Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

वैशाखी घोटाले में समुचित कानूनी कार्रवाई हो..

By   /  October 10, 2012  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

सोनिया गाँधी के लिए जान तक दे सकने का दम्भ भरने वाले केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलांगों को सहायता उपकरण वितरित करने की आड़ में बड़े पैमाने पर वित्तीय घपले का आरोप लगाते हुए टीम केजरीवाल ने वैशाखी घोटाले में समुचित कानूनी कार्रवाई तथा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.

व्यंग्यचित्र: मनोज कुरील

आईएसी के सदस्य संजय सिंह ने कहा कि सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट द्वारा केन्द्रीय समाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिली धनराशि से प्रदेश के 17 जिलों में विकलांगो को वैशाखियां, तिपहिया साइकिल, सुनने की मशीन सहित अन्य सामग्री वितरित की जानी थी, मगर ट्रस्ट की डाइरेक्टर लुईस खुर्शीद ने अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर से फर्जी शिविरों का आयोजन दिखाकर लाखों रुपये का गबन कर लिया.

सिंह ने आरोप लगाया कि विकलांगो को उपकरण वितरण के लिए कथित रूप से लगाये गये शिविरों के बारे में छानबीन करने पर पता चला कि इटावा के मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से फर्जी हस्ताक्षर बनाये गये थे और विकलांग कल्याण अधिकारी तपस्वी लाल को तो इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि शिविर लगाने के बारे में उनके हस्ताक्षर से एक पत्र दिल्ली तक पहुंच चुका है.

यह कहते हुए कि अधिकारियों के फर्जी दस्तखत और मुहर से भेजे गये पत्रों का खुलासा हुआ है, सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मांग की है कि वे जाकिर हुसैन ट्रस्ट के कर्ताधर्ताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवा कर सारे मामले की जांच करवायें और जो दोषी हो उनके विरुद्ध समुचित कार्रवाई हो.

सिंह ने प्रधामनंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मांग की है कि वे सलमान खुर्शीद का मंत्री पद से इस्तीफा दिलवाये. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2010 मे ट्रस्ट को मिले 71 लाख रुपये के उपयोग में हुए कथित घपले के बारे में सामाजिक न्याय एवं सहकारिता मंत्रालय से मिले पत्र के आधार पर प्रदेश सरकार ने 17 जिलों के संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की थी और उसमें गड़बड़ियां पाये जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

सिंह ने कहा कि इतना ही नहीं वर्ष 2010 में 71 लाख रुपये के अनुदान में हुई हेराफेरी के बाद संबंधित मंत्रालय ने जाकिर हुसैन ट्रस्ट को 68 लाख रुपये का और अनुदान जारी कर दिया.

आईएसी कार्यकर्ता सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से इस मामले में समुचित कार्रवाई किये जाने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसा नहीं करने पर स्वयं वे भी संदेह के घेरे में आ जायेंगे.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: