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डिस्काउंट के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ों के वारे न्यारे कर रही है क्रेजील…

By   /  October 24, 2012  /  2 Comments

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-सुग्रोवर||

इन दिनों भारत में ललचा देने वाली ऑफर देने वाली ऑनलाइन डिस्काउंटेड शॉपिंग वेबसाईटस का दौर दौरा है. यह वेबसाईटस ग्राहकों को भारी डिस्काउंट के साथ प्रोडक्ट देने का वादा करती हैं. मीडिया दरबार ने इन वेबसाईटस की ऑफर्स की सच्चाई जानने के लिए खुद ग्राहक के रूप में शॉपिंग करना शुरू किया और जाना इन इन ऑफर्स की असलियत को.  हमारे अनुभवों को हम श्रंखलाबद्ध रूप से अपने पाठकों के सामने रखने जा रहे हैं ताकि मीडिया दरबार के पाठक इन ऑफर्स की सच्चाई जान सकें.सबसे पहले हम आपके सामने रख रहे हैं बहुराष्ट्रीय कम्पनी ग्रुपोन (www.groupon.com) की भारत में काम कर रही  ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाईट क्रेज़ील.कॉम (www.crazeal.com) की जो बरगलाने वाले झूठे दावों के सहारे भारतीयों की जेब पर डकैती डाल कर करोड़ों-अरबों के वारे न्यारे कर रही है. सबसे दुखद बात यह है कि इस देश के कुछ युवा प्रोफेशनल्स बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी के लालच में सरे आम भारतीयों की जेब पर डाका डाल रही इस कम्पनी की ताबेदारी में जुटे हैं.

क्रेज़ील से हमने दो ऑफर खरीदी और दोनों ही ऑफर्स खरीदने के बाद हम ठगे से रह गए. एक ऑफर में क्रेजील द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार दुनिया का सबसे छोटा HD कैमरा, जिसका अधिकतम मूल्य दो हज़ार नौ सौ निन्यानवे रुपये बताया गया था. जो कि क्रेजील से खरीदने पर तिरेपन प्रतिशत डिस्काउंट के साथ सिर्फ तेरह सौ निन्यानवे में उपलब्ध था.

हमने कैश ऑन डिलेवरी आधार पर इस कैमरे का ऑर्डर कर दिया. कुछ दिनों बाद कुरियर के ज़रिये यह कैमरा हमारे घर पहुँच गया और हमने तेरह सौ निन्यानवे रुपये चुका कर कैमरे की डिलेवरी ले ली.

सबसे पहले हमने पैकिंग खोल कर अन्दर का सामान चैक किया जो कि विवरण के अनुसार ही था. मगर जैसे ही हमने पैकिंग के अन्दर का डिब्बे पर चढ़े कवर पर नज़र दौड़ायी तो बुरी तरह चौंक गए क्योंकि वहां अधिकतम मूल्य सिर्फ बारह सौ पिच्यानवें रुपये अंकित था. यानि क्रेजील ने हमें तिरेपन प्रतिशत डिस्काउंट देने के बजे एक सौ चार रुपये ज्यादा वसूल कर लिए थे.

इसके बाद हमने साईट पर जा कर स्क्रीन शॉट लिए और हमारे पास उपलब्ध डिब्बे के कवर का फोटो खींच कर क्रेजील को मेल के ज़रिये क्रेजील द्वारा की जा रही झूठे विज्ञापन और धोखाधड़ी के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज़ करवाने की बात लिखी. चोर के पांव नहीं होते. हमने रात को मेल किया था और सुबह साढ़े नौ बजे हमारे पास क्रेजील से एक लड़की जिसका नाम एकता बाला जी का फोन आ गया तथा उसने रिरियाते हुए कैमरे के असल अधिकतम मूल्य बारह सौ पिच्यानवें रुपये का तिरेपन प्रतिशत डिस्काउंट लम सम में सात सौ पचास रुपये क्रेजील पर हमारे खाते में क्रेडिट कर देने का ऑफर दिया ताकि उस राशि को हम क्रेजील से अन्य खरीदारी के वक्त इस्तेमाल कर सकें. जिसे हमने ठुकरा दिया और हमारे बैंक खाते में डालने को कहा तो वोह बड़ी आसानी से राज़ी हो गयी. बाद में उसने मेल के ज़रिये हमारे बैंक डिटेल्स लिए और सात सौ पचास रुपये हमारे बैंक खाते में डाल दिए गए.

हमने उनकी इस धोखाधड़ी को प्रमाण सहित पकड़ लिया था इस कारण हमसे अधिक ली गयी राशि हमें वापिस मिल गयी मगर ज़्यादातर खरीदार तो उनकी धोखाधड़ी का शिकार हो ही गए. क्या क्रेजील सब खरीदारों को ज्यादा वसूली गई राशि खुद आगे बढ़ कर लौटाएगा. नहीं. ऐसा सिर्फ एक उत्पाद के साथ होता हो, ऐसा भी नहीं हैं. दरअसल कोई भी उत्पाद अपने असल मूल्य से कहीं कम कीमत पर सिर्फ उसी दशा में बिकता है जबकि वह डैमेज्ड हो या फिर बिक न रहा हो. यदि ऐसा है तो क्रेजील पर दी जा रही ऑफर्स ऐसी नहीं हैं जो खरीदी जा सकें या फिर क्रेजील भारतीय ग्राहकों को बेवकूफ समझ भारी डिस्काउंट देने का झांसा देकर अधिकतम मूल्य से भी ज्यादा कीमत वसूल रही है तथा  बाजारवाद के इस दौर में भारतीय ऑनलाइन उपभोक्ताओं की जेब पैर करोड़ों रुपये का रोजाना डाका डाल रही है.

जारी…

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. NAAPTOL, EBAY, KART V INKE ALAWA BHI WEBSITES AISA KAR RAHI RAHI HAI. BATATI WO 5000 KA HAI OR FIR USPAR BHARI DISCOUNT DIKHAKAR USKI ACTUAL RATE ME HE DE RAHI HAI.

  2. tejwani girdhar says:

    उपयोगी व सचेत करने वाली जानकारी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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