि उन्होंने अपने ड्राईवर के ज़रिये करवा भी रखा है, बजाय क्रोध में तमतमाते हुए अपने मालिकाना हक के चैनल पर पुष्प शर्मा को हड्काने के और ढूंढवाएं अपने गुरुदेव को. आखिर कहाँ खो गए स्वामी शंकरदेव? जब यह सच्चाई सामने नहीं आती शक की सुई तो बाबारामदेव पर ही आयेगी, क्योंकि उनके लाभान्वित तो बाबा रामदेव ही है न? क्रोध दिखाकर तो वे खुद को अपराधी साबित कर देंगे. क्योंकि यदि आप संत होकर क्रोध नहीं छोड़ पाए तो मोह भी नहीं छूटा….!

 

बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकरदेव की गुमशुदगी का मामला और उससे जुडी सच्चाई पत्रकार पुष्प शर्मा के स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिये जनता के  सामने आने के बाद सुर्ख़ियों में आ गया है तथा उत्तराखंड सरकार ने इस मामले को फिर से खोलने की घोषणा कर दी है. यही नहीं इस स्टिंग रिपोर्ट के सामने आने के बाद बाबा रामदेव बुरी तरह बौखला गए हैं और अपनी कम्पनी के धार्मिक न्यूज़ चैनल ‘आस्था’ पर लगातार सफाई दे रहे हैं और पत्रकार पुष्प शर्मा को अपराधी घोषित कर रहें हैं.

वहीँ, दूसरी तरफ यह स्टिंग ऑपरेशन करने वाले पत्रकार में मीडिया दरबार को मेल कर के बताया कि बाबा रामदेव द्वारा उनके मालिकाना हक वाले आस्था चैनल और इसके अलावा एनडीटीवी पर जिस तरीके से उनके खिलाफ फर्जी आरोप लगाये जा रहें हैं उसकी शिकायत प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया को कर दी गयी है.

पत्रकार पुष्प शर्मा द्वारा मीडिया दरबार को किया गया मेल:

आप जरा ये भी देखें जो आउट लुक  मे छपा है

http://www.outlookindia.com/peoplehome3.aspx?pid=14415&author=Pushp+Sharma ….

तेहेलका की ये रिपोर्ट देखें

http://www.tehelka.com/story_main44.asp?filename=Ne220510coverstory.asp .

जिस पर पुष्प को अंतर राष्ट्रीय पुरुस्कार मिला है इसका लिंक है

http://www.tehelka.com/story_main51.asp?filename=Ws240212iipa.asp .

रामदेव  यादव उर्फ़ रामदेव की बाबा गिरी की दुकान लद  चुकी है और ये एक अपराधी है जैसे भगवे के पीछे भडवा होता   है

आप पुष्प की कोई रिपोर्ट देख लें पुष्प ने कहीं पर भी रामदेव यादव को अभी तक अपराधी नहीं कहा है
लेकिन जिस तरेह से ये धोकेबाज आदमी एक पत्रकार जिसे तेहेलका मैं काम करते हुए जिसकी स्टोरी को  अन्तर राष्ट्रीय पहचान और पुरुस्कार मिला उसे ही अपना काम करने से रोक रहा है उस पर आरोप लगा रहा है
उससे पता चलता है इसका मकसद क्या है
अरे स्टोरी मैं कमी है तो वो बताओ अगर हमारी कलम तेरे गुण गान करे तो सही हो जाते हैं फिर हम तेरी लंगोटी उतार दे तो गुस्सा क्यूँ आता है जाने मन?
जो भी निर्मल बाबा हिंदुस्तान को धोका देगा उसका क्या हाल होना चाहिए ये बच्चा बच्चा जानता है
मुझे रामदेव यादव , उसका छोटा भाई राम भरत यादव और रामदेव का जीजा यश देव शास्त्री गुंडों से मरवाने की धमकी दे रहे हैं इसकी शिकायत मैंने प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया से कर दी है

ये भगवा धारी ये सहेन नहीं कर सकता के  कोई इससे सवाल करे और अभी मैं और खुलासे करूँगा ये वादा है सभी मीडिया साथियों से

रामदेव यादव के परिवार ने मुसलमानों का खून बहाया है दंगे करवाए हैं ये सब सबूत मैं जल्द दुनिया के सामने रखूँगा

धन्यवाद्

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 Comments

  1. kya bakwaas hai?

    aisi post aapko yahan nahi karni chahiye thi.

  2. यह शब्दो की भाषा से ही लग रहा है कि वह कितना निष्पक्ष है और उसकी क्या चाहत है इस प्रकार के स्वंयभू पत्रकारो के कारण देश रसातल में जा रहा है इन्हे कहीं से बडा माल मिल चुका है या और मिलने की आशा है….

  3. Rafeed Anjum says:

    रामदेव और उनके चाहने वालो को किस बात का दर्द है? एक पत्रकार ने पुलिस वालो को कैमरे पर लिया और अगर पुलिस वाले अपने काम की कमी निकलते हैं तो इसका मतलब पुष्प शर्मा ने बाबा के प्रिये गुरु जी को ये दिखाया के देखिये रामदेव जी पुलिस आपके प्रिये गुरु जी को लेकर कभी गंभीर नहीं थी …..जबकि वो आपको जान से प्यारे , दुलारे बुजुर्ग थे ……ये तारीफ का काम है मेरे ख्याल से अगर कोई हमारे बुजुर्ग की तलाश करने मैं हमरी सहायेता करे वो इन्सान देवता हुआ ऐसा हिन्दू मानते हैं और हम मुस्लिम भी
    माफ़ करना अगर मैं किसी का पक्ष लेता दिख रहा हूँ तो पर मुझे कहीं भी ये नहीं दिखा के पुष्प शर्मा ने रामदेव को उनके गुरु की गुमशुदगी या हत्या का जिम्मेदार ठहराया हो …….
    और आज जैसा भाई पुष्प ने दावा किया के वो ये साबित करेंगे के रामदेव का परिवार मुसलमानों का खून पीकर आया है तो इस सच को हमे खुले दिल से लेना चाहिए अगर कुछ गलत होगा तो कोर्ट मैं इस पत्रकार को सज़ा मिलेगी हम सज़ा देने वाले होते कोण हैं
    हम नफरत करके प्यार का सन्देश नहीं दे सकते कभी भी नहीं दे सकते
    सभी को सादर प्रणाम
    रफीद
    हरिद्वार

  4. Kiran Yadav says:

    aap ne jo yes khabar post diya hai yes aap ki taraf se hai ya pushpendra ji taraf se, kripya yes bataane ka kasht karen ki jo aapane yahan par likha hai ki bhagawe ke peechhe bhadwa hota hai isaka kya matlab hai aap yes khulaasha larane to jaa rahen hai ki ramdev ne dange karwaaye aur musalmaano ka khoon bahaaya aapne kbhi aaj tak yes bataaya ki Assam me kya hua Koshi me kya hua Barelie me kya hua pahale usake baare me sach lekar aao anytha yes bakwaas likhana band karo nahi aap ke khilaaf shakht action likya jaayega.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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