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वायुसेना पायलटों के प्रशिक्षण को लेकर संसदीय समिति चिंताग्रस्त..

By   /  October 24, 2012  /  1 Comment

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संसद की एक समिति ने भारतीय वायुसेना के पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए पुराने हो चुके विमानों के इस्तेमाल को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है।
लोक लेखा समिति की एक मसौदा रिपोर्ट में कहा गया है कि सदस्यों ने भी इस तथ्य पर गहरी चिंता जाहिर की है कि वायुसेना ने नए विमान खरीदने का प्रस्ताव रखा है लेकिन देश की रणनीतिक जरूरत पूरी करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। यह रिपोर्ट अभी विचाराधीन है।

मसौदा रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि वह इस बात को लेकर बहुत चिंतित है कि प्रशिक्षण संस्थान युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए पुराने हो चुके विमानों का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही वायुसेना ने लड़ाकू और अन्य विमानों से पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए कोई दीर्घकालिक नीति भी नहीं बनाई है।

समिति इस बात को लेकर नाराज भी है कि भारतीय वायुसेना खामीयुक्त प्रशिक्षक विमान का विकल्प तलाशने और रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए अत्याधुनिक जेट ट्रेनर को जल्द ही बेड़े में शामिल करने में नाकाम
रही है। इस बैठक के के दौरान  विंग कमांडर धाराजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे !

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. Government is still planted with its typical policies, they are forgoing in the upliftment of defense advances.

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