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अगले लोकसभा चुनावों में यूपीए सत्ता में वापिस नहीं आयेगी – बेनी पसाद वर्मा

By   /  October 23, 2012  /  No Comments

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केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की जुबान फिर फिसल गई है आर इन श्रीमान ने यूपीए के खिलाफ भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि 2014 में यूपीए की वापसी नहीं होगी. बाद में हमेशा की तरह बयान की गंभीरता का एहसास होने के पर उन्होंने भूल सुधार करने की कोशिश करते हुए कहा कि उनके कहने का मतलब है कि यूपीए भले ही वापसी ने करे, लेकिन कांग्रेस फिर से सत्ता में लौटेगी.

गौरतलब है कि गोंडा लोकसभा सीट का संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले वर्मा की जुबान अक्सर फिसलती रही है. कुछ दिनों पहले केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के ट्रस्ट पर लगे 71 लाख रुपये की गड़बड़ी के आरोप को खारिज करते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था कि उनके मुताबिक अगर किसी केंद्रीय मंत्री पर 71 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप होता तो वे आरोप में कुछ आधार मान सकते थे. उनका कहना था कि किसी केंद्रीय मंत्री के लिए 71 लाख रुपये बहुत छोटी रकम होती है. लेकिन इस बयान पर भी विवाद होने के बाद उन्होंने सफाई दी थी कि उनका कहने का मतलब यह था कि सलमान खुर्शीद 71 लाख रुपये की हेराफेरी नहीं कर सकते हैं.

कुछ महीने पहले भी बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा था कि विपक्षी पार्टियां महंगाई को लेकर हो हल्ला करती हैं. लेकिन बेनी के मुताबिक महंगाई किसानों, मजदूरों के लिए अच्छी होती है.

जहां एक ओर कांग्रेस अपने नेता के बयान को लेकर परेशानी में है. वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी और उसके अध्यक्ष नितिन गडकरी के लिए भी मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. बेनी प्रसाद वर्मा ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी पर भी हमला बोलते हुए कहा है कि बीजेपी के अध्यक्ष वैसे ही है, जैसी उनकी पार्टी है. वर्मा के मुताबिक, ‘गडकरी बीजेपी के अध्यक्ष बनने की पूरी काबिलियत रखते हैं. बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए ऐसी ही योग्यता चाहिए. बीजेपी में यह आवश्यक योग्यता है.’

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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