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इंसानों की नहीं, जानवरों की सुनती है गहलोत सरकार…

By   /  October 30, 2012  /  No Comments

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प्रशासन जागा जानवरों की पुकार पर, शिवकर लिग्नाइट परियोजना मामला…

चन्दन भाटी||

बाड़मेर शहर में कलेक्ट्री के सामने शिवकर लिग्नाइट परियोजना और भूमि अवाप्ति कानून के विरोध में लीगल मित्र के बैनर तले चल रहे धरने की ध्येय वाक्य लाइन देखो मत, बोलो मत, सुनो मत का नारा पिछले आठ दिन से पूरे बाड़मेर जिले के बच्चे बच्चे की जुबान पर है लेकिन प्रशासन धरने के आठवे दिन आयोजित पशु रैली के बाद हरकत में आया दिख रहा है. कल पशु कल्याण बोर्ड के सदस्य मेहरा राम राईका , पशुपालक शम्भू सिंह शिवकर, भाकर सिंह, धौकल सिंह अगोर , किशन सिंह ने धरना स्थल पर पहुँच कर भूमि अवाप्ति से प्रभावित पशु पालकों और उनके पशुओं के अधिकारों के लिए धरने को समर्थन देते हुए पशु रैली का आयोजन किया जिससे प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया.
राइका की अगुवाई शिवकर लिग्नाइट परियोजना से प्रभावित गाँव बाड़मेर आगोर से रैली शुरू हुई जिसमें तकरीबन 1500 भेड़, बकरी, गायें, ऊंट, घोड़े, गधे, आदि पशु शामिल थे. कल पशु रैली की सूचना प्रशासन को मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया था. मौके पर प्रशासन मय पुलिस जाप्ते के पहुंचा और रैली को रोकने का प्रयास किया जिसपर  पशुपालक अपने पशुओं के साथ सड़क किनारे बैठ गए और कलेक्ट्री के सामने चल रहे धरने पर समर्थन में धरनास्थल तक यह रैली जाने देने की प्रशासन से इजाजत मांगी जिसके लिए इजाजत नहीं दी गई. बाद में लीगल मित्र के सचिव रितेश शर्मा, किसान छगन सिंह, पन्ने सिंह शिवकर, खंगार सिंह, द्वारकाराम, जोगराज सिंह  एवं धरनार्थियों का शिष्ट मंडल ने मौके पर जा कर पशुपालकों से समर्थन प्राप्त किया और पशुपालको का धन्यवाद ज्ञापित किया इस पर पशुपालको ने धरनार्थियों को कहा कि पशुपालक जमीन और जानवरों को बचाने के लिए हमेशा साथ रहेंगे !
धरने के मीडिया प्रवक्ता स्वरुप सिंह आगोर ने बताया की प्रशासन की ओर से अधिकारी ने धरने स्थल पर आ कर धरनार्थियों की मांगो के लिए समझाइश की पहल की. बाद में पशुपालकों के साथ धरनार्थियों ने कलेक्टर को अवाप्ति से प्रभावित पशुओं के अधिकारों के लिए ज्ञापन सौपा.  लीगल मित्र के बाड़मेर परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह तारातरा ने बताया कि पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज धरना समाप्त होना था  लेकिन कोई माकूल कार्यवाही नहीं होने के कारण धरने को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया है

लीगल मित्र के कारण टकराव की स्थिति हटी

इस प्रदर्शन के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब धरना स्थल तक पहुंचने की जिद
के चलते किसान सड़क किनारे पर अपने पशुओं के साथ बैठ गये और प्रशासन से मांग करने लगे कि उन्हें कलेक्ट्रेट तक जाने दिया जाए लेकिन लीगल मित्र संस्था के सचिव रितेश शर्मा और अन्य सदस्यों ने मौके पर जा कर पशुपालको से समर्थन प्राप्त किया जिसके कारण शहर में जाम की स्तिथि उत्पन होने से बच  गयी.

इनका मिला समर्थन

धरने पर श्री क्षत्रिय युवक संघ के संघ प्रमुख श्री भगवान सिंह रोलसाबसर, जिला प्रमुख मदन कौर ने धरने पर पहुँच कर समर्थन दिया. रोलसाबसर से धरने पर मौजूद लोगो को कहा कि उनका यह संघर्ष ना केवल जनहितार्थ हैं बल्कि हजारो मवेशियों के लिए नवजीवन का कारन बनेगा उन्होंने कहा कि अनीति और अन्याय का विरोध करना मनुष्य का कर्तव्य हैं जिसका निर्वहन करना चाहिए इसमें आने वाली बाधाओं से डरने की बजाय उनसे लड़कर मूल लक्ष्य की और अग्रसर होना चाहिए.

वहीँ जिला प्रमुख मदन कौर ने भी सरकार से बात करने और भूमि अवाप्ति से किसी के साथ अन्याय ना होने देने का आश्वासन दिया.

 

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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