Loading...
You are here:  Home  >  ब्यूरोक्रेसी  >  Current Article

सपा विधायक की आशिकी से आजिज़ आई महिला आईएएस…

By   /  October 13, 2012  /  8 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

उत्तर प्रदेश में सपा नेताओं की ‘काली करतूतें’ सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बनती जा रही हैं. अभी हाल में यूपी के एक जिले में बतौर जिलाधिकारी तैनात एक शादीशुदा महिला आईएएस अफसर के लिए एक आशिक मिजाज़ सपा विधायक सिरदर्द बन गए हैं. सत्‍ता के गलियारों में चर्चा तेज है कि विधायक जी इन आईएएस अफसर के इस कदर पीछे पड़े हैं कि ना केवल दिन रात इन आईएएस को सिर्फ एसएमएस ही भेज रहे हैं, बल्कि पिछले दिनों वह उनके घर तक पहुंच गए.

इन विधायक महोदय की आशिक मिजाजी से आजिज़ आ कर  इस महिला आईएएस ने अपने मातहतों को जानकारी दी और साथ ही कहा है कि अगर जल्‍द ही विधायक जी का ‘इलाज’ नहीं किया गया तो वह प्रधानमंत्री कार्यालय में इसकी शिकायत कर देंगी

आईएएस से विधायक के इकतरफा प्रेम की यह कहानी सत्‍ता के गलियारे में चर्चा का विषय बनी हुई है. लखनऊ में मौजूद सचिवालय के कर्मचारी हों या अधिकारी, सभी इस किस्‍से को चटखारे लेकर सुन और सुना रहे हैं. सूत्रों के अनुसार आरोपों के घेरे में जो विधायक हैं, वे सपा के एक कद्दावर नेता और मंत्री के बेटे हैं.

उन पर आरोप है कि उन्‍होंने महिला डीएम को लगातार मैसेज भेजना शुरू किया. सूत्रों के अनुसार शुरुआत में तो अफसर ने इन मैसेज को इग्‍नोर किया, लेकिन जब यह सिलसिला लगातार जारी रहा तो तंग आकर महिला अफसर ने पूरे मामले की शिकायत लखनऊ में बैठे सीनियर अफसरों से कर दी.

राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और आरोपी विधायक के पिता से कहकर मामला शांत करा दिया. लेकिन कुछ दिनों बाद फि‍र से युवा विधायक अपने पुराने ढर्रे पर लौट आए और महिला अफसर को एसएमएस करने शुरू कर दिए. परेशान आईएएस अफसर ने एक बार फि‍र प्रशासनिक आलाकमान से शिकायत की और इस बार यह भी कहा कि अगर विधायक जी नहीं माने तो वह इसकी शिकायत के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय तक जा सकती हैं.

मामला गंभीर होता देख शासन हरकत में आया और इस बार शिकायत सपा आलाकमान से कर दी गई. सूत्रों के अनुसार विधायक को लखनऊ बुलाकर फटकार लगाई गई. लेकिन एक-दो दिन बीतने के बाद फि‍र विधायक आईएएस से मिलने देर रात उनके घर जा पहुंचे. बस यहां आईएएस का गुस्‍सा चरम पर पहुंच गया और उन्‍होंने विधायक को वहां से डांट डपटकर भगा दिया. कुछ लोग तो यह भी कह रहे हैं कि डीएम का गुस्सा फूट पड़ा उन्होंने ‘माननीय’ विधायक जी को चांटा जड़ दिया. हालांकि, इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है.

इस बारे में जब पत्रकारों ने संबंधित आईएएस से संपर्क किया तो उन्‍होंने कहा, ‘यह सब अफवाह है, वह अपना काम कर रही हैं, उन्‍हें कोई दिक्‍कत नहीं. उनके पास भी यह अफवाह पहुंची थी, पर जो बात अफवाह हो उसके बारे में वह कुछ भी कैसे बोल सकती हैं?

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

8 Comments

  1. Mukul Gupta says:

    Agar UP ki Samajwadi Sarkaar mein jara bhi sharafat hai, to usko turant us vidhayak ke khilaf shakht action lena chahiye. Aur agar Samajwadi Party ke netaon ki yahi maansikta hai to us mahilla adhikari ko turant uske khilaf FIR karni chahiye aur media mein batana chahiye.

  2. yes bahrich ka mamla hai aur isme mantri putr ko kafi jyada tanik mila tha.

  3. सडकों पर डालकर जूते मारे जायें तो बाकी को भी सबक मिलेगा और भविष्य में ऐसे लोग पैदा भी नहीं होंगे । कुछ करने से पहले 1000 बार सोचेंगे ।.

  4. हिंदी लिखावट साफ और स्पस्ट नहीं है इसलिए कुछ भी कमेन्ट करना सही नहीं है!

  5. ashok says:

    thanks dm

  6. SHARAD GOEL says:

    डी.एम्. जी शिकायत से कुछ नहीं होगा पी एम्म पहले ही सोये हुए हे अपने अधिकारों का उपयोग करो जनता बेवकूफ नहीं हे आपका साथ देगी नेता अज हे कल नहीं हे एक विधायक की क्या औकात होती हे सब जानते हे कुर्सी के लिए ये अपनी माँ-बेटी -बहन को बेच दे अभी नहीं कुछ किया तो बाद में अप कुछ नहीं कर पाएंगी

  7. Kiran Yadav says:

    yes to saala hona hi tha.

  8. aise neton ko sabak milna chahiye.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के CBI जाँच के पात्र कुछ बड़े घोटाले..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: