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विकलांग से गुंडई करने वाले दरोगा की शिकायत..

By   /  October 22, 2012  /  2 Comments

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-सुघर सिंह||

सैफई (इटावा) कल प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपनी फरियाद सुनाने आये दोनो पैरों से विकलॉग नेत्रपाल ने सैफई थाने जाकर दरोगा के विरूद्व शिकायती प्रार्थनापत्र दिया है. उसने इस सम्बन्ध मे प्रदेश के मुख्यमंत्री व डी0जी0पी, आई0 जी0 को भी पंजीकृत डाक पत्र भेजकर दरोगा के विरूद्व कडी कार्यवाही की मांग की है.

पीड़ित नेत्रपाल पुत्र शिवराम सिहॅ ने सेफई थाने उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिहॅ कोदिये प्रार्थना पत्र मे बताया कि कल लगभग 12 बजे मे 45 किलोमीटर ट्राई साइकिल चलाकर मुख्यमंत्री सें मिलने की उम्मीद लेकर आया था. सोचा था कि मुख्यमंत्री तक अपनी पीढा पहॅचा दूंगा इसी उम्मीद को लेकर मे सैफई हवाई पट्टी के गेट पर पहुंचा तो गेट पर एक दरोगा व 5-6 सिपाही खडे थे. मुझे देखते ही दरोगा वोला देखो लंगडा भी मुख्यमंत्री सं मिलने आया है दरोगा की नेम प्लेट पर योगेन्द्र पाल शर्मा लिखा था. मैने कहा साहव मै मुख्यमंत्री जी से मिलने आया हूँ तो दरोगा बोला कि साले भाग जा नही तो उठाकर पटक दूंगा. मैंने कहा कि दरोगा जी आप हमसे अभद्रता क्यो कर रहे है इस पर उसने पास खडे सिपाहियो को हुकम दिया कि इसको उठाकर बाहर फेक दो. लेकिन मेरी हालत देखकर किसी सिपाही ने मुझे हाथ नही लगाया इस बात पर दरोगा और चिढ गया और मुझे उठाकर घसीटता हुआ काफी दूर तक ले गया. और दरोगा ने मुझे मॉ बहिन की गन्दी- गन्दी गाली भी दी. जिस समय दरोगा मुझे घसीटते हुये ले जा रहा था उस दौरान उसके मुंह से किसी नशीले पदार्थ की बदवू आ रही थी. जब मैने कहा कि मै आपकी उच्चाधिकारियो को शिकायत करूँगा तो दरोगा अपनी नेम प्लेट दिखाकर वोला कि मै बसपा सरकार मे पॉच साल फरूखावाद मे नवावगंज अमृतपुर एस0ओ रहा हूँ ओर इस सरकार मे भी पॉच साल एस0 ओ रहूँगा तू मेरी जहॉ मर्जी शिकायत कर ले. दरोगा ने मेरा प्रार्थना पत्र भी फाड़ दिया जो मै मुख्यमंत्री को देने आया था.

थाने से निकलने के वाद पीड़ित विकलांग ने पत्रकारो को वताया कि वो वेहद गरीव है तथा दोनो पैरो से विकलांग है. फिर भी उसने दिन-रात पढाई करके बी0ए0 की परीक्षा 2010 मे पास कर ली है. कम्प्यूटर का भी कोर्स किया है. मैने आगरा के एस0 एन0 मेडीकल कालेज मे बैरर पद (विकलॉग आरक्षित) के लिये साक्षात्कार भी दे दिया है. उस नौकरी के लिये उसका कॉललेटर मुख्यमंत्री को देना था. मे आगे पढना चाहता हूँलेकिन गरीवी के कारण आगे एडमीशन के लिये मेरे पास धन की कमी है तथा मे बीमार भी रहता हॅू मेरी बहिन भी शादी योग्य है. इन्ही समस्याओ की फरियाद लेकर मै मुख्यमंत्री से मिलने आया था दोनो पैरो से विकलॉग होने के कारण मे मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ नही जा सकता लेकिन अगर दारोगा के विरूद्व कोई कार्यवाही नही हुयी तो वह अपनी ट्राई साइकिल से ही लखनऊ मुख्यमंत्री से मिलने जरूर जायेगा. पीड़ित ने कहा कि मुझे इस वात का गम नही है कि मै मुख्यमंत्री से नही मिल पाया लेकिन ये गम जरूर है कि दरोगा ने मेरे साथ ऐसा क्यो किया.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. tiwari b l says:

    उ प में कई घटनाये सामने आई हे U P की पुलिस की बर्दी में कई प्रसच पसु रक्छास भरे पड़े है मानवता तो उनके पास हे ही नहीं जब भी उ प पुलिस का जवान कंही घायल हो पियासा हो किसी मदद की बात करे तुर्न्नत इएक अछि सी सटीक जोरदार गली जरुर दीजिये कुत्ते पानी भी मत दीजिये पिने को ओर्र बता भी दीजिये की तुमहिरी बर्दी ही हुम्हारी मौत का कारन बनेगी देश में सब जायदा बदनाम उ प पोलिसे ही है गन्दी भृष्ट मेने झाँसी स्टेशन पर २ रूपये १ रुपए औटो बालो से पैसा लेते देखा है की स्टेशन के सामने २मिनित खड़े हो कर सबरी उठाने के २ / १/ रुपए ले कर ये काम वो करते है ये बात मेरे कैमरे में है नीच पुलिस है उ प की

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