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जेल में बंदी रहते गर्भवती कैसे हो गयी?

By   /  October 22, 2012  /  3 Comments

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मामा जी के शासनकाल में मध्य प्रदेश की महिलाएं कितनी सुरक्षित हैं इसका अंदाज़ा इसी से लग जाता है कि कारागार में बंद महिलाएं भी गर्भवती हो रही हैं. झाबुआ और इंदौर जिला जेल में पिछले 10 माह से बंद एक महिला कैदी के गर्भवती होने का मामला प्रकाश में आने के बाद मध्य प्रदेश प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जेल मुख्यालय ने छुट्टी होने के बावजूद रविवार को ही झाबुआ और इंदौर जेल से रिपोर्ट मांगी. डीजी जेल ने झाबुआ कलेक्टर को भी मामले की जांच सौंप दी है. राज्य महिला आयोग ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए दोनों जेल से रिपोर्ट मांगी है.

मप्र के झाबुआ जिले की मेघनगर निवासी 35 वर्षीय महिला कैदी सास की हत्या के आरोप में 18 जनवरी से झाबुआ जेल में बंद है. तब से वह बिलकुल खामोश है. मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान नहीं दिया तो उसे इलाज के लिए इंदौर एमवाय अस्पताल भेजा गया. 16 अक्टूबर को जब इंदौर आई तो जांच के दौरान पता चला कि वह गर्भवती है. इस घटना के बाद झाबुआ व इंदौर जिला जेल के साथ-साथ उसे झाबुआ से इंदौर लाने-ले जाने वाले सिपाही सहित सारी व्यवस्था संदेह के घेरे में आ गई है.

महिला ने शनिवार देर रात सिर्फ एक बार अपनी जबान खोली और कहा- ‘क्या बोलूं, किस-किस का नाम लूं?’ अस्पताल के मनोरोग विभाग के उस कमरे में जिसने भी अब तक उसकी खामोशी महसूस की थी, वे इन चंद लफ्जों से हिल गए. मौजूद स्टाफ ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया वह बोलती तो कुछ नहीं है, लेकिन जेल का नाम सुनते ही वह सिहर उठती है. रिपोर्ट में महिला को डेढ़ माह का गर्भ बताया गया है और इंदौर से झाबुआ डेढ़ माह पहले ही लौटी थी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. JEAL WALOAKO SAKAT SEA SAKAT SJA MIALNIY CHAHIYA YA FIAR SAS PEANT KAR DEANA CHA HIYA.

  2. sharvan saini dainik prabhat says:

    aage age dekho kya kya hota h is desh m

  3. Mahender Singh Thakur says:

    mama ji ka sushan bna kushashan ,, ab ma behan betiya bhi nahi h surakshit ,, ek tara hf ladli yojna h to dusri taraf ladliya ho rahi h jelo m hawas ka shikar…

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